
मैंने नहीं लिखा अखबार के लिए लेख : तसलीमा
नइ दिलली, । बगलादेश की निवासित लेखिका तसलीमा नसरीन ने आज कहा कि उहोंने कभी किसी कދड अखबार के लिए कोइ लेख नहीं लिखा आर यह उनकी छवि धूमिल करने का यास है।
गारतलब ह कि अखबार में छपे एक लेख के बाद कनाटक के कइ हिसों में हिंसक तनाव फल गया है। तसलीमा ने एक वय (जो ेट को उपलध हआ है) में कहा कि उहोंने कनाटक के किसी अखबार के लिए कभी कोइ लेख नहीं लिखा। तसलीमा ने कहा कि कनाटक में सोमवार को जो भी हआ, उससे मुझे आघात पहचा है। मुझे पता चला कि यह सघष एक कދड अखबार में मेरे ारा लिखे लेख ारा फला, लेकिन मने अपनी जिंदगी में किसी कދड अखबार के लिए कोइ लेख नहीं लिखा। तसलीमा ने कहा कि लेख का काशन घटिया हरकत है। मने अपने किसी लेख में यह नहीं लिखा कि मुहमद साहब बुर्के के खिलाफ थे। इसलिए यह बिगाड कर पेश किया गया लेख ह। तसलीमा ने कहा कि मुझे आशका ह कि यह मेरी छवि धूमिल करने का यास है। समाज में सघष पदा करने के लिए मेरी लेखनी का दुपयोग किया गया है। म चाहती है कि शाति बनी रहे। लेख के काशन के बाद कनाटक के मुयमी बीएसयेदियुरपा के गह क्षे शिमोगा में फली हिंसा में दो लोग मारे गए। इनमें से एक रविवार को पुलिस की गोलीबारी में मारा गया था। पिछले महीने भारत आने के बाद से तसलीमा सुरक्षा कारणों से एक अज्ञात थान पर रह रही है। एक न के जवाब में उहोंने कहा कि वह अपने ारा जारी वतय के अलावा कुछ नहीं कहना चाहतीं।
