भारत व सऊदी के बीच प्रत्यर्पण संधि
रियाद। भारत और सऊदी अरब ने अपने द्विपक्षीय संबंधों में एक नया अध्याय शुरू करते हुए महत्वपूर्ण प्रत्यर्पण संधि समेत नौ समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं।
विदेश मंत्रालय की एक वरिष्ठ अधिकारी लता रेड्डी ने बताया कि इनमें से कई समझौते जैसे प्रत्यार्पण संधि और सजायाफ्ता मुजरिमों को एकदूसरे को सौंपना काफी महत्वपूर्ण है और इन पर भारतीय प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह एवं सऊदी अरब के राजा अब्दुला बिन अब्दुल अजीज अल सऊद की मौजूदगी में हस्ताक्षर हुए हैं।
गौरतलब है कि श्री सिंह की तीन दिवसीय यात्रा का आज अंतिम दिन है। उन्होंने बताया कि प्रत्यर्पण संधि समझौते से दोनों देश आपस में अपराधियों को एकदूसरे को सौंप सकेंगे और यह अराजक एवं आपराधिक गतिविधियों में लिप्त तत्वों के लिए एक निवारक उपाय की तरह होगा और अपराध करने के बाद एकदूसरे के यहां शरण लेने से पहले उन्हें कई बार सोचना होगा। उन्होंने कहा कि रियाद घोषणापत्र के साथसाथ प्रत्यर्पण संधि पर हस्ताक्षर होना इस नजरिए से भी काफी महत्वपूर्ण है, क्योंकि दोनों ही देशों ने आतंकवाद की क़डी निंदा की है और इसकी धमकी से निपटने के लिए साझा रणनीति तैयार करने पर सहमति व्यक्त की है।
सुश्री रेड्डी ने बताया कि श्री सिंह और सऊदी अरब के राजा ने प्रत्यर्पण संधि एवं सजायाफ्ता मुजरिमों को एकदूसरे को सौंपने संबंधी समझौते का स्वागत किया है। भारत के नजरिए से यह इसलिए महत्वपूर्ण है कि सऊदी अरब की जलों में बन्द कई भारतीय कैदियों को भारत भेजा जा सकेगा और वे वहीं जाकर अपनी बाकी सजा पूरी कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि दोनों देशों ने द्विपक्षीय सांस्कृतिक संबंधों को ब़ढाने तथा अंतरिक्ष क्षेत्र में सहयोग को ब़ढावा देने के लिए भी सहमतिपत्र पर हस्ताक्षर किए है। इनके अलावा विज्ञान एवं तकनीकी क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग को ब़ढावा देने पर भी समझौता किया गया है। श्री सिंह की यात्रा के दौरान ऊर्जा एवं आधारभूत ढांचागत क्षेत्र में सहयोग पर विचारविमर्श हुआ। रेल ढांचागत सुविधाआें से ज़ुडी कंपनी राइट्स ने सऊदी अरब की एक कंपनी से रेलवे परियोजनाआें के संबंध में एक करार पर हस्ताक्षर किए हैं।
सऊदी अरब की कंपनी एरेमकों भी भारत में अपना कार्यालय खोलने तथा ४०० कऱोड का माल खरीदने पर सहमत हो गई है। श्री सिंह की यात्रा के दौरान टाटा मोटर्स और सऊदी अरब की कंपनी हफील ट्रांसपोर्ट के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए गये। समझौते के तहत टाटा मोटर्स हलीफ ट्रांसपोर्ट कंपनी को प्रशिक्षण के लिए बसें मुहैया कराएगा। एक कऱोड ८० लाख डालर के इस करार की गारंटी एक्सिम बैंक ने दी है। श्री सिंह के साथ केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री गुलाम नबी आजाद, वाणिज्य मंत्री आनन्द शर्मा, पेट्रोलियम मंत्री मुरली देव़डा और विदेश राज्य मंत्री शशि थरूर एवं उद्योग जगत की प्रमुख हस्तियों वाला उच्च प्रतिनिधिमंडल आया है।
दोनों देशों के प्रमुखों ने मजबूत द्विपक्षीय समझौते से दोनों देशों के नागरिकों के लाभान्वित होने का दावा करते हुए सूचना प्रौद्योगिकी, अंतरिक्ष विज्ञान और अन्य प्रमुख तकनीकी क्षेत्र में ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था विकसित करने की इच्छा प्रकट की। इससे पहले दोनों नेताआें ने २००६ की ऐतिहासिक दिल्ली घोषणापत्र के कार्यान्वयन की समीक्षा की। घोषणपत्र पर अब्दुला ने मुख्य अतिथि के तौर पर गणतंत्र दिवस की परेड में शामिल होने के लिए अपने दिल्ली प्रवास के दौरान हस्ताक्षर किये थे। विदेश मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि दोनों देशों के प्रमुखों ने मंत्रियों, अधिकारियों, शिक्षाविदों, मीडिया और अन्य स्तरों पर द्विपक्षीय दौरों के माध्यम से दिल्ली घोषणापत्र के कार्यान्वयन की महत्ता पर जोर दिया, क्योंकि रियाद घोषणापत्र दिल्ली घोषणापत्र से एक कदम आगे है। श्री सिंह और शेख अब्दुल्ला ने दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडल स्तरीय वार्ता के बाद अकेले बैठक की। उसके बाद दोनों नेताआें ने दिल्ली घोषणापत्र के अनुसार भारत के ब़ढते कच्चे तेल की आपूर्ति को पूरा करने समेत संपूरक तथा परस्पर आधारित रणनीतिक ऊर्जा भागीदारी को मजबूत करने पर जोर दिया, जिसमें नव तथा अक्षय ऊर्जा के क्षेत्रों का पहचान करने और उनमें आपसी सहयोग के लिए विशेष परियोजना को लागू करना शामिल है।
घोषणापत्र के अनुसार भारत ने सऊदी अरब को देश में कच्चे तेल के भंडारण के क्षेत्र में निवेश करने का निमंत्रण दिया है और दोनों देशों के प्रमुखों ने ऊर्जा पर संयुक्त कार्यकारी समूह को सभी उचित कदम उठाने का निर्देश दिया।
