
देश की आधी आबादी को सलाम
नइ दिलली, । अतराटीय महिला दिवस के दूसरे दिन लोकसभा आर विधानसभाओंमें महिलाओं को ३३ तिशत आरक्षण का ऐतिहासिक विधेयक दो दिन के भारी हगामे के बाद आज रायसभा ने दोतिहाइ से भी यादा मतों से पारित कर दिया।
बाहर से समथन दे रहे कुछ दलों का समथन खोने आर अथिरता का खतरा उठाते हुए सरकार अतत: १४ साल से लटके इस विधेयक को उच सदन में पारित कराने में कामयाब हो गयी, जिसमें मुय विपक्षी दल भाजपा आर वामदलों ने उसका समथन किया। विधेयक को लेकर कल अशोभनीय बताव करने वाले सात सासदों को आज निलबित कर माशलों के जरिए सदन से बलपूवक बाहर निकालकर विधेयक पारित कराने की किया को आगे बढाया गया। विधेयक के पक्ष में १८६ मत पडे, जबकि विरोध में केवल एक। महिला विधेयक पर दो धडों में बटते नजर आ रहे जद यू के पाच सासदों ने विधेयक के पक्ष में मतदान किया, जबकि वत भारत पक्ष के सासद शरद अनतराव जोशी ने इसके विरोध में मत डाला। विधेयक में दलितों, अपसयकों आर पिछडों को आरक्षण नहीं दिये जाने के विरोध में बसपा ने मतदान किया में भाग नहीं लिया आर उसके सदय सदन से वाकआउट कर गये। विधेयक पारित होने के बाद राजद मुख लालू साद ने ऐलान किया कि वह सरकार से समथन वापसी का प कल राटपति को सापेंगे। अतरराटीय महिला दिवस के अवसर पर विधेयक पारित कराने के सरकार के यासों को पलीता लगाने वाले सपा व राजद के सात सासदों ने कल से ही सदन में जमकर हगामा किया।
कल सभापति हामिद असारी के हाथ से विधेयक छीनने, उनके आसन पर लगे माइक को तोडने की ाटनाए हइ आर आज भी गिलास तोडा गया। बाद में दजनों की सया में माशल बुलाकर इन बेकाबू सदयों को सदन से बलपूवक बाहर निकलवा कर यवथा कायम की गयी आर फिर विधेयक पर चचा की किया शु हइ। माशलों ारा सदयों को जबरन बाहर निकालने की नाबत आने के घटनाकम को मनमोहन, विपक्ष के नेता अण जेटली सहित विभि दलों के नेताआें ने दुखद बताया। विधेयक पर हइ चचा का जवाब देते हए कानून मी वीरपा मोइली ने कहा कि यह कानून देश की महिलाआें को निणय में भागीदारी देने में एक महवपूण भूमिका निभाएगा।
इससे पूव विधेयक पर हइ चचा में अधिकतर दलों के सदयों ने विधेयक का समथन किया। जेटली ने विधेयक पारित होने का श्रेय अपनी पार्टी को देते हए कहा कि यह ऐसी परिथितियों आर ऐसे सदन में पारित हआ है, जहा सरकार अपमत में है।
इससे पहले महिला आरक्षण विधेयक को महिला सशीकरण की दिशा में उठाया गया एक ‘बडा कदम’ करार देते हए धानमी डामनमोहन सिंह ने आज रायसभा में कहा कि यह अपसयक आर अनुसूचित जाति आर जनजाति विरोधी नहीं ह।
धानमी ने विधेयक पर हइ चचा में हतक्षेप करते हए सदन में पिछले दो दिनों में सदयों ारा आसन के ति दिखाये गये असमान के लिये गहरा खेद यत किया। श्री सिंह ने इस बात पर भी विचार करने पर जोर दिया कि भविय में इस कार की घटनाआें की पुनरावा न हो आर सदन का काम सुचा प से चले।
धानमी ने कहा कि विधेयक पर लगभग सवसमति बनना इस बात का जीवत माण ह कि भारतीय लोकत का दिल मजबूत है। उहोंने विधेयक का समथन देने के लिये मुय विपक्षी दल सहित सभी राजनीतिक दलों के नेताआें का आभार जताया।
विधेयक में अपसयकों आर अय पिछडा वग के बारे में कुछ सदयों की ओर से जतायी गयी चिंताआें का जिक करते हए सिंह ने कहा कि अपसयकों को विकास के फायदों में आमतार पर पयात हिसेदारी नहीं मिली ह। धानमी ने कहा कि उनकी सरकार अपसयकों के उथान के लिये विभि अय उपायों के जरिये गभीरता से काम करने के लिये तिब है।
श्री सिंह ने कहा कि भारत की महिलाआें ने जो बलिदान दिया है, यह विधेयक उस बलिदान के ति हमारी श्रा का एक छोटासा तीक है। इस अवसर पर उहोंने देश के वतता आदोलन में महवपूण भूमिका निभा चुकी कतूरबा गाधी, एनी बेसेंट, सरोजिनी नायुडू राजकुमारी अमत कार, विजयलमी पडित आर इदिरा गाधी जसी महवपूण नेताआें का मरण किया। धानमी ने अपनी बात का समापन इस शेर से किया, ‘आगाज को कोइ पूछता नहीं, अजाम अछा हो आदमी से।’
सरकार महिला आरक्षण विधेयक को लोकसभा में भी इसी स में पारित कराने का यास
करेगी। ससदीय काय मी पवन कुमार बसल ने विधेयक पारित होने के बाद सवाददाताआें से बातचीत में कहा कि
अभी यह नहीं कहा जा सकता कि इसे लोकसभा में कब लाया जायेगा, लेकिन सरकार की कोशिश होगी कि इसे इसी स में पारित किया जाये। रायसभा में विधेयक पारित होने से फुलित बसल ने कहा कि लोकसभा में विधेयक लाने के बारे में फसला सदन की काय माणा समिति की बठक में होगा, इसलिये इस सबध में वह फिलहाल कुछ नहीं कह सकते, लेकिन सरकार इसे चालू स में ही पारित कराने का यास करेगी।
