पाकिस्तान पर जीत के साथ भारत ने विश्व कप में किया आगाज
नई दिल्ली। अपेक्षाआें का भारी दबाव लिये खेल रही भारतीय हॉकी टीम ने संदीप सिंह के दो गोल की मदद से बारहवें विश्व कप के अपने पहले और सबसे अहम मुकाबले में आज चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान पर ४१ से एकतरफा जीत दर्ज करके अपने जबर्दस्त फार्म की बानगी पेश करते हुए खुद को सेमीफाइनल में प्रवेश के प्रबल दावेदारों में शामिल कर लिया। वहीं आज हुए अन्य मैचों में बीजिंग ओलंपिक के रजत पदक विजेता स्पेन ने दक्षिण अफ्रीका को ४२ से व इंग्लैंड ने उलटफेर करते हुए खिताब की प्रबल दावेदार व पिछली उप विजेता आस्ट्रेलिया को ३२ से हरा दिया।
पाकिस्तान के खिलाफ आज के अंतिम मैच में राजपाल सिंह की अगुवाई वाली भारतीय टीम ने जोश, जुनून और तकनीकी कौशल की उम्दा बानगी पेश करते हुए पाकिस्तान को खेल के हर विभाग में उन्नीस साबित कर दिया। मैदान में चारों ओर से आ रही ‘चक दे इंडिया’ की गूंज के बीच भारत के लिये शिवेंद्र सिंह (२६वां मिनट) और संदीप सिंह (३५वां और ५६वां मिनट) और प्रभजोत सिंह (३७वां मिनट) ने गोल दागे।
हॉकीप्रेमियों को एशियाई दिग्गजों की इस टक्कर के बेहद रोमांचक रहने की उम्मीद थी, लेकिन जीशान अशरफ की अगुवाई वाली पाकिस्तानी टीम शुरू ही से दबाव में दिखी। उसके ट्रंपकार्ड माने जा रहे उसके सबसे अनुभवी खिल़ाडी और विश्व रिकार्डधारी ड्रैग फ्लिकर सोहेल अब्बास और स्टार स्ट्राइकर रेहान बट भी फार्म में नहीं थे। दूसरी ओर भारतीय खिल़ाडी पूरे मैदान पर छाये रहे। पहले ही मिनट से भारतीय टीम ने मैच पर शिकंजा कस लिया। भारतीय फारवर्ड लाइन ने पाकिस्तानी गोल पर जमकर हमले बोले, जबकि डिफेंडरों ने पाकिस्तान के स्ट्राइकरों को रोके रखा। भारतीय टीम ने गेंद पर नियंत्रण और मैन टू मैन मार्किंग में भी पाकिस्तान को बौना साबित कर दिया।
भारतीयों के हर मूव पर मैदान पर मौजूद करीब १५००० दर्शकों ने जमकर तालियां बजाई। शुरुआती मिनटों में दोनों टीमें एकदूसरे का आकलन करने में लगी रही। भारत को १७वें मिनट में पहला पेनल्टी कार्नर मिला जिस पर दिवाकर राम गोल नहीं कर सके। मेजबान को २६वें मिनट में दूसरा पेनल्टी कार्नर मिला, लेकिन संदीप सिंह इसे तब्दील नहीं कर सके। अनुभवी फारवर्ड शिवेंद्र सिंह ने रिबाउंड शाट पर गेंद गोल के भीतर डालकर भारत को ब़ढत दिला दी। इसके चार मिनट बाद पाकिस्तान को पहला पेनल्टी कार्नर मिला, लेकिन अब्बास का शाट गोलपोस्ट के ऊपर से टकराकर निकल गया। इससे मैदान में अच्छी खासी तादाद में जमा पाकिस्तानी समर्थकों को मानों सांप सूंघ गया। पहले हॉफ के आखिरी मिनट में संदीप ने ड्रैग फ्लिक पर गोल करके भारत को २० की ब़ढत दिला दी।
दूसरे हाफ में भी भारतीय खिल़ाडी शुरू ही से हावी रहे और ३७वें मिनट में प्रभजोत सिंह ने एक और गोल करके मैदान में बैठे दर्शकों को लगभग आंदोलित कर दिया। गोल करने के बाद खुशी में झूमते प्रभजोत टीम डगआउट के पास ख़डे मुख्य कोच जोस ब्रासा के गले जा लगे।
पाकिस्तान और सोहेल का आज तकदीर ने भी साथ नहीं दिया और ४८वें मिनट में मिले पेनल्टी कार्नर पर उनका शाट एकबार फिर गोलपोस्ट से टकराकर निकल गया। पाकिस्तान को इस बीच दो पेनल्टी कार्नर और मिले लेकिन दोनों बेकार गए। वहीं बकौल ब्रासा भारतीय टीम के ब्रहमास्त्र संदीप ने ५६वें मिनट में पेनल्टी कार्नर पर दूसरा गोल करके भारत की ब़ढत ४० की कर दी। अब मेजबान की जीत दीवार पर लिखी इबारत की तरह साफ थी। दो मिनट बाद सोहेल ने आखिरकार पाकिस्तान को मिले छठे पेनल्टी कार्नर को गोल में बदलकर भारत की ब़ढत कुछ कम की, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। खेल के आखिरी दस मिनट बाकी थे और भारतीय डिफेंस चट्टान की तरह अडिग लग रहा था। वहीं भारतीय गोलकीपर पी श्रीजेश ने भी बेहद मुस्तैदी दिखाई।
इससे पहले आज आज उद्घाटन मुकाबले में पिछले विश्व कप की कांस्य पदक विजेता स्पेनिश टीम पूरे मैच खासकर दूसरे हाफ में दक्षिण अफ्रीका पर भारी प़डी। दक्षिण अफ्रीका के लिये जूलियन हाइक्स (१६वां मिनट) और इयान हेली (३०वां मिनट) ने गोल दागे, जबकि स्पेन के लिये राक ओलिवरी (२०वां), डेविड अलेग्रे (२१वां), रौड्रिगो ग्राजा (४६वां) और पाल कामेडा (६०वां मिनट, पेनल्टी कार्नर) ने गोल किये।
वहीं एक अन्य मैच में जेम्स टिंडेल के दो गोल की बदौलत इंग्लैंड ने खिताब की प्रबल दावेदार और पिछली उपविजेता आस्ट्रेलिया को ३२ से हराकर पहले ही दिन ब़डा उलटफेर कर दिया। बीजिंग ओलंपिक कांस्य पदक विजेता आस्ट्रेलियाई टीम पूरे मैच में अपनी रंगत में नजर नहीं आई। भारतीय हॉकी के पूर्व तकनीकी सलाहकार रहे रिक चार्ल्सवर्थ के मार्गदर्शन में आस्ट्रेलियाई टीम में विजेताआें वाले तेवर नहीं दिखे,जबकि दुनिया की छठे नंबर की टीम इंग्लैंड ने जबर्दस्त खेल दिखाया और उसके गोलकीपर जेम्स फेयर ने जबर्दस्त मुस्तैदी दिखाते हुए कई गोल बचाये। इंग्लैंड के लिये टिंडेल (३३वां मिनट और ४५वां मिनट) के अलावा एशले जैकसन (२५वां मिनट) ने गोल दागे, जबकि आस्ट्रेलिया के लिये दोनों गोल कप्तान जैमी ड्वायेर (२३वां और ६५वां मिनट) ने किये। आस्ट्रेलिया ने मैच में ११ में से सिर्फ एक पेनल्टी कार्नर को तब्दील किया, जबकि इंग्लैंड ने तीन में से दो पेनल्टी कार्नर भुनाये।
