11 समझौतों पर होंगे हस्ताक्षर
रियाद। प्रधानमंत्री डॉमनमोहन सिंह की आज से शुरू हुई तीन दिवसीय सऊदी अरब यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच संबंधों को नई गति मिलने की उम्मीद है, जहां दोनों पक्षों के बीच प्रत्यर्पण संधि समेत १० अन्य समझौतों पर हस्ताक्षर किये जाएंगे।
तेल से मालामाल इस ख़ाडी देश की बहुप्रतीक्षित यात्रा पर आज शाम यहां पहुंचने पर किंग खालिद का अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर मनमोहन सिंह का शानदार स्वागत किया गया और विशेष सत्कार की पहल के तहत शाह अब्दुल्ला के तीन भाइयों समेत पूरा मंत्रिमंडल वहां उपस्थित था। प्रथम उपप्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री युवराज सुल्तान बिन अब्दुल अजीज, आंतरिक मामलों के मंत्री एवं द्वितीय उपप्रधानमंत्री युवराज नैफ बिन अब्दुल अजीज और रियाद के गर्वनर प्रिंस सलमान बिन अब्दुल अजीज ने मनमोहन सिंह की अगवानी की।
भारत और सऊदी अरब के बीच संबंधों को सामरिक दिशा प्रदान करने की उत्कंठा के बीच मनमोहन सिंह तेल की प्रचुरता वाले देश के शाह अब्दुल्ला बिन अब्दुल अजीज अल सऊद के साथ विभिन्न क्षेत्रों में व्यापक सहयोग के विषयों पर चर्चा करेंगे, जिसमें अफगानिस्तान की स्थिति और आतंकवाद का खतरा शामिल है। प्रधानमंत्री और शाह अब्दुल्ला के बीच बातचीत के दौरान अफगानिस्तानपाकिस्तान सीमा पर अलकायदा और तालिबान के पनाहगाह पर भी चर्चा हो सकती है। सऊदी अरब ने यमन से संचालित अलकायदा के संबंध में स्वयं चिंता व्यक्त की है।
पिछले २८ वषा] में यह किसी भी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली सऊदी अरब यात्रा है, जिसमें मनमोहन सिंह सऊदी अरब के शाह अब्दुल अजीज अल सऊद के साथ द्विपक्षीय संबंधों से ज़ुडे कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर बातचीत करेंगे। इंदिरा गांधी सऊदी अरब की यात्रा करने वाली अंतिम भारतीय प्रधानमंत्री थीं। उन्होंने १९८२ में तेल से मालामाल इस देश की यात्रा की थी। सऊदी अरब रवाना होने से पहले प्रधानमंत्री ने अपने बयान में कहा कि उनकी यह यात्रा काफी महत्व रखती है, क्योंकि भारत सुरक्षा और समृद्धि के लिहाज से ख़ाडी क्षेत्र को काफी महत्व देता है। प्रधानमंत्री की तीन दिवसीय यात्रा के दौरान दोनों पक्षों के बीच प्रत्यर्पण संधि, सजायाफ्ता कैदियों की अदलाबदली और संयुक्त निवेश कोष के गठन समेत १० समझौतों पर हस्ताक्षर होंगे।
प्रधानमंत्री डॉमनमोहन सिंह और शाह अब्दुल्ला के बीच कल बातचीत होगी, जिसमें सुरक्षा और प्रतिरक्षा समेत विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग के नये आयात खुल सकते हैं। बहरहाल, सऊदी अरब रवाना होने से पहले मनमोहन सिंह ने अपने बयान में कहा, ‘सुरक्षा, प्रतिरक्षा, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, अंतरिक्ष, मानव संसाधन विकास और ज्ञान आधारित उद्योग के क्षेत्र में सहयोग के नये द्वार खुलने की असीम संभावनाएं हैं।’ उन्होंने कहा कि क्षेत्र में वृहद सुरक्षा और स्थिरता को प्रोत्साहित करने और पारंपरिक क्षेत्रों से आगे ब़ढकर संबंधों को सामरिक स्तर पर ब़ढाने के उद्देश्य से वह अपनी यात्रा के दौरान शाह अब्दुल्ला से चर्चा करेंगे।
प्रधानमंत्री ने कहा कि उनका मानना है कि भारत और सऊदी अरब को एकदूसरे के साथ सहयोग से चरमपंथ और आतंकवाद का मुकाबला करने में काफी मदद मिलेगी। मनमोहन ने कहा, ‘मुझे उम्मीद है कि यात्रा के दौरान अफगानिस्तान और आपसी हितों से ज़ुडे अन्य क्षेत्रीय विषयों पर भी चर्चा होगी।’ उन्होंने कहा कि सऊदी नेतृत्व से बातचीत के लिए उनके पास ‘वृहद एजेंडा’ है।
