पीओके से वापसी के मामले में काफी सतर्क रवैया अपनाएंगे ः चिदंबरम
जम्मू। केंद्रीय गृहमंत्री पीचिदंबरम ने आज कहा कि जम्मूकश्मीर सरकार कश्मीरी आतंकवादियों की वापसी के संबंध में समर्पण नीति के मसौदे पर काम कर रही है, जो सीमा पार कर पाक अधिकृत कश्मीर चले गए हैं। यहां एकीकृत कमान की बैठक के बाद चिदंबरम ने संवाददाताआें से कहा, ‘योजना (समर्पण नीति) पर काम किया जाना है। मैं राज्य सरकार से आग्रह करूंगा कि वह हमें जल्दसेजल्द मसौदा प्रदान करे।’
उन्होंने कहा, ‘हालांकि मैंने पहचान छानबीन, जम्मूकश्मीर वापसी सुगम बनाने और पुनर्वास जैसे कुछ बिन्दु चिह्नित किए हैं, जिनका ध्यान रखा जाना है।’ गृहमंत्री ने कहा कि इसमें समय लगेगा। हम योजना पर धैर्य के साथ और सावधानीपूर्ण तरीके से काम करेंगे।’ चिदंबरम ने कहा कि यदि पाक अधिकृत कश्मीर जाने वाले युवा आतंकवाद छ़ोड देते हैं, तो उनकी राज्य वापसी और उन्हें उनके परिवारों से मिलाने का विचार है।
यह पूछे जाने पर कि क्या समर्पण नीति ‘अघोषित कूटनीति’ का हिस्सा है, चिदंबरम ने कहा, ‘इसमें नया कुछ भी नहीं है। वर्ष १९९७९८ में सीआरपीएफ ने एक पूरी बटालियन (लगभग १००० कर्मियों) को नियुक्त किया था, जो आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटे थे।’ उन्होंने कहा कि राज्य पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण करने वाले ४५० आतंकवादियों को सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने नियुक्त किया था। गृहमंत्री ने कहा, ‘उत्तर पूर्व में भी ऐसी ही नीति है, जहां हिंसा का त्याग करने वाले चरमपंथियों को स्थानीय पुलिस में शामिल किया जाता है।’
उन्होंने कहा, ‘इसलिए सीमा पार कर पाक अधिकृत कश्मीर में गए युवा अगर आतंक का रास्ता छ़ोडकर कानून का अनुपालन करने वाला नागरिक बनना चाहते हैं, तो उनकी वापसी का स्वागत करने में कोई बुराई नहीं है।’ गृहमंत्री ने कहा, ‘हम काफी सतर्कता बरतेंगे। कोई भी काम जल्दबाजी में नहीं किया जायेगा।’
