सकती है भारतपाक वार्ता
नई दिल्ली। पुणे में हुए विस्फोट की छाया भारत और पाकिस्तान के बीच आगामी विदेश सचिव स्तर की वार्ता पर प़डने की आशंका है, क्योंकि यह घटना सरकार के लिए ब़ढते विरोध के बीच वार्ता पर आगे ब़ढने में मुश्किलें पैदा करने वाली है।
दरअसल, २५ फरवरी की वार्ता से पहले सरकार द्वारा हालात का जायजा लेने और विस्फोट के पीछे किसका हाथ था, इस बारे में जांचकर्ताआें के किसी नतीजे पर पहुंचने के बाद ही इस कदम के बारे में सभी गुणों और दोषों पर विचार किये जाने की उम्मीद है। फिलहाल, सरकारी सूत्रों ने कहा है कि वार्ता की तारीख में कोई बदलाव नहीं हुआ है और इस बारे में कुछ भी कहने के लिए जांच कार्य के पूरा होने का इंतजार किया जा रहा है। वहीं, इस बात की ओर इशारा किया गया है कि जांच कार्य के पूरा हो जाने पर सरकार आगामी वार्ता के संदर्भ में हमले के मुद्दे पर चर्चा करेगी।
मुंबई में हुए २६/११ आतंकवादी हमलों के बाद से कल पुणे में हुआ पहला आतंकवादी हमला भारत और पाकिस्तान के नई दिल्ली में विदेश सचिव स्तरीय वार्ता के लिए सहमत होने के दो दिनों बाद हुआ। श्री कृष्णा ने कहा कि आतंकवादी भय पैदा करना चाहते हैं और संशय की स्थिति पैदा करने के प्रयास में हैं।
उन्होंने कहा कि हम इस तरह की कार्रवाई से भयभीत नहीं होंगे। विस्फोट की घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए विदेश मंत्री ने कहा कि भारत आतंकवाद की इस तरह की गतिविधियों का विरोध करता रहेगा। उन्होंने कहा कि भारत आतंकवाद की उस काली छाया से भलीभांति परिचित है, जो विभिन्न देशों के बीच शांति और सौहार्द को भंग करना चाहते हैं।
उल्लेखनीय है कि कल शाम पुणे के कोरेगांव पार्क स्थित जर्मन बेकरी नामक रेस्तरां में हुए विस्फोट में नौ लोग मारे गये थे और ५७ लोग घायल हो गये थे।
