
उविवि मामले में सरकार व पुलिस को हाइकोट की कडी फटकार
कहा, मुयमी व गहमी का पुलिस पर नियण नहीं
हैदराबाद, । देश उच्च नयायालय ने आज सरकार व पुलिस को कडी फटकार लगाते हुए कहा कि मुयमी, गहमी एव उनंधिकारियों का पुलिस पर कोइ नियण नहीं है आर न ही पुलिस महानिदेशक के मन में अदालत के ति समान की भावना। शायद इसीलिए अदालती आदेशों का पालन नहीं किया जा रहा है।
अदालत ने कहा, ‘राय की पुलिस ने जलियावाला बाग की बरबरता को भी पीछे छोड दिया है। जिस राय के रायपाल एक मशहर आइपीएस अधिकारी रहे हों, वहीं अगर ऐसी थिति है, तो या अब राय के लोगों को मदद के लिए अतराीय सथान एमनेटी इटरनेशनल का दरवाजा खटखटाना पडेगा?’
उ यायालय के यायाधीश एल नरसिहा रेेी ने आज एक यूज चनल के सवाददाता ारा पुलिस पर उमानिया विववािलय परिसर में डूटी के दारान अमानवीय यवहार करने, घूसे मारने तथा टीवी चनल के कमियों का वाहन जलाने के आरोप लगाते हए दाखिल की गयी याचिका पर सुनवाइ की। अदालत ने एक आदेश जारी कर सयु पुलिस आयु पीएसआर रामाजनेयलू को मामले का विवरण देने के लिए गुवार को अदालत में पेश होने आर सरकार को पुलिस हमले में घायल हए पकार के इलाज का खच वहन करने को कहा।
याचिकाकता की ओर वकील ने अपनी दलील में कहा कि पुलिस ने समाचार सगहण के लिए उमानिया विववािलय के परिसर में आये सवाददाताआें पर अकारण हमला कर उनकी बुरी तरह पिटाइ करने के अलावा उनके वाहन भी जला दिये। इस दलील के दारान अदालत ने बीच में हतक्षेप किया आर कठोर शदों का योग करते हए इस मामले में सरकार आर पुलिस महानिदेशक के ख को अनुचित ठहराया।
अदालत ने कहा कि विजयवाडा में अपत बालिका की रक्षा नहीं कर पाने वाली राय की पुलिस उमानिया विववािलय में खुद अराजकता फला रही ह। विववािलय मे पुलिस की तनाती पर सवाल उठाते हए अदालत ने कहा कि या उविवि में कयामत आ रही थी, जो पुलिस को वहा जाना पडा? अदालत ने कहा कि उमानिया विवि से पुलिस बरिकड तकाल हटाने के उसके आदेश के बावजूद कल के बजाय उहें आज हटाया गया। पुलिस महानिदेशक के मन में अदालत के ति समान का भाव नहीं है आर अदालत के ति समान नहीं रखने वाले य का राय के पुलिस महानिदेशक पद पर होना दुभायपूण ह। अदालत ने कहा कि पदोति के मसले पर अदालत का दरवाजा खटखटाने व अदालती आदेश से लाभावित होने वाले य के मन में ही अदालती आदेश के पति समान का भाव नहीं ह, तो कसे चलेगा। या यही सय समाज का तरीका ह? यह तरीका किसी के लिए भी ठीक नहीं है।
विववािलय में पुलिस की कारवाइ पर मुयमी एव गहमी ारा असहाय बताये जाने व माफी मागे जाने के सदभ में अदालत ने न किया कि अब या राय के लोगों को सहायता के लिए ‘एमनेटी इटरनेशनल’ की मदद मागनी होगी? राय के माजूदा हालात को अपराधगत बिहार से भी बदतर बताते हए अदालत ने कहा कि रपिड एशन फोस, पेशल ाेटेशन फोस तथा अधसनिक बलों को भी उविवि में तनात करेंगे, तो पुणे बम विफोट व मिदनापुर में नसलियों के आतक को कसे नियति करेंगे? या वहा सशा बलों की जरत नहीं? या पुलिस बलों को उमानिया विवि छोडकर बाकी जगहों की वारदातों की जानकारी नहीं ह? बाद में अदालत ने सरकार को पुलिस लाठीचाज में घायल उ पकार के इलाज का खच वहन करने का निर्देश दिया। पकारों पर हमले के लिए जिमेदार पुलिस अधिकारी के बारे में अदालत के पूछे जाने पर याचिकाकता ने सयु पुलिस आयु रामाजनेयलू का नाम लिया।
बाद में अदालत ने उमानिया विवि की घटनाआें का विवरण देने के लिए सयु पुलिस आयु पीसीआर रामाजनेयलू को बुधवार को अदालत में पेश होने का निर्देश दिया, लेकिन सयु पुलिस आयु को अदालत में पेश होने के लिए कम से कम एक दिन का समय देने सबधी अतिरि महाधिवा के अनुरोध पर अदालत ने उहें गुवार को अदालत में पेश होने का आदेश देकर मामले की सुनवाइ गुवार तक के लिए थगित कर दी।
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