अतकसगत होने का साहस करो
याकिता को गडबड कर दो। बस, याकिता को पता न चले इस सबका जो कि करना ह। उसे पता मत होने दो आर एक साल में आपकी सारी याकिता टूटफूट जाएगी आर कब या करना ह कुछ भी न समझ पाएगी कि या करना ह। आप अपने अतीत से टूट जो गए । इसलिए इसका योग करें। हर एक क्षण एक योग हो सकता ह। आर आप अचानक एक परिवतन का अपनी चेतना में अनुभव करेंगे। जब कोइ आपका अपमान कर रहा हो, तो हसे आर अनुभव करें कि भीतर या हो रहा ह। यह अनुभव कुछ नया ही । आपने उसे पहले कभी नहीं जाना।
अपनी कपना का उपयोग करें, अपनी सारी कपना को काम में लें, योंकि आपका ढाचा सब से कम कपनाशील। वह बहत परपरावादी व ढिवादी ह। जो म कह रहा ह इसे समझेंवह परपरावादी, ढिवादी ह। आप हमेशा उसी तरह से कोधित हए ह। नइ खोज करें, अपनी कपना का उपयोग करें, सजनामक बनें, आर धारा को गडबड कर दें। जितना अधिक धारा को आप गडबड कर देंगे, उतना ही अधिक आप उसके पार हो जाएगे।
दूसरी बात ह, असामाय उपयोग करना। जो निय ति होने वाला ह, वह न हो। जितना ही आप रोजाना होने वाली बात को होने देते ह, उतनी ही शशािली वह होती जाती ह। अपूवकथनीय हो जाओयह दूसरी बात ह। यदि आपके बारे में पूवकथन सभव ह,तो आप वतु ह, एक य नहीं। जितने ही आप अपूवकथनीय हो जाते ह, उतने ही आप वतुआें में मा एक वतु नहीं रहते। आप एक य हो जाते ह। इसलिए दूसरी बात यह ह कि धारा के वि हो जाओ, अपूवकथनीय, अनडििटेबल। कभी कभी बिकुल निरथक बात करो। खाली तकसगत होने की कोशिश मत करो, योंकि धारा तकसगत ह।
बहत सती से तकसगत। हर चीज परपर जुडी ह। आप अपमान करें, म गुसा होता ह। आप शसा करें, म स होता ह। आप मुझे अछा कहते ह, आर म एक तरह का हो जाता ह, आर आप मुझे बुरा आदमी कहते ह, म बिकुल भि हो जाता ह। येक चीज पूवकथनीय ह। यह तकसगत।
वातव में यदि आप कोधित ह आर म आपको कोध में जवाब नहीं दू, तो आप महसूस करोगे कि कुछ आचयजनक घटित हआ। आप चन से नहीं रह सकेगे। आप चन से नहीं रह पाएगे, योंकि कुछ अतकसगत आ गया। परतु हम ताकिक ससार में रह रहे ह। धारा बडी तकपूण ह, गणित की तरह ह, हर चीज तय ह, निचित ह। उसे अनिचित कर दें। तितरबितर कर दें, अराजकता फला दें। विवस उप कर दें। केवल तभी आप पाशविक परपरा को फेंक सकेंगे। पशु के लिए पूवनिचित हआ जा सकता ह, आर जानवर बडे तकसगत होते ह । पशुव का अतिकमण करने के लिए आपको अतकसगत होने का साहस करना पडेगा, आर वही गहरे से गहरा साहस हमा अतकसगत होना।
