अमर सिंह का इतीफा
समाजवादी पार्टी के महासचिव अमर सिंह ने पार्टी के सभी पदों से इतीफा दे दिया है। दुबइ से फस पर पार्टी अयक्ष मुलायम सिंह यादव को भेजे गये अपने इतीफे में उहोंने महासचिव पद के साथ पार्टी वता तथा पार्टी के ससदीय बोड की सदयता के पद का भी परियाग कर दिया । उनका कहना ह कि वह पार्टी के साधारण कायकता बने रहेंगे, किंतु वाय सबधी कारणों से अब जिमेदारी के पदों का निवाह नहीं कर सकते।
अमर सिंह ने अपने इतीफे का कारण वाय को अवय बताया ह, किंतु इतीफे का वातविक कारण पार्टी अयक्ष के साथ उनका बढता मतभेद ह। पिछले चुनावों में पार्टी की पराजय के लिए कायकताऔ के बीच पार्टी नेतव की गहरी आलोचना चल रही है। कायकता इसके लिए मुलायम सिंह यादव से यादा अमर सिंह को दोषी ठहरा रहे ह। इसलिए अब मुलायम सिंह यादव ने अमर सिंह को महव देना कम कर दिया है।
अभी उतर देश में विधान परिषद के चुनावों के लिए उमीदवारों के चयन में अमर सिंह को कम महव दिया जा रहा है । उनके द्वारा परिषद की उमीदवारी के लिए सुझाए गये नामों को किनारे कर दिया जा रहा ह। यपि मुलायम सिंह का कहना ह कि अमर सिंह का यह कोइ पहली बार इतीफा नहीं है। वह आएगे, तो उनके साथ बठकर बातचीत होगी। उहें विवास ह कि बातचीत के बाद अमर सिंह इतीफा वापस ले लेंगे।
अब वह इतीफा वापस ले लेंगे या नहीं लेंगे, यह दीगर बात है, किंतु इतना तो तय ह कि मुलायम सिंह यादव आर अमर सिंह के आपसी सबध अब पहले जसे नहीं रह गये ह। मुलायम सिंह यादव दोती निभाने के कायल है, किंतु पार्टी में अमर सिंह को लेकर जिस तरह का असतोष यात ह, उसे देखते हए अब मुलायम सिंह यादव अमर को उतनी छूट नहीं दे सकते, जितनी उहोंने पहले दे रखी थी। देखना ह इन दोनों सिंहों के सबधों की कहानी का अतिम पटक्षेप किस तरह होता है।
