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राठौर पर चाकू से हमला

Swatantra Vaartha  Tue, 9 Feb 2010, IST

rathor attack राठौर पर चाकू से हमला

चंडीग़ढ। बहुचर्चित रुचिका मामले में दोषी करार दिए गए हरियाणा के पूर्व पुलिस महानिदेशक एसपीएस राठ़ौर पर आज पत्रकार के रूप में मौजूद प्रतिष्ठित संस्थान एनआईडी के एक छात्र ने यहां स्थानीय अदालत के बाहर चाकू से हमला किया, जिसमें वह घायल हो गए। राठौर (६८ वर्षीय) की हालत स्थिर बतायी गयी है। वह रुचिका मामले में छह माह की सजा सुनाए जाने के खिलाफ अपनी अपील की सुनवाई के सिलसिले में सुबह अदालत आए थे। भोजनावकाश के बाद राठौर क़डी सुरक्षा के बीच छ़डी के सहारे अदालत में आए।

उनके दाएं गाल में पट्टी बंधी हुयी थी। हमलावर के बारे में कहा जा रहा है कि वह मानसिक समस्या से ग्रसित है और वह ‘मूड डिसआर्डर सिंड्रोम’ से पी़डत है। हमलावर की पहचान वाराणसी के २९ वर्षीय उत्सव शर्मा के रूप में हुयी है। वह राष्ट्रीय डिजाइन संस्थान (एनआईडी) अहमदाबाद का छात्र है। शर्मा संस्थान से एनिमेशन और फिल्म डिजाइन में स्नातकोत्तर डिप्लोमा का कोर्स कर रहा है। हमलावर को गिरफ्तार कर उससे पूछताछ की जा रही है।

राठौर सुबह की कार्यवाही के बाद जैसे ही जिला अदालत परिसर से बाहर आए, मीडियाकर्मियों के साथ ख़डे हमलावर ने चाकू से तीन बार उनके दाएं गाल पर हमला किया। वह फ्रीलांसर पत्रकार के रूप में वहां था और उसके पास एक कैमरा था। वह अपने हावभाव से जता रहा था कि उसे राठौर की तस्वीरें लेनी है।पूर्व पुलिस महानिदेशक ने कार में बैठने से पहले अपने घाव को रुमाल से ढक लिया। उसने पूर्व पुलिस महानिदेशक की बांह पर भी वार करने की कोशिश की, लेकिन मौजूद पुलिसकर्मियों ने उस पर काबू पा लिया। शोरशराबे के बीच उसने अदालत से भागने की कोशिश की, लेकिन पुलिसकर्मियों ने उसे पक़ड लिया।इस बीच, चंडीग़ढ के एसएसपी एसएस श्रीवास्तव ने संवाददाताआें को बताया कि वह मानसिक रूप से असंतुलित लग रहा है। हम हमले के मकसद का पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं। पुलिस सूत्रों ने बताया कि राठौर को सेक्टर १६ स्थित राजकीय अस्पताल ले जाया गया, जबकि युवक को नजदीक के सेक्टर १७ के थाने ले जाया गया। श्रीवास्तव ने बताया कि उत्सव अच्छे घर से है और उसके मातापिता दोनों प्रोफेसर हैं।

उत्सव के पिता प्रोएसके शर्मा ने कहा कि उनका पुत्र एक मेधावी छात्र है और यह पता करना होगा कि उसके दिमाग में क्या है। उसे ऐसा नहीं करना चाहिए था। उसे अपने हाथों में कानून नहीं लेना चाहिए था।

रुचिका के परिवार के वकील पंकज भारद्वाज ने कहा कि राठौर पर हमला दुर्भाग्यपूर्ण है। राठौर पर हुए हमले पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए रुचिका छ़ेडछ़ाड मामले की चश्मदीद गवाह आराधना ने लोगों से कहा कि वे कानून अपने हाथ में लेने से बचें।

उधर, एनआईडी के निदेशक प्रद्‌युम्न व्यास ने कहा, ‘एनआईडी छात्र के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज होने की स्थिति में संस्थान निर्दिष्ट नियमों के मुताबिक उसके खिलाफ कार्रवाई करेगा।’ एनआईडी के प्रवक्ता समीर मोरे ने कहा, ‘युवक की पहचान उत्सव शर्मा के तौर पर की गयी है। युवक हमारे संस्थान से एनिमेशन और फिल्म डिजाइन में स्नातकोत्तर डिप्लोमा कर रहा है। मोरे ने कहा, ‘शर्मा ने दो साल का पाठ्‌यक्रम पूरा कर लिया है, लेकिन उसने अनिवार्य इंटर्नशिप पूरी नहीं की है, इसलिए उसे डिप्लोमा का प्रमाणपत्र नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि अधिकारी शर्मा की पृष्ठभूमि का पता लगा रहे हैं।

रुचिका मामले की बंद कमरे में सुनवाई करने के आदेश

इस बीच, एक स्थानीय अदालत ने आज हरियाणा के पूर्व पुलिस महानिदेशक एसपीएस राठौर की याचिका पर रुचिका गिरहोत्रा छ़ेडछ़ाड मामले में बंद कमरे में कार्यवाही शुरू करने के आदेश दिए। राठौर ने याचिका में रुचिका मामले में अपने को सुनाई गई छह माह कैद की सजा के फैसले को चुनौती दी है। बंद कमरे में कार्यवाही शुरू करने का फैसला अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजशेखर अत्री द्वारा किया गया, जिन्होंने राठ़ौड की याचिका पर पिछली बार सुनवाई के लिए आज से तीन दिन निर्धारित किए थे।

अत्री ने अदालत में मौजूद मीडियाकर्मियों से बाहर चले जाने को कहा, ताकि वह बंद कमरे में कार्यवाही की शुरुआत कर सकें। अदालत ने कक्ष के बाहर एक बोर्ड भी लगवा दिया, जिसमें लिखा है कि मामले की बंद कमरे में सुनवाई हो रही है।

राठ़ौड ने पिछले साल २१ दिसंबर को सीबीआई के विशेष न्यायाधीश जेएससंधु द्वारा इस मामले में खुद को सुनाई गई छह माह की कैद और एक हजार रुपये के जुर्माने के फैसले के खिलाफ अपील दायर की है। चौदह वर्षीय टेनिस खिल़ाडी रुचिका के साथ छ़ेडछ़ाड की घटना अगस्त, १९९० में हुई थी, जिसने अपने परिवार को राठौर द्वारा कथित रूप से प्रता़डत किए जाने के बाद आत्महत्या कर ली थी।

सीबीआई ने अदालत से राठौर को अधिकतम दो साल कैद की सजा दिए जाने का आग्रह किया है। सीबीआई न्यायाधीश ने राठौर को रुचिका के साथ छ़ेडछ़ाड के मामले में पूर्व आईपीएस अधिकारी को दोषी ठहराया था।

राठौर द्वारा फैसले के खिलाफ १३ जनवरी को दायर की गई अपील स्वीकार कर लिए जाने के बाद उन्हें जमानत मिल गई थी।

‘क्रास’ अपीलों पर सुनवाई कर रहे अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने दोनों याचिकाआें को सुनवाई के लिए एक साथ सूचीबद्ध कर दिया, जिन पर आज से सुनवाई हो रही है। राठौर और उनकी वकील पत्नी आभा, शिकायतकर्ता मधु प्रकाश के पति आनंद प्रकाश और प्रकाश गिरहोत्रा के पारिवारिक वकील पंकज भारद्वाज अदालत कक्ष में मौजूद थे।

मधु प्रकाश रुचिका छ़ेडछ़ाड मामले की चश्मदीद गवाह अनुराधा की मां हैं। १२ अगस्त, १९९० को जिस समय रुचिका के साथ छ़ेडछ़ाड हुई, उस समय राठ़ौड पुलिस महानिरीक्षक थे। बाद में वह पुलिस महानिदेशक बने और २००२ में सेवानिवृत्त हो गए।

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