िववाह के पूव कुछ ना छुपाए
पतीस वर्षीय मिथुन के लिए जब सोनम का रिता आया तो परिथितिया कुछ ऐसी बन गइ कि मिथुन के घर वाले सोनम आर उसके परिवार के बारे में यादा जानकारी नहीं ले पाए। मिथुन के पिता बितर पर थे आर उसकी शादी उनकी आखिरी इछा थी।
उधर सोनम के िपता नहीं थे आर उसके भाइ ने मिथुन के घरवालों को इस तरह से भावनामक जाल में घेरा कि वे जब तक समझ पाते, तब तक सोनम की बडी बहनों ने मिलकर इस रिते पर सगाइ की मोहर लगा दी जबकि सोनम के परिवार के बारे मेे मिथुन के परिवार को कोइ जानकारी नहीं थी।
फिर भी परिवार अछा ह, ये सोचकर शादी निचित कर दी गइ। जाहिर ह शादी भी आननफानन में ही हइ। शादी के कुछ ही दिनों बाद मिथुन ने सोनम के पास दवाइयों का एक बसा देखा तो पूछा कि वह किस चीज की दवाइया ले रही ह।
सोनम ने बात को यह कहकर टाल दिया कि ये तो साधारण दवाइया ह आर जसे ही वह कुछ दिनों बाद मायके गइ, दवाइयों का वह बास वहीं छोड आइ। उसे वापस आए एक महीना भी नहीं बीता होगा कि उसकी तबीयत गडबडाने लगी। डाटर को दिखाया तो पता चलने पर मिथुन के परिजनों के तो परों तले से जमीन खिसक गइ।
छुपाए नहीं मेडिकल िहटी
सोनम को ओवेरियन सेशन में टीबी का टयूमर था, जो इतना गहरा आर फला हआ था कि बाद में डाटस ने भी उसे निकालने से मना कर दिया यह बात सोनम सहित उसके सारेे परिवार वालों को मालूम थी, लेकिन मिथुन व उसके परिजनों से छुपाइ गइ। आज इस बात को चार साल बीत चुके हसोनम का अब भी इलाज चल रहा ह।
हालाकि एक सदय इसान होने के कारण मिथुन ने उसके खिलाफ कोइ कदम नहीं उठाया आर बाकायदा ससमान इस रिते को निभा रहा ह। लेकिन उसके भविय पर एक नचि जर लग चुका ।
इसके बिलकुल उलट पिछले दो सालों से एकदूसरे के परिचित शोभा तथा कुणाल ने जब विवाह बधन में बधने की तयारी की तो उनकी लिट में सबसे पहली ाथमिकता दोनों का मेडिकल चेकअप था। उन दोनों ने तथा उनके परिवारों ने भी इस बात पर सहमति दी आर समझदारी से निणय लेते हए कुडली मिलाने की बजाए मेडिकल रिपोटस के मिलने पर जोर दिया।
साथ ही शोभा तथा कुणाल दोनों के ही परिजनों की भी मेडिकल हिटी के बारे में सभी ने साथ बठकर बात की। जहा शोभा के पिता ने यह बात कही कि उनके परिवार ने भी इस बात को सहजता से वीकार किया कि उनके परिवार में पिछली दो पीढिया दय रोग से पीडित ह।
कुणाल आर शोभा दोनों ने इन बातों को समझदारी से सुना आर इस बारे में डाटर की सलाह भी ली। डाटर ने उन दोनों को पूरी तरह वथ होने का सटिफिकेट दिया आर यह भी कहा कि उन दोनों के ही परिवार की आनुवाशिक बीमारियों से वे बचे रह सकते ह यदि वे उचित खानपान, यायाम तथा वथ लाइफटाइल को अपनाए। अब हर चीज आइने की तरह साफ थी आर कुणाल तथा शोभा दोनों खुशीखुशी विवाह बधन में बध गए।
ये दोनों ही उदाहरण हमारे आसपास के ही ह। पहले में जहा नासमझी आर थोडीसी असावधानी जिंदगी भर के लिए दुख बन गइ वहा दूसरे उदाहरण में दापय जीवन की नींव आर मजबूत हो गइ आर न केवल दापय जीवन की बकि दो परिवारों के बीच की नींव भी सुыढ हो गइ।
मुा यही कि विवाह के पहले यदि चिकिसकीय से वरवधू तथा उनके परिवार अपने बारे में एकदूसरे को खुलकर बता दे तथा चिकिसकीय परीक्षण के बाद इस बधन में बधने का इरादा करें, तो शायद जिंदगी भर वे सुरक्षित रह सकते ह।
जहा तक बात दुघटना या ासदी की ह, वह किमत पर निभर करता ह आर उस दशा में तो बकि ेम, समपण तथा याग की भावना आर भी उभरकर सामने आती ह, लेकिन जानबूझकर मखी निगलना गलत ह। ऐसे में विवाह के पूव वरवधू के साथ ही उनके परिवारों की चिकिसकीय कुडली का मिलना भी आवयक ह।
आजकल यह चलन महानगरों के अलावा छोटे शहरों तथा कबों में भी तेजी से बढ रहा ह, जहा विवाह पूव चिकिसकीय कुडली मिलाना जरी समझा जाता ह। यह एक अछी मिसाल ह। यदि आपके परिवार में भी कोइ विवाह तय होने जा रहा ह, तो इन बिदुआें पर जर यान दें।
* समझदारी के साथ दोनों ही परिवार अपनी मेडिकल हिटी या चिकिसकीय इतिहास को एकदूसरे से बाटे ताकि आने वाले दिनों में कोइ भी बात रिता तोडने की वजह न बन पाए।
* लडकालडकी दोनों की पूरी चिकिसकीय जाच करवाए तथा डाटर से उनकी फिटनेस का माणप लें, तभी आगे बात बढाए, योंकि आपकी एक छोटीसी गलती उन दोनों के लिए अनजाने में भी जीवनमरण का न बन सकती ह।
* लडकालडकी वय से जुडी परेशानिया भी छुपाए नहीं, प कर दें ताकि सबधों की सुыढता भी बनी रहे।
* यदि कोइ एक पक्ष इस तरह के कुडली मिलान को अपनी हेठी या अपमान मानकर आकोश में आए तो उसे सयत लहजे में इस बात का महव समझाए। यदि वह अपने बे का भला चाहता ह, तो उसे सहमत होते देर नहीं लगेगी।
* आर अत में सबसे जरी बात, जहा भी आपको लगे कि मेडिकल जाच का नाम आते ही सामने वाला पक्ष टालमटोल की थिति में आ जाता ह, तुरत सतक हो जाए।
याद रखिए, रिते विवास की नींव पर ही बनते आर टिके रहते ह। यदि पहले चरण में ही आपने विवास खो दिया तो जिंदगी भर का साथ कसे निभाएगे। इसलिए किसी की भी जिंदगी के साथ खिलवाड करने से बचें।
