राम नाम ही उतारता है भव सागर से पार
महापुष अकसर कहा करते है कि राम नाम ही चमा है, राम नाम ही सूय है, राम नाम ही अ है आर राम नाम ही मनुय को इस जीवन पी भव सागर से पार उतार सकता है। इस कलयुग में राम नाम ही सुख शाति का माग है आर राम नाम ही इस जीवन पी सागर से पार उतार सकता है। योंकि वास कब पूरे हो जाए यह कोइ नहीं जानता। इसलिए येक मनुय को से मन से राम नाम का जाप करना चाहिए।
ाचीन काल में शबरी, गि व अजामिल का राम नाम ने ही उार किया था। वही काग से कोयल बनाने की क्षमता भी राम नाम में ही है। पानी को मथनी से चलाने पर भले ही घी निकल आए, बालू को मशीन में डालने से भले ही तेल ा हो जाए आर कोइ भी असभव काय भले ही सभव हो जाए, लेकिन राम नाम के सकीतन बिना जीवन पी भवसागर से पार नहीं उतरा जा सकता। राम नाम की भ ा ससग के बिना आर ससग की ा श्रीराम की कपा के बिना नहीं हो सकती। ाचीन काल में ऋषिमुनियों ने भी राम नाम की महिमा का गुणगान किया ह तभी वे भु को पा सके। राम नाम का जाप मनुय को सभी कार के दुखों से मु दिला सकता है योंकि राम नाम में वो अपार श है जिसका कोइ अनुमान नहीं लगा सकता है।
सकीतन करके भगवान को रिझाने की परपरा इसी काल से शु हइ थी, जो कि आज भगवान को ा करने का सबसे उाम राता ह। यार किया नहीं जाता, हो जाता ह। यार की आस, भगवान के चरणों में लगाइ जाए तो मनुय मोक्ष ा कर सकता है। तो हमें भी जद से जद राम नाम का जाप शु कर देना चाहिए जिससे आगे जाकर हमारा भी उार हो सके आर हमें राम का नाम भव सागर से पार उतार सके।
