वैज्ञानिक खोजों से बचना मुश्किल
पिछले दिनों ‘स्वतंत्र वार्ता’ में प्रकाशित ‘ईश्वरीय विधान’ संबंधी लेख प़ढने को मिला। परिवर्तन जीवन का नियम है। जीवन/प्रकृति में नित नये बदलाव हो रहे हैं। हम उससे अछूते नहीं रह सकते, क्योंकि बदलाव की धारा को अपने तरीके से बदला नहीं जा सकता है।
विज्ञान का अर्थ है विशेष ज्ञान, इसने मानव जाति के कार्यव्यवहार, सुखसुविधाआे और सोच में क्रांतिकारी परिवर्तन लाया है। देश व विदेश में वैज्ञानिक शोध कार्य में लगे हैं, उनसे नई चीज उपज रही है, उनसे बचा नहीं जा सकता। उन्हें अस्वीकार कर देना हमारे हाथ में नहीं है। विज्ञान, भौतिक जगत की वस्तु है और अध्यात्म हमें यह सिखाता है कि हम क्या हैं और हमें क्या करना चाहिए। वैज्ञानिक अनुसंधान इन सीमाआे से परे है, क्योंकि उसमें निरंतर खोज की प्रवृत्ति निहित होती है।
गजानन पांडेय, हैदराबाद
