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सचिवालय घेरने जा रहे बाबू व अन्य नेता गिरफ्तार

Swatantra Vaartha  Sun, 7 Mar 2010, IST

assimply around tdp president naidu arriestसचिवालय घेरने जा रहे बाबू व अन्य नेता गिरफ्तार

हैदराबाद। तेलुगु देशम पार्टी प्रमुख व विधानसभा में विपक्ष के नेता नारा चंद्रबाबू नायुडू ने पेट्रोल व डीजल तथा रोजमर्रा की वस्तुआें की ब़ढती कीमतों के खिलाफ देशभर के सभी राजनीतिक दलों के साथ आंदोलन करने का ऐलान किया। पेट्रोल व डीजल की ब़ढायी गयी दरों के विरोध में इंदिरा पार्क के पास तेदेपा, भाकपा व माकपा द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित महाधरने के बाद सचिवालय को घेरने के लिए जा रहे तेदेपा प्रमुख नारा चंद्रबाबू नायुडू, भाकपा प्रदेश सचिव के नारायण, माकपा प्रदेश सचिव बीवी राघवुलु तथा कुछ अन्य विधायकों व पार्टी नेताआें को बजारा हिल्स पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। नेताआें की गिरफ्तारी के विरोध में तेदेपा व वामदलों के नेताआें व कार्यकर्ताआें ने थाने के सामने धरना दिया।

इस अवसर पर बंजारा हिल्स थाने में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में विपक्षी दलों के प्रमुखों ने केंद्र व राज्य सरकार पर पेट्रोलडीजल तथा रोजमर्रा की वस्तुआें की दरें नियंत्रित करने में बुरी तरह विफल होने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि केंद्र व राज्य सरकारों की जनविरोधी कदमों का विरोध करते हुए एकजुट होकर संघर्ष करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि हाल में ब़़ढाये गये पेट्रोल व ़डीजल के दामों के चलते रोजमर्रा की वस्तुआें की दरें और ब़ढ गयी हैं।

चंद्रबाबू नायुडू ने रोजमर्रा की वस्तुआें की ब़ढती दरों पर प्रधानमंत्री डॉमनमोहन सिंह द्वारा लोगों की भावनाआें को ठेस पहुंचाने जैसा वक्तव्य दिये जाने के प्रति नाराजगी जाहिर की। उन्होंने ब़ढे हुए दामों का समर्थन करते हुए प्रधानमंत्री द्वारा दिये गये वक्तव्य को दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया।

पेट्रोलडीजल के दाम ब़ढाने के साथ वैट और सेवा कर नहीं ब़ढाने पर सरकारी खजाना खाली हो जाने, खजाना भरने से ही देश का भविष्य उज्ज्वल होने तथा उसी से बेरोजगारों को रोजगार मिलने संबंधी प्रधानमंत्री के वक्तव्य का हवाला देते हुए श्री नायुडू ने कहा किरोजगार मुहैया कराने के लिए दरें ब़ढाने का कोई औचित्य नहीं है। उन्होंने कहा कि करों व दरों की वृद्घि की आ़ड में गरीबों का खून पीना ठीक नहीं है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को यह समझना चाहिए कि आर्थिक संशोधन गरीबों को मुश्किलों में धकेलने के लिए नहीं किये जाते।

उन्होंने कहा कि पेट्रोल से ६० फीसदी तथा डीजल की दर वृद्घि से केंद्र व राज्य सरकारों को ४० फीसदी अतिरिक्त आय होती है।

श्री नायुडू ने कहा कि राज्य में ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी दरों में वृद्घि के विरोध में व्यापक स्तर पर आंदोलन छ़ेडने के लिए अब अन्य पार्टियों को साथ लेकर चलने पर विचार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि दरें कम करने तक विभिन्न पार्टियों के साथ संघर्ष करेंगे।

अधिवक्ताआें के रवैये से बाबू नाराज

चंद्रबाबू नायुडू ने पेट्रोल, डीजल व रोजमर्रा की वस्तुआें की दर वृद्घि के विषय में केंद्र व राज्य सरकारों की कार्रवाइयों के विरोध में तेदेपा, माकपा व भाकपा द्वारा इंदिरा पार्क के पास आयोजित महाधरना में रुकावट पैदा करने का प्रयास करने वाले अधिवक्ताआें के बर्ताव पर असंतोष व्यक्त किया।

उन्होंने कहा कि गरीबों से संबंधित समस्या पर आयोजित धरने का समर्थन करने के बजाय अधिवक्ताआें का इस तरह धरने में बाधा डालने की कोशिश करना ठीक नहीं है।

उन्होंने कहा कि अधिवक्ताआें के पीछे दूसरी ताकतें छिपी हैं, क्योंकि हर किसी के पीछे कोई न कोई राजनीतिक पार्टी काम कर रही है और यह बात सभी जानते हैं।

उन्होंने कहा कि महाधरने में हजारों लोगों ने भाग लिया, लेकिन उस मौके पर करीब १५ अधिवक्ताआें ने वहां आकर कार्यक्रम में रुकावट डालने की कोशिश की।

भाकपा प्रदेश सचिव के नारायण ने कहा कि आज के इस महाधरना को लोगों का व्यापक समर्थन मिला है और इससे स्पष्ट होता है कि सरकार के रवैये से लोग सख्त नाराज हैं।

उन्होंने बताया कि इस महीने की १२ तारीख को दर वृद्घि के विरोध में राज्यस्तर पर आंदोलन किया जाएगा।

उन्होंने लोकतांत्रिक व्यवस्था में तीन प्रमुख राजनीतिक पार्टियां जब सरकार की अनुमति से धरने का आयोजन कर रही हैं, तो अधिवक्ताआें का वहां आकर कार्यक्रम में रुकावट पैदा करने की कोशिश करना ठीक नहीं है।

नारायण ने आरोप लगाया कि हंगामा कर रहे अधिवक्ताआें को नियंत्रित करने में पुलिस बुरी तरह विफल रही। माकपा प्रदेश सचिव बीवी राघवुलु ने ब़ढाये गये दाम कम नहीं करने पर अपना आंदोलन और तेज करने की चेतावनी दी।

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