काकतिया विवि के छात्र जेएसी की बैठक में तनाव
वरंगल। काकतिया विश्वविद्यालय के छात्रों द्वारा आयोजित ज्वाइंट एक्शन कमेटी (जेएसी) की बैठक में उस समय तनाव की स्थिति पैदा हो गई, जब छात्रों ने मादिगा आरक्षण संघर्ष समिति (एमआरपीएस) के अध्यक्ष मंदा कृष्णा मादिगा के भाषण में व्यवधान डाला, जिसके कारण बैठक को स्थगित करना प़डा।
यह ग़डब़ड तब शुरू हुई, जब कृष्णा ‘पोलिकेका’ (प्रात:कालीन दह़ाड) को संबोधित कर रहे थे। छात्रों ने नारेबाजी की और कहा कि कृष्णातेलंगाना आंदोलन में सहयोग नहीं कर रहे हैं, इस पर एमआरपीएस कार्यकर्ताआें ने आपत्ति जतायी। दोनों गुट आपस में उलझ प़डे, जिसके बाद पुलिस को झग़ड रहे गुटों को तितरबितर करने के लिए हस्तक्षेप करना प़डा। स्थिति को भांपते हुए आयोजकों ने आननफानन में बैठक को स्थगित कर दिया। इससे पूर्व छात्र जेएसी के नेताआें ने कहा कि वे तब तक अपना आंदोलन जारी रखेंगे, जब तक कि केंद्र सरकार पृथक तेलंगाना के गठन के लिए संसद में विधेयक पेश नहीं करती। उन्होंने बताया कि बैठक के आयोजन का उद्देश्य तेलंगानावासियों की इच्छा के अनुरूप पृथक राज्य के गठन के लिए दिल्ली के नेताआें पर दबाव बनाना था।
छात्र नेताआें ने तेलंगाना क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों से मांग की कि वे अपने पदों से त्यागपत्र दे दें तथा आंदोलन में शामिल हो जाएं।
तेलंगाना राष्ट्र समिति के प्रो जयशंकर ने कहा कि तेलंगाना आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक केंद्र सरकार इस मुद्दे को समितियों के गठन से मुक्त नहीं कर देती। छात्रों की जेएसी ने उच्च न्यायालय के अपराह्न ३ बजे से शाम ७ बजे तक सभा आयोजित करने की अनुमति के बाद बैठक का आयोजन किया था। बैठकस्थल पर ब़डी संख्या में पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था। पुलिस ने राजनीतिक नेताआें को बैठक में जाने की इजाजत नहीं दी तथा छात्रों को भी पहचानपत्र दिखाने के बाद ही बैठक में जाने दिया गया।
शता] की घोषणा शीघ्र करे श्रीकृष्णा समिति : कोदंडराम
इधर, हैदराबाद मेें तेलंगाना राजनीतिक संयुक्त कार्रवाई समिति (जेएसी) के संयोजक प्रोकोदंडराम ने आज घोषणा की कि अगर कुछ दिनों के भीतर न्यायमूर्ति श्रीकृष्णा समिति के कामकाज की शत] घोषित नहीं की गयीं, तो पृथक तेलंगाना आंदोलन और तेज कर दिया जायेगा।कांग्रेस कार्यकारिणी समिति के सदस्य डॉकेकेशवराव के आवास पर पार्टी के वरिष्ठ नेता केजाना रेड्डी के साथ एक बैठक के बाद संवाददाताआें को संबोधित करते हुए प्रोकोदंडराम ने आरोप लगाया कि न्यायमूर्ति श्रीकृष्णा समिति की शता] की घोषणा में देरी के कारण तेलंगाना क्षेत्र में आत्महत्या करने का सिलसिला जारी है। उन्होंने कहा कि सरकार को समिति द्वारा रिपोर्ट जमा कराने की समयसीमा तय करनी चाहिए अन्यथा तेलंगाना की जनता खामोश नहीं बैठेगी।
प्रोकोदंडराम ने कहा कि समिति का कामकाज केंद्रीय गृहमंत्री पीचिदंबरम द्वारा नौ दिसंबर को जारी बयान के मुताबिक होना चाहिए। उन्होंने समिति के सदस्यों द्वारा समिति के कामकाज की शता] के निर्धारण से पूर्व ही बयान जारी करने पर आपत्ति व्यक्त करते हुए कहा कि सदस्यों को नई दिल्ली में बैठकर इस तरह का बयान नहीं देना चाहिए।
केंद्र सरकार को चाहिए कि वह समिति के कामकाज की शता] का निर्धारण स्वयं करे। उसे इसके लिए समिति के सदस्यों की सलाह लेने की जरूरत नहीं है।
प्रोकोदंडराम ने साफ किया कि शत] अनुकूल नहीं होने पर जेएसी अपना आंदोलन और तेज कर देगी। उन्होंने बताया कि तेलंगाना के कांग्रेस नेताआें ने जेएसी का दामन नहीं छ़ोडा है।
