आयकर में राहत, पेट्रोल महंगा
नई दिल्ली। वर्ष २०१०११ के आम बजट में वित्तमंत्री प्रणव मुखर्जी ने दायें हाथ से आयकर में भारी राहत दी, तो बायें से अप्रत्यक्ष कर ब़ढाकर उसे काफी कुछ वापस भी ले लिया। फिर भी शेयर बाजार से लेकर उद्योग जगत ने बजट की विकास दृष्टि को सराहा।
संसद में आज पेश बजट में मुखर्जी ने आर्थिक, सामाजिक एवं राजनीतिक तकाजों को कर प्रस्तावों और आवंटन से पूरा करने की कोशिश की, परंतु पेट्रोलडीजल पर उत्पाद और सीमा शुल्क में वृद्धि कर दी।
बहरहाल बजट प्रस्तावों के कारण कार, कंप्यूटर के पुर्जे, पेट्रोल, डीजल, एयरकंडीशनर, टीवी, सोना चांदी, प्लेटिनम, सिगरेट, तंबाकू उत्पाद महंगे हो जाएंगे, जबकि बच्चों के खिलौने, गुब्बारे, मेंथा आयल, हींग, वाटर फिल्टर (आरओ को छ़ोडकर), लेटेक्स रबर धागे और मोबाइल एक्सेसरीज सस्ती होंगी।
सेवा कर का दायरा ब़ढाने से बिजली, अस्पतालों में स्वास्थ्य परीक्षण और स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत मिलने वाली स्वास्थ्य सेवाएं महंगी हो जाएंगी। जहां आयकर की छूट अप्रैल, २०१० से शुरू साल में मिलेगी, वहीं महंगा सस्ता का खेल अभी से असर दिखाएगा। मध्यरात्रि से पेट्रोल के दाम दो रुपये ७१ पैसे और डीजल के दाम दो रुपये ५५ पैसे ब़ढने जा रहे हैं।
उम्मीद के मुताबिक जहां खेती किसानी को राहत दी गयी है, वहीं मंदी से बाहर आते उद्योग जगत से प्रोत्साहन पैकेजों की वापसी की शुरुआत हो गयी है।
आयकरदाताआें को भारी राहत प्रदान करते हुए वित्तमंत्री ने १६० लाख रुपये की सालाना आय की कर मुक्त सीमा में तो कोई बदलाव नहीं किया, लेकिन इससे ऊपर पांच लाख रुपये तक की आय पर दस प्रतिशत, पांच से आठ लाख रुपये पर २० प्रतिशत और आठ लाख रुपये से अधिक पर ३० प्रतिशत आयकर का प्रस्ताव किया। इससे महंगाई से त्रस्त वेतनभोगियों की जेब में कुछ अतिरिक्त धन बच सकेगा। राजकोषीय घाटे पर ब़ढते दबाव को कम करने के लिए उन्होंने गैरपेट्रोलियम पदाथा] पर उत्पाद शुल्क की मूल दर आठ से ब़ढाकर दस प्रतिशत कर दी। सेवा कर दस प्रतिशत पर अपरिवर्तित है,लेकिन इसके दायरे में आठ नयी सेवाआें को शामिल किया।
मुखर्जी ने कहा कि प्रत्यक्ष कर प्रस्तावों से सरकारी खजाने को जहां २०, ००० कऱोड रुपये का नुकसान होगा, वहीं अप्रत्यक्ष कर प्रस्तावों से ४६,००० कऱोड रुपये का फायदा होगा। इस प्रकार उनके कर प्रस्तावों से २०,५०० कऱोड रुपये की शुद्ध प्राप्ति होगी।
वित्त मंत्री ने कुल ११ लाख आठ हजार ७४९ कऱोड रुपये के व्यय का बजट पेश करते हुए कहा कि इसमें योजना खचा] में १५ प्रतिशत और गैर योजना खर्च में छह प्रतिशत की ब़ढोत्तरी का प्रस्ताव है। उन्होंने कहा कि राजकोशीय घाटे के ६९ से घटकर २०१०११ में ५५ प्रतिशत रहने का अनुमान है।
प्रणव के बजट के खिलाफ मुख्य विपक्षी दल भाजपा ने जहां संसद में कटौती प्रस्ताव लाने का ऐलान किया, वहीं प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने बजट को बहुत बेहतर बताया।
बजट में बिहार समेत देश के पूर्वी क्षेत्र के राज्यों में हरित क्रांति के विस्तार के लिए ४०० कऱोड रुपये का आवंटन किया गया है। कृषि क्षेत्र के जानकार इस पहल को बहुत उत्साहवर्धक नहीं मान रहे हैं। भारत की हरित क्रांति के जनक और राष्ट्रीय किसान आयोग के अध्यक्ष एमएस स्वामीनाथन ने भी इन क्षेत्रों (बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश, छत्तीसग़ढ, झारखंड, उ़डीसा, पश्चिम बंगाल) को ‘सोते हुए शेर’ बताया था। उन्होंने कहा कि बिहार और भारत के अन्य पूर्वी राज्य सोते हुए शेर हैं, उन्हें सिर्फ जगाने की जरूरत है। ये राज्य उर्वर अर्धचंद्र (फर्टाइल क्रेसेंट) हैं, जिनमें भारत का अनाज भंडार बनने की क्षमता है। वित्तमंत्री ने खाद्य उत्पादों की महंगाई को ध्यान में रखते हुए खाद्यान्न के भंडारण पर ज्यादा जोर दिया है। भारतीय खाद्य निगम को निजी क्षेत्र के गोदाम किराये पर पांच की बजाय सात साल के लिए लेने की छूट प्रदान की गयी है।
किसानों को खेती के लिए सस्ता कर्ज देने की पहल को आगे ब़़ढाते हुए समय पर कर्ज अदा करने वाले किसानों को फसल कर्ज पर एक प्रतिशत की बजाय दो प्रतिशत ब्याज सहायता देने का ऐलान प्रणव ने किया। उन्होंने कहा कि किसानों को फसली ऋण अब मात्र पांच प्रतिशत के सालाना ब्याज पर मिलेगा। कृषि क्षेत्र के लिए कर्ज लक्ष्य सवा तीन लाख कऱोड रुपये से ब़ढाकर पौने चार लाख कऱोड रुपये तय किया गया है। इसके साथ ही ऋण माफी योजना में कर्ज लौटाने की समयसीमा ३० जून, २०१० तक ब़ढा दी।
वित्त मंत्री ने कहा कि नौ प्रतिशत जीडीपी वृद्धि दर का लक्ष्य हासिल कर इसे दोहरे अंक में ले जाने की कोशिश होगी। उन्होंने ग्रामीण इलाकों में बुनियादी ढांचे के विकास पर आवंटन २५ प्रतिशत ब़ढाने का ऐलान करते हुए कहा कि ग्रामीण विकास क्षेत्र के लिए आवंटन ६६,१०० कऱोड रुपये होगा। इसमें मनरेगा के लिए आवंटन ब़ढाकर ४०,१०० कऱोड रुपये किया जाएगा। राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना का लाभ अब मनरेगा के लाभार्थियों को भी मिलेगा।
सूखा क्षेत्रों में जल संचयन के लिए ३०० कऱोड रुपये, ग्रामीण इलाकों में बैंकिंग सेवाआें के लिए १०० कऱोड रुपये, भारत निर्माण के लिए ४८,००० कऱोड रुपये, इंदिरा आवास योजना के लिए १०,००० कऱोड रुपये और बुंदेलखंड में सूखा प्रभावित इलाकों के लिए १००० कऱोड रुपये का आवंटन किया गया है।
मुखर्जी ने कहा कि असंगठित क्षेत्र के लिए राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा फंड में १००० कऱोड रुपये दिये जाएंगे। महिला एवं बाल विकास के लिए आवंटन ५० प्रतिशत तक ब़ढाने का प्रस्ताव है, जबकि अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय का आवंटन ६० प्रतिशत ब़ढाया जाएगा। वित्तमंत्री ने कहा कि रक्षा क्षेत्र के लिए १,४७,३४४ कऱोड रुपये का आवंटन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि खाद्य सुरक्षा विधेयक का मसौदा तैयार है और इसे जल्द ही सार्वजनिक चर्चा के लिए रखा जाएगा। मुखर्जी ने बताया कि प्रत्यक्ष कर संहिता और जीएसटी दोनों अप्रैल, २०११ से लागू करने की कोशिश की जाएगी। विनिवेश के बारे में उन्होंने कहा कि सरकारी कंपनियों के विनिवेश से चालू वर्ष में २५ हजार कऱोड रुपये, जबकि २०१०११ में ४० हजार कऱोड रुपये जुटाने का लक्ष्य है।
मुखर्जी ने कहा कि सरकार एफडीआई नीति को उपयोगकर्ताआें के अनुकूल बनायेगी। वित्तीय स्थिरता के लिए सरकार ने एक परिषद के गठन का प्रस्ताव किया है। खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र के लिए मुखर्जी ने पांच और मेगा फूड पार्क बनाने का ऐलान किया। बैंकों के विस्तार के प्रयासों के तहत उन्होंने आरबीआई द्वारा निजी क्षेत्र में कुछ अतिरिक्त बैंकिंग लाइसेंस दिये जाने पर विचार करने की बात कही। विशिष्ट पहचान पत्र योजना के लिए १९०० कऱोड रुपये का प्रस्ताव किया गया है। उन्होंने प्रौद्योगिकी सलाहकार समूह के गठन का प्रस्ताव किया, जिसके अध्यक्ष नंदन निलेकणि होंगे।
वित्त मंत्री ने कहा कि आयकर विभाग वैयक्तिक आयकरदाताआें के लिए ‘सरल२’ फार्म की अधिसूचना जारी करने को तैयार है।
उन्होंने कहा कि इस वर्ष दिल्ली में होने वाले राष्ट्रमंडल खेलों के लिये कई योजनाआें के तहत २,२९६४३ कऱोड रुपये का बजटीय आवंटन किया गया है, जिसमें ज्यादातर राशि खेल मंत्रालय को दी जायेगी। हालांकि खेलों के लिये इस साल बजटीय आवंटन घटकर ३७०६ कऱोड से ३५६५ कऱोड रुपये रह गया, जिसमें से ब़डा हिस्सा तीन से १४ अक्टूबर तक होने वाले राष्ट्रमंडल खेलों को जायेगा।
