भज्जी की फिरकी ने दिलाई भारत को जीत
कोलकाता। हरभजन सिंह ने अपने पसंदीदा मैदान ईडन गार्डन्स पर सांस थाम देने वाले अंतिम क्षणों में मोर्ने मोर्कल का कीमती विकेट लेकर भारत को दूसरे टेस्ट क्रिकेट मैच में आज यहां दक्षिण अफ्रीका पर पारी और ५७ रन से रोमांचक जीत दिलाकर आईसीसी रैंकिंग में उसकी बादशाहत बरकरार रखी।
हाशिम अमला (नाबाद १२३) एक छोर पर अ़डे रहे और जब मैच समाप्त होने में केवल दस मिनट नौ गेंद बची थी और भारत के हाथ से मैच और नंबर एक की रैंकिंग फिसलती हुई दिख रही थी, तब हरभजन ने मोर्कल के खिलाफ पगबाधा की अपील की और अंपायर की उंगली उठते ही ईडन गार्डन्स जश्न में डूब गया। दक्षिण अफ्रीका की टीम २९० रन पर आउट हुई, जिसमें हरभजन ने ५९ रन देकर पांच विकेट लिये। अमित मिश्रा को तीन और इशांत शर्मा को दो विकेट मिलेेे। अमला बेहद प्रतिबद्धता के साथ एक छोर पर डटे रहे और उन्होंने आखिर तक दक्षिण अफ्रीका की हार टालने की भरसक कोशिश की, लेकिन जहीर खान के बिना पंगु बने भारतीय आक्रमण के तीन बचे हुए महारथियों विशेषकर हरभजन ने दूसरे छोर से विकेट निकाले। जहीर पांव की मांसपेशियों में खिंचाव के कारण मैदान पर नहीं उतर पाये थे। भारत के लिये आईसीसी टेस्ट रैंकिंग में नंबर एक की कुर्सी कायम रखने के लिये इस मैच में जीत जरूरी थी क्योंकि दक्षिण अफ्रीका नागपुर में पहला टेस्ट मैच पारी और छह रन से जीतकर चोटी पर पहुंचने की ह़ोड में शामिल हो गया था। भारत की यह अपनी सरजमीं पर ७०वीं जीत है, जिससे आईसीसी रैंकिंग में उसके १२४ अंक हैं, जबकि दक्षिण अफ्रीका के १२० अंक हैं और वह दूसरे स्थान पर है।
भारतीयों के लिये कल तक चिंता का विषय मौसम था, लेकिन आज जब धूप खिली रही तब अमला दिन भर उनके लिये सिरदर्द बने रहे। भारतीय मूल के इस बल्लेबाज ने गजब का जज्बा और संयम दिखाकर लगातार दूसरी पारी में शतक जमाया। पिच से टर्न मिल रहा था, लेकिन तेज और स्पिन किसी भी तरह का आक्रमण अमला को नहीं डिगा पाया।
उन्होंने सुबह ४९ रन से अपनी पारी आगे ब़ढायी और दिन भर बल्लेबाजी करके ३९४ गेंद खेली तथा १६ चौके लगाये। अमला को निचले क्रम से विशेषकर वायने पार्नेल (२२) और मोर्कल (१२) से अच्छा सहयोग मिला जिनके साथ उन्होंने क्रमश: २२२ और २०४ ओवर तक विकेट नहीं गिरने दिया। ग्यारहवें नंबर के बल्लेबाज मोर्कल ने भी धैर्य से काम लिया और भारतीयों के चेहरों पर तनाव ब़ढा दिया। कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने इस बीच सचिन तेंदुलकर और वीरेंद्र सहवाग को भी गेंद सौंपी, लेकिन आखिर में वह जादुई हरभजन की उंगलियों से ही निकली जिन्होंने नौ साल पहले आस्ट्रेलिया के खिलाफ इसी मैदान पर हैट्रिक बनाकर भारत की ऐतिहासिक जीत में अहम भूमिका निभायी थी। भारत को हालांकि जहीर खान की भी कमी खली। भारतीय गेंदबाज सुबह की नमी का फायदा भी नहीं उठा पाये तथा उसे अमला और एशवेल प्रिंस (२३) की ज़ोडी को त़ोडने में दिक्कत हुई। दक्षिण अफ्रीका ने तीन विकेट पर ११५ रन से आगे खेलते हुए बेहद सतर्कता बरती और भारतीयों को किसी तरह का मौका नहीं दिया। भारत को सुबह २७वें ओवर में सफलता मिली, जब हरभजन ने प्रिंस को आउट किया। इस आफ स्पिनर की अतिरिक्त स्पिन लेती गेंद पर प्रिंस लालच में आ गये और ड्राइव करने के प्रयास में गेंद मिड आफ पर हवा में तैर गयी, जहां इशांत ने आसान कैच लिया।
इसके सात ओवर बाद भारत को मिश्रा ने दिन की दूसरी सफलता दिलायी। एबी डिविलियर्स (३) इस लेग स्पिनर की गुगली को नहीं समझ पाये और पगबाधा होकर पवेलियन लौटे। हरभजन ने लंच के बाद चौथे ओवर में ही जेपी डुमिनी और फिर डेल स्टेन दोनों को भी पगबाधा आउट करके भारतीय खेमे में खुशी की लहर द़ौडा दी, लेकिन इसके बाद उसे अगले विकेट के लिये २४ ओवर का लंबा इंतजार करना प़डा। अमला को पार्नेल के रूप में अच्छा ज़ोडीदार मिला जिसके साथ उन्होंने आठवें विकेट के लिये ७० रन की साझेदारी की। धोनी ने अपने स्पिनरों पर पूरा भरोसा दिखाया, लेकिन आखिर में ९१वें ओवर में उन्हें नई गेंद लेनी प़डी। इशांत को इसके बाद चौथी गेंद पर ही पार्नेल का विकेट मिल जाता, लेकिन सबस्टियूट सुरेश रैना ने चौथी स्लिप में उनका कैच छ़ोड दिया। पार्नेल को चाय के तुरंत बाद इशांत ने ही हरभजन के हाथों मिड आन पर कैच आउट कराकर दर्शकों में उत्साह भरा। अमला ने इस बीच चाय के विश्राम से पहले मिश्रा की गेंद पर चौका ज़डकर लगातार दूसरी पारी में शतक जमाया। यह उनका टेस्ट क्रिकेट में दसवां और इस श्रृंखला का तीसरा शतक है। अमला दक्षिण अफ्रीका के पांचवें बल्लेबाज हैं जिन्होंने यह कारनामा किया। इशांत ने पाल हैरिस को तीसरी स्लिप में सबस्टियूट फील्डर दिनेश कार्तिक के हाथों कैच कराया। इसके साथ ही ईडन गार्डन्स में जीत का जश्न शुरू हो गया था, लेकिन अमला और मोर्कल ने भारतीयों को जीत के लिये अगले ड़ेढ घंटे तक असहनीय इंतजार कराया। भारत की इस जीत से दो टेस्ट मैचों की श्रृंखला ११ से बराबर रही। अब दोनों देशों के बीच २१ फरवरी से जयपुर में तीन वनडे की श्रृंखला शुरू होगी।
जीत का पूरा यकीन था : सचिन
दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ दूसरे टेस्ट में शानदार जीत के बाद सचिन तेंदुलकर ने स्वीकार किया कि आखिरी क्षणों में खिल़ाडी तनाव में थे, लेकिन आखिरी गेंद तक उन्हें जीत का पूरा यकीन था। तेंदुलकर ने कहा कि हाशिम अमला और मोर्नी मोर्कल के बीच आखिरी विकेट की साझेदारी लंबी खिंचने के कारण खिल़ाडी तनाव में आ गए थे, लेकिन हमें सिर्फ एक विकेट की जरूरत थी लिहाजा हमें जीत का पूरा यकीन था।’ उन्होंने आखिरी विकेट लेने वाले हरभजन सिंह के अलावा जहीर खान की भी जमकर तारीफ की।
तेंदुलकर ने कहा, ‘हरभजन ने बेहतरीन स्पैल फेंका। पहले दिन दक्षिण अफ्रीका ने शानदार शुरुआत की थी, लेकिन भज्जी और जहीर ने हमें मैच में लौटाया। इसके बाद हमने जबर्दस्त बल्लेबाजी की।’ भारत ने दक्षिण अफ्रीका के २९६ रन के जवाब में पहली पारी छह विकेट पर ६४३ रन बनाकर घोषित की थी। तेंदुलकर के अलावा वीरेंद्र सहवाग, वीवीएस लक्ष्मण और महेंद्र सिंह धोनी ने शतक जमाया। तेंदुलकर ने कहा, ‘वीरू और मेरे बीच हुई साझेदारी अहम थी। वीरू जबर्दस्त शाट खेल रहा था और हम ब़डे स्कोर की नींव रखना चाहते थे। इसके बाद लक्ष्मण ने कमाल दिखाया, जो कलाई का बेहतरीन इस्तेमाल करता है। एमएस(धोनी) का फार्म भी जबर्दस्त था। कुल मिलाकर हमने बेहतरीन बल्लेबाजी की।’
