भारतपाक संबंधी विवादास्पद बयान देकर पलटे थरूर
रियाद। भारत और पाकिस्तान के बीच सऊदी अरब को ‘बहुमूल्य सहायक’ कहकर विदेश राज्य मंत्री शशि थरूर ने अपनी टिप्पणी से एक बार फिर विवाद उत्पन्न कर दिया, हालांकि उन्होंने तुरंत स्पष्टीकरण दिया कि उनका आशय यह नहीं था।
थरूर ने स्पष्टीकरण दिया कि उनके कहने का अर्थ ‘मध्यस्थ’ नहीं था। इस टिप्पणी ने भारतीय राजनीति के गलियारों में लोगों की त्यौरियां च़ढा दी हैं। शशि थरूर अभी प्रधानमंत्री डॉमनमोहन सिंह के साथ सऊदी अरब की यात्रा पर हैं।
उन्होंने कहा था कि हम मानते हैं कि सऊदी अरब का पाकिस्तान के साथ लंबा और घनिष्ठ संबंध रहा है, यही सऊदी अरब को हमारे लिये बहुमूल्य सहायक भी बनाता है। जब संवाददाताआें ने थरूर से पूछा कि इस्लामाबाद के साथ इसके घनिष्ठ संबंधों के मद्देनजर सऊदी अरब से आप किस प्रकार के सहयोग की अपेक्षा करते हैं, तो उनका जवाब था कि जब हम उन्हें अपने अनुभव सुनाते हैं, तो सऊदी अरब किसी प्रकार से पाकिस्तान के शत्रु नहीं, बल्कि एक मित्र के रूप में बात सुनता है।
इसलिए मुझे विश्वास है कि वह सहानुभूति और गंभीरता से ऐसे मामले को सुनेगा।भारतपाक संबंधी विवादास्पद बयान देकर पलटे थरूर
रियाद, २८ फरवरी (भाषा)। भारत और पाकिस्तान के बीच सऊदी अरब को ‘बहुमूल्य सहायक’ कहकर विदेश राज्य मंत्री शशि थरूर ने अपनी टिप्पणी से एक बार फिर विवाद उत्पन्न कर दिया, हालांकि उन्होंने तुरंत स्पष्टीकरण दिया कि उनका आशय यह नहीं था।
थरूर ने स्पष्टीकरण दिया कि उनके कहने का अर्थ ‘मध्यस्थ’ नहीं था। इस टिप्पणी ने भारतीय राजनीति के गलियारों में लोगों की त्यौरियां च़ढा दी हैं। शशि थरूर अभी प्रधानमंत्री डॉमनमोहन सिंह के साथ सऊदी अरब की यात्रा पर हैं।
उन्होंने कहा था कि हम मानते हैं कि सऊदी अरब का पाकिस्तान के साथ लंबा और घनिष्ठ संबंध रहा है, यही सऊदी अरब को हमारे लिये बहुमूल्य सहायक भी बनाता है। जब संवाददाताआें ने थरूर से पूछा कि इस्लामाबाद के साथ इसके घनिष्ठ संबंधों के मद्देनजर सऊदी अरब से आप किस प्रकार के सहयोग की अपेक्षा करते हैं, तो उनका जवाब था कि जब हम उन्हें अपने अनुभव सुनाते हैं, तो सऊदी अरब किसी प्रकार से पाकिस्तान के शत्रु नहीं, बल्कि एक मित्र के रूप में बात सुनता है। इसलिए मुझे विश्वास है कि वह सहानुभूति और गंभीरता से ऐसे मामले को सुनेगा।
