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पेट्रोलडीजल की कीमतों में फिलहाल वृद्धि नहीं

Swatantra Vaartha  Mon, 15 Feb 2010, IST

पेट्रोलडीजल की कीमतों में फिलहाल वृद्धि नहीं

नई दिल्ली। संप्रग सहयोगियों के क़डे विरोध के बीच केंद्रीय वित्तमंत्री प्रणव मुखर्जी और पेट्रोलियम मंत्री मुरली देव़डा ने ईंधन की कीमतों पर ब़ढोत्तरी की चर्चा की, लेकिन ऐसा लगता है कि दोनों इस बारे में किसी सहमति पर नहीं पहुंचे। इससे कीमतों में तत्काल ब़ढोत्तरी की संभावना नहीं लगती है। एक घंटे तक चली बैठक के बाद देव़डा ने संवाददाताआें से कहा, ‘इस बारे में कोई फैसला नहीं किया गया।’

पेट्रोल, डीजल, घरेलू एलपीजी और किरोसिन को आयात मूल्य से कम भाव पर बेचे जाने से सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों को ४५,५७१ कऱोड रुपये का नुकसान हो रहा है। कंपनियों को होने वाले नुकसान को देखते हुए किरीट पारेख समिति ने ईंधन (डीजलपेट्रोल) की कीमतों को सरकारी नियंत्रण से मुक्त करने का सुझाव दिया है। पिछले सप्ताह, तृणमूल कांग्रेस और द्रमुक के क़डे विरोध के बीच पेट्रोलियम मंत्रालय पेट्रोल समेत अन्य ईंधनों की कीमतों में ब़ढोत्तरी का प्रस्ताव कैबिनेट के समक्ष नहीं रख पायेथे।

पेट्रोलियम सचिव एस सुंदरेशन ने देव़डा, मुखर्जी मुलाकात के बारे में कहा, ‘बैठक तेल विपणन कंपनियों को होने वाले नुकसान से उबारने और उससे संबंधित किरीट पारेख समिति की सिफारिशों को लेकर थी, लेकिन इस बारे में कोई फैसला नहीं हुआ।’

सूत्रों के अनुसार फैसले को लंबित देख देव़डा चाहते थे कि सरकार लागत से कम कीमत पर पेट्रोल, डीजल, घरेलू एलपीजीऔर किरोसिन की बिक्री से इंडियन आयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम को होने वाले ३१,५७४ कऱोड रुपये के नुकसान की भरपाई करे, लेकिन मुखर्जी पूर्व में किये गये १२,००० कऱोड रुपये से अधिक राशि देने पर सहमत नहीं हुए। बैठक में इस बारे में कोई फैसला नहीं हो सका कि ईंधन की कीमतों में कितनी ब़ढोत्तरी की जाये, जो सत्ताऱूढ संप्रग के सभी घटक दल को स्वीकार्य हो। सूत्रों के अनुसार देव़डा की राय थी कि कीमतों में मामूली ब़ढोत्तरी से तेल कंपनियों को होने वाले राजस्व नुकसान की भरपाई में मदद मिलेगी, लेकिन सरकार को चालू वित्त वर्ष में कंपनियों को हुए नुकसान के बारे में तत्काल कोई फैसला करना चाहिए।

सूत्रों का कहना है कि मुखर्जी और देव़डा दोनों पेट्रोल और डीजल की कीमत में दो से तीन रुपये तथा एलपीजी मामले में २५ रुपये प्रति सिलेंडर की ब़ढोत्तरी के पक्ष में हैं, लेकिन सहयोगी दल नहीं चाहते हैं कि डीजल, एलपीजी और किरोसिन की कीमतों में किसी प्रकार का बदलाव किया जाये, इसीलिए दोनों ने इस फैसले को फिलहाल टाल दिया है।

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