खुद को आग लगाने वाले यादय्या की मौत
हैदराबाद। पृथक तेलंगाना राज्य के समर्थन में उस्मानिया विश्वविद्यालय परिसर में कल खुद को आग लगाने वाले १९ वर्षीय छात्र की आज संतोषनगर स्थित अपोलो अस्पताल में मौत हो गयी।
पुलिस ने आज बताया कि सिरिपुरम यादय्या रंगारेड्डी जिले के नागाराम गांव से तेलंगाना राज्य की मांग के लिए छात्रों के आंदोलन में भाग लेने के लिए यहां आया था। उन्होंने बताया कि यादय्या ने कल शाम अपने शरीर पर केरोसिन छ़िडककर आग लगा ली थी। उसे करीब ९० प्रतिशत जली हालत में पहले गांधी अस्पताल तथा बाद में अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां आज त़डके उसकी मौत हो गयी। छात्र समुदाय की ओर से किसी संभावित प्रतिक्रिया की आशंका के मद्देनजर पुलिस ने उसके शव को आज सुबह उसके गांव भेज दिया।
पुलिस आयुक्त एके खान ने कहा कि पोस्टमार्टम करने के बाद यादय्या का शव उसके गांव भेज दिया गया। गौरतलब है कि कोत्तापेट के एक रेस्तरां में कैशियर के रूप में काम करने वाले यादय्या के मातापिता की पहले ही मौत हो चुकी थी। उसका पैतृक गांव नागाराम गृहमंत्री सबिता इंद्रा रेड्डी के महेश्वरम् विधानसभा क्षेत्र के तहत आता है। तेलंगाना समर्थन का नारा लगाते हुए यादय्या ने विश्वविद्यालय परिसर में कल आत्मदाह कर लिया था। सूत्रों के मुताबिक उसकी पहचान उसके बैग में रखे कुछ प्रमाणपत्रों और सुसाइड नोट से हुई। उसने तेलुगु में कथित तौर पर सुसाइड नोट लिखा था। पत्र में उसने कहा कि सरकार पृथक तेलंगाना राज्य के लिए चल रहे आंदोलन के बावजूद कुछ नहीं कर रही है।
सुसाइड नोट में लिखा है, ‘यदि तेलंगाना राज्य गठित होता है, तो मेरे जैसे लोगों को नौकरी मिलेगी। मैं तेलंगाना के लिए अपनी जान कुर्बान कर रहा हूं और पृथक तेलंगाना राज्य हासिल करने तक कृपया आप इस आंदोलन को नहीं रोकें।’
