
हिंसा छोडकर वारता करें नसली
सरकार किसी भी मुददे पर बातचीत को तयार : चिदमबरम
कोलकाता, ९ फरवरी (भाषा)। नसली हिंसा से पीडित पूर्वी रायों के मुक्यामंत्रियों की एक महवपूण बठक के बाद पुरकार एव दड की नीति के साथ के ने आज कहा कि वह माओवादियों के साथ वाता को तयार है , बशर्ते वे हिंसा रोके। इस बठक में बिहार आर झारखड के मुयमी नीतीश कुमार तथा शिबू सोरेन शामिल नहीं हुए।
गहमी पी चिदबरम ने कहा, ‘नसल भावित रायों की बिनाह पर आर बठक में भाग लेने वाले सभी मुयमयाेिं की ओर से मेरी सभी नसलियों से अपील ह कि यदि आप हिंसा छोड देते है, तो हम किसी भी मुददे पर आपसे बात करने को तयार है, हम आपसे अधिक कुछ करने को नहीं कह रहे है।’
उहोंने कहा, ‘दुभायवश पिछली अपीलों को ठुकरा दिया गया। इसलिए जब तक नसली हिंसा में सलित रहते है, हम आपरेशन जारी रखने को बाय है।’ वह नसली भावित रायों के मुयमयाेिं की बठक के बाद सवाददाताआें से बातचीत कर रहे थे। इस बठक में बिहार आर झारखड के मुयमी कमश: नीतीश कुमार आर शिबू सोरेन ने भाग नहीं लिया था। नीतीश कुमार ने पटना में सवाददाताआें से कहा कि वह लबे समय तक पटना से बाहर नहीं जा सकते थे, योंकि आज राय कबिनेट की बठक थी। सोरेन ने अपनी बीमारी का हवाला दिया आर बठक में शामिल होने में असमथता जाहिर की तथा अपने दो उपमुयमयाेिं को बठक में भेजा था। रेल मी ममता बनर्जी के कारण बठक से नीतीश कुमार के दूर रहने की रिपोटा] की पठभूमि में चिदबरम ने उनकी गर माजूदगी को टालने का यास किया। चिदबरम ने कहा कि नीतीश कुमार ने उहें रविवार को दिली में बता दिया था कि उनका पूव निधारित कोइ कायकम ह आर सभव ह कि वह कोलकाता बठक में शामिल न हो पाए। उहोंने कहा कि उनके वरिठ अधिकारी यहा ह। माओवादी मुे पर विचारविमश के लिए या तो म पटना जा सकता ह या वह दिली आ सकते है। यह कोइ मुा नहीं है।
नसली मुे पर गहमी ने कहा , ‘शत यही ह कि माओवादियों को हिंसा रोकनी होगी। गहमी ने कहा, ‘ये अभियान जारी रहेंगे आर मुझे विवास ह कि अगले छह महीने में गति होगी।’ उहोंने कहा कि हम इसे पट कर चुके ह कि इन अभियानों का मकसद किसी को मारना नहीं ह। वे हमारे अपने लोग ह। हमें उनकी चिंता ह, उनकी जान की चिंता है।’
नसलियों के खिलाफ अभियान में भावित रायों को एकदूसरे से समवय थापित करने में मदद देने के मकसद से केीय गह मालय ारा बुलायी गयी बठक निधारित समय से एक घटा देरी से शु हो सकी, योंकि उडीसा के मुयमी नवीन पटनायक देरी से पहचे। बठक में पचिम बगाल के मुयमी बुदेव भाचाय ने भी भाग लिया।
बिहार के मुयमी के बयान के बारे में पूछे जाने पर चिदबरम ने कहा कि अकेले बल योग से समया हल नहीं होगी। हम सभी इस पर सहमत है। लेकिन हिंसा पर काबू पाने के लिए आर नागरिक शासन की पुन: थापना के लिए, बल योग जरी ह।’ नीतीश कुमार ने कहा था कि माओवादी समया को बल योग के जरिए नहीं सुलझाया जा सकता।
चिदबरम ने कहा यदि माओवादी हिंसा नहीं रोकते है, तो सरकार को उनके खिलाफ सावधानीपूवक, नियति तरीके से आर ठोस अभियान जारी रखना चाहिए। सोरेन ने बठक में भाग लेने के लिए अपने दो उप मुयमयाेिं रघुबर दास आर सुदेश महतो को भेजा था, जबकि बिहार सरकार का तिनिधिव उसके गह सचिव अमीर सुभानी आर डीजीपी आनद शकर ने किया।
बठक में माओवादियों से निपटने के लिए अपनायी जा रही नीति आर पडोसी रायों के बीच समवय पर यापक विचारविमश किया, योंकि नसली कइ बार एक राय में हिंसा को अजाम देकर दूसरे राय में भाग जाते है।
चिदबरम ने नसली हिंसा भावित चार रायों से कहा जब तक हिंसा जारी ह, अभियान भी जारी रहेगा। मुझे उमीद ह कि छह महीने में हम कुछ सकारामक नजीजों के साथ आपके सामने होंगे।
हालाकि उहोंने कहा कि अभियान का मकसद किसी को मारना नहीं ह, बकि इसका लय नागरिक शासन को पुन: थापित करना आर माओवादियों के भाव वाले इलाकों को पुन: हासिल करना है।
गहमी ने कहा कि हम गति कर रहे है, जो धीमी है, लेकिन सतत ह आर हम इसे जारी रखेंगे। यह कोइ किकेट के कोर बोड की तरह नहीं है, जहा आपको हर ओवर में परिणाम मिलते ह। चिदबरम ने कहा कि दक्षिणी बिहार, उार देश आर उडीसा में माओवादी विरोधी अभियान के दारान एक पोलित यूरो सदय आर दो जोनल नेताआें समेत तीन महवपूण नसली नेताआें को गिरतार किया गया।
इस बठक में सीआरपीएफ मुख विकम श्रीवातव , अतिरित सचिव (गह) डीआरएस चाधरी, अतिरित निदेशक (आइ बी) पीमहो, सयुत सचिव (गह) कमीर सिंह तथा सुरक्षा सलाहकार बिगेडियर डी एस डडवाल ने भी हिसा लिया।
