मुंबई। मुंबई हमलों का आरोपी पाकिस्तानी बंदूकधारी अजमल कसाब अपने ऊपर चल रहे मुकदमें के दौरान मराठी भाषा सीख गया।
अदालत के कर्मचारियों ने उसकी तबियत के बारे में पूछा, जिसका जवाब कसाब ने मराठी भाषा में 'नाहि, नाहि, ताप नाहि' [नहीं, नहीं, मुझे बुखार नहीं है] बोल कर दिया। मई में मुकदमा शुरू होने के बाद से ही कसाब अदालत की कार्रवाई को बारीकी से सुनता है, जो मराठी और अंग्रेजी में होती है। कार्रवाई के दौरान गवाह, वकील और न्यायाधीश कई बार मराठी का उपयोग करते हैं।
कसाब ने विशेष लोक अभियोजक उज्जवल निकम से मराठी भाषा के पहले शब्द सीखे। निकम अदालत की सुनवाई के बाद कसाब से कहते थे 'तुम्ही निघुन जा' [तुम जा सकते हो]। अब कसाब कई बार भोजनावकाश के पूर्व निकम से कहता है 'तुम्ही निघुन जा'।
मुंबई हमलों के एकमात्र जीवित आतंकी कसाब को कई बार विशेष न्यायाधीश एमएल तहिलयानी से 'सुप्रभात' कहते हुए भी सुना जा सकता है। निकम ने कहा कि कसाब बहुत होशियार है और बहुत जल्दी चीजों को सीखता है। 26/11 के साजिशकर्ताओं द्वारा उसे दिए गए सैन्य प्रशिक्षण का संभवत: इससे कोई संबंध है। उन्होंने कहा कि कसाब का मन भी बदलता रहता है।
उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन पर उसने अपने वकील से पूछा कि क्या कोई लड़की उसे राखी बांधने आएगी, जबकि एक अन्य दिन उसने मटन बिरयानी की मांग की।
हालांकि अमूमन कसाब को कटघरे में चुपचाप बैठा हुआ देखा जा सकता है। इस दौरान वह किसी की ओर देखता भी नहीं है। कटघरे में कसाब के साथ दो और आरोपी, फहीम अंसारी और सबाउद्दीन अहमद भी खड़े रहते हैं। कटघरे के दोनों ओर चार कांस्टेबल खड़े रहते हैं, जो अदालत में असामान्य सा दृश्य है। कसाब को अदालत लाने के दौरान भी उसके साथ आठ से 10 सुरक्षाकर्मी मौजूद रहते हैं
