तेलंगाना बंद का मिलाजुला असर
हैदराबाद। पृथक राज्य की मांग पर गठित श्रीकृष्णा समिति के कार्यक्षेत्रों के विरोध में उस्मानिया विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों के आज बंद के आह्वान के बाद तेलंगाना में आम जनजीवन आंशिक रूप से प्रभावित हुआ। कुछ स्थानों पर आंध्र प्रदेश स़डक परिवहन निगम की सेवाएं भी प्रभावित हुईं। उस्मानिया विश्वविद्यालय की संयुक्त कार्रवाई समिति (जेएसी) के विद्यार्थियों ने तेलंगाना में शिव मंदिर से लौट रही बसों का रास्ता नहीं रोका। शिवरात्रि के मौके पर कल कई श्रद्धालु इस मंदिर में दर्शन के लिये आये थे। बंद के आह्वान का दुकानों, कारोबारी प्रतिष्ठानों और शैक्षणिक संस्थानों पर आंशिक असर प़डा।
पृथक तेलंगाना राज्य की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन में अहम भूमिका निभा रहे उस्मानिया विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने इस मुद्दे पर केंद्र की ओर से गठित समिति के एजेंडे की कल घोषणा होने के बाद बंद का आह्वान किया था। विद्यार्थियों ने कहा कि समिति को अखंड आंध्र प्रदेश की मांग पर भी ध्यान देने को कहना तेलंगाना के लोगों के साथ धोखा है।
उधर, तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) तेलंगाना संयुक्त कार्रवाई समिति (जेएसी) के अनुरोध पर अपने निर्वाचित प्रतिनिधियों को इस्तीफे देने के अपने निर्देश को फिलहाल स्थगित रखने पर आज राजी हो गयी। विधानसभा में टीआरएस नेता ईराजेंद्र से भेंट के बाद जेएसी के संयोजक एमकोदंडराम ने पत्रकारों से कहा कि श्रीकृष्णा समिति के कार्यक्षेत्र को अनुकूल न पाकर सभी टीआरएस विधायकों ने पहले ही इस्तीफा देने का निर्णय ले लिया था, लेकिन अब वे अपने इस फैसले को स्थगित करने पर राजी हो गए हैं। राजेंदर ने कहा, ‘हमने कल विधानसभा अध्यक्ष से मिलने का समय लिया है।
