उविवि में फिर घमासान
हैदराबाद। तेलंगाना क्षेत्र आज फिर किसी सुलगते हुए ज्वालामुखी की तरह फूट प़डा। पृथक राज्य समर्थकों ने आज क्षेत्र के विभिन्न जिलों में मंत्रियों तथा विधायकों के आवासों को निशाना बनाया, वहीं उस्मानिया विश्वविद्यालय परिसर में छात्रों व पुलिस के बीच जोरदार झ़डप हुई, जिसमें पुलिस पर छात्रों के लगातार पथराव के बाद पुलिस ने भी छात्रों पर जमकर लाठियां बरसायीं।
रविवार की रात छात्रों पर पुलिस लाठीचार्ज के बाद उस्मानिया विश्वविद्यालय परिसर में स्थिति विस्फोटक हो गयी थी। छात्रों ने आज विधानसभा परिसर को घेरने के लिए जुलूस निकालने का प्रयास किया, किंतु रैपिड एक्शन फोर्स तथा सीआरपीएफ के जवानोंसहित पुलिसकर्मियों ने छात्रों के इस कूच के प्रयास को विफल कर दिया। गुस्साये छात्रों ने अपने मन की भ़डास पुलिस पर पथराव करके निकाली, जिसके परिणामस्वरूप बहुत से पुलिसकर्मी घायल हो गये।
छात्रों का पथराव निर्बाध जारी था, जिसके बाद पुलिसकर्मियों ने छात्रों को खद़ेडा और उन पर लाठियां बरसाने के अलावा करीब ३० राउंड रब़ड की गोलियां चलायीं। लाठीचार्ज व गोलीबारी के दृश्यों को अपने कैमरे में कैद कर रहे इलेक्ट्रानिक मीडिया के प्रतिनिधियों गोपी यादव व नरसिंग राव की पुलिस ने पिटाई कर दी। बाद में पुलिस ने नरसिंग राव की मोटरसाइकिल में आग लगा दी।
इस घटना में बहुत से छात्रों को भी चोटें आयीं। कुछ अन्य फोटोग्राफरों तथा टीवी चैनलों के कर्मचारियों को भी बनना प़डा। अपने पहचान पत्र दिखाने के बाद भी पुलिस ने टीवीकर्मियों तथा रिपोर्टरों व फोटोग्राफरों को पीटना जारी रखा। पत्रकारों के २० वाहनों व ८ कैमरों को नुकसान पहुंचा गया। पुलिस की पिटाई में घायल हुए दो मीडिया प्रतिनिधियों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
पुलिस लाठीचार्ज में घायल हुए विद्यार्थियों को गांधी अस्पताल तथा विद्यानगर स्थित दुर्गाबाई देशमुख अस्पताल में भर्ती कराया गया है। कल रात पुलिस लाठीचार्ज में रिपोर्टरों के घायल होने की जिम्मेदारी लेते हुए माफी मांगने वाले नगर के संयुक्त पुलिस आयुक्त (कानून व समन्वय) सीतारामांजनेयलु ने आज हुए पुलिस लाठीचार्ज को प्रोत्साहन दिया, परंतु उसी समय वहां मानव अधिकार आयोग के एक दल के पहुंचते ही पुलिस वहां से पीछे हट गयी।
मानव अधिकार आयोग के सदस्यों ने वहां के विद्यार्थियों से कल रात की घटनाआें की जानकारी हासिल की। तत्पश्चात आयोग का यह दल पुलिस द्वारा विद्यार्थियों पर दागी गयी रब़ड की गोलियों व आंसू गैस के गोले बरामद कर वहां से वापस लौट गया। इस बीच, पुलिस महानिदेशक गिरीश कुमार ने उस्मानिया विश्वविद्यालय का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया।
सूचना मिलते ही जब वरिष्ठ पत्रकार उस्मानिया विश्वविद्यालय परिसर पहुंचे, तो उन्हें भी अंदर जाने से रोक दिया गया। काफी देर तक वादविवाद तथा धक्कामुक्की होती रही, पर पुलिस ने उन्हें आगे नहीं जाने दिया। घटनास्थल पर पहुंचे अधिवक्ताआें के एक समूह में भी पत्रकारों को बचाने का असफल प्रयास किया। बाद में पत्रकारों व वकीलों ने पुलिस थाने के सामने धरना दिया। एक वरिष्ठ टीवी पत्रकार पुलिस की निर्ममता के विरोध में अनिश्चितकालीन भूख ह़डताल पर बैठ गया।
इसी दौरान छात्रों के एक समूह ने एमजे मार्केट से रैली के रूप में कूच करने का प्रयास किया। पुलिस ने उन्हें रोक दिया और बदले में छात्रों ने पुलिस पर पथराव करना शुरू कर दिया। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने लाठी चार्ज किया तथा ब़डी संख्या में छात्रों को गिरफ्तार कर लिया। निजाम कॉलेज तथा उसके निकट स्थित एक छात्रावास के रहने वाले छात्रों ने भी विधानसभा की ओर कूच करने का विफल प्रयास किया। इसी दौरान उस्मानिया विश्वविद्यालय में छात्रों ने कल रात उन पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में विधानसभा की ओर कूच किया।
भारी संख्या में पूरे शहर में तैनात पुलिस के दस्तों ने उन्हें आगे कूच करने से रोक दिया। पुलिस ने लाठीचार्ज कर एमजे मार्केट के पास छात्रों को तितरबितर कर दिया। निजाम कॉलेज के निकट उस समय तनाव की स्थिति बन गयी, जब पुलिस ने छात्रों के विधानसभा की ओर ब़ढने के प्रयास को विफल कर दिया।
उधर, विभिन्न जिलों में निर्वाचित जनप्रतिनिधियों से त्यागपत्र देने की मांग पर तेलंगाना जेएसी के कार्यकताआें व छात्रों ने सांसदों, मंत्रियों व विधायकों के घरों को अपना निशाना बनाया। धरना देने के अलावा प्रदर्शनकारियों ने जनप्रतिनिधियों के आवासों पर अंडे व टमाटर भी फेंके। कुछ स्थानों पर प्रदर्शनकारियों ने बसों को भी निशाना बनाया। लगभग एक दर्जन बसें पथराव में क्षतिग्रस्त हो गयीं तथा कई वाहनों को आग लगा दी गयी।
इस बीच, मीडिया के लोगों को निशाना बनाकर उनकी पिटाई करने वाली पुलिस व उसके लिए जिम्मेदार नगर के संयुक्त पुलिस आयुक्त (सुरक्षा, समन्वय) सीतारामांजनेयलू के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग को लेकर रिपोर्टर उस्मानिया विश्वविद्यालयस के ‘बी’ छात्रावास के पास अनशन पर बैठ गये।
तेलंगाना जागृति की अध्यक्ष कविता व नागरिक अधिकार आयोग की सदस्य जयविंद्याला, पीओडब्ल्यू की अध्यक्ष संध्या, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बंडारू दत्तात्रेय ने आमरण अनशन शिविर पर पहुंच कर उन्हें अपना समर्थन जताया। बाद में अनशन पर बैठे रिपोर्टरों का समर्थन जताने उविवि पहुंचे टीआरएस नेता हरीश राव, गद्दर को पुलिस ने हिरासत में लेकर बाद में छ़ोड दिया।
