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सरकार ने माओवादियों का सशर्त वार्ता ताव ठुकराया

Swatantra Vaartha  Thu, 25 Feb 2010, IST

सरकार ने माओवादियों का सशर्त वार्ता ताव ठुकराया

नइ दिली/कोलकाता, २३ फरवरी (भाषा)। गह मी पी चिदबरम ने आज माओवादियों का सशत वाता का ताव ठुकरा दिया। चिदबरम ने माओवादियों से ‘बिना किंतु, परतु’ के हिंसा छोडने का ‘सामाय सा वतय’ जारी करने को कहा, लेकिन नसलियों ने कहा कि सरकार को पहले सघषविराम की घोषणा करनी होगी। चिंदबरम ने एक वतय जारी करते हए कहा, ‘मुझे कोइ किंतु, परतु आर शत नहीं चाहिए।’ इसके एक दिन पहले भाकपा (माओवादी) ने सरकार से ७२ दिनों का सघषविराम आर वाता में मयथ को शामिल करने पर सशत सघषविराम का ताव दिया था। इसके बाद गह मी ने कहा मुझे भाकपा (माओवादी) से एक छोटा आर सामाय सा वतय चाहिए, जिसमें वह कहेंकि हम हिंसा छोड रहे ह आर हमें वाता का ताव मजूर ह। चिदबरम ने कहा कि उहें गह मालय के फस नबर ०११२३०९३१५५ पर इस सबध में एक फस चाहिए। उहोंने कहा कि एक बार हमें वतय मिल जाए, उसके बाद हम धानमी आर अय सहयोगियों से इस बारे में बात करेंगे।

चिदबरम के इस बयान के कइ घटे बाद माओवादी नेता किशनजी ने कहा कि कें को पहले सघषविराम की घोषणा करनी होगी। उहोंने चिदबरम के लिए एक नबर भी छोडा, जिस पर वह माओवादियों से बात कर सकें।

किशनजी ने कोलकाता में ेट से अज्ञात थान से कहा कि केींय गह मालय को सघषविराम की घोषणा करने की पहल करनी होगी आर इसके लिए मीडिया में एक लिखित वतय देना होगा, इसे देखने के बाद हम धानमी आर गह मी को अपनी तिकिया फस करेंगे। किशनजी ने कहा कि चिदबरम हमें २५ फरवरी को शाम पाच बजे ९७३४६९५७८९ नबर पर फोन कर सकते है। हम उनसे बात करेंगे। माओवादी नेता ने कहा कि हम केींय मालय के ताव को उनकी शर्तो पर वीकार नहीं कर सकते। अगर सरकार ायोजित आतकवाद के, तो हम ७२ दिनों के लिए हिंसा रोकने के लिए तयार ह। उहोंने कहा पिछले ४० साल से हमारी केींय समिति सरकार ायोजित आतकवाद के खिलाफ बोल रही है। अगर देश हिंसा नहीं रोक सकता, तो हमारे लिए भी हिंसा छोडना सभव नहीं है। किशनजी ने पचिमी मिदनापुर में कल रात काटापहाडी में सयुत बलों पर हमले में माओवादियों की भूमिका से भी इकार कर दिया।

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