
उविवि के छात्र ने की आत्महत्या
हैदराबाद, । उमानिया विववािलय के एक आर छा ने पथक तेलगाना राय की माग के समथन में कथित तार पर आमहया कर ली है। उसने आज सुबह यहा विववािलय के हाटल के कमरे में फासी पर लटककर आमहया कर ली। बताया जाता है उसने तेलगाना राय के गठन में हो रही देरी से हताश होकर यह कदम उठाया। पुलिस ने उसका सुसाइड नोट बरामद कर लिया है। घटना के बाद गाधी अपताल में धरना दे रहे छात्रों पर पुलिस ने लाठीचाज किया, जिसमें कइ छा घायल हो गये। घटना के बाद से विववािलय परिसर व गाधी अपताल में तनाव है।
पुलिस ने बताया कि उमानिया विववािलय के बीटेक तीिय वष (केमिकल इजीनियरिग) का छा एम साइकुमार सुबह में लास करने के बाद हाटल के कमरे में गया आर उसने खुद को फासी पर लटका लिया। जब उसके कमरे में रहने वाले साथी अपनी कक्षाए करने के बाद लाटे, तो उहोंने साइकुमार को लटकता पाया। उहोंने तुरत पुलिस को इसकी जानकारी दी आर एबुलेंस बुलाया। साइकुमार ने गाधी अपताल ले जाने के दारान दम तोड दिया। पुलिस ने कथित तार पर साइकुमार ारा लिखा गया सुसाइड नोट बरामद किया, जिसमें कहा गया कि वह तेलगाना की माग को लेकर अपनी जान की कुबानी दे रहा है।
साइकुमार नलगोंडा जिले के कोदाड क्षे के कापुगल गाव का रहने वाला था। टूशन पढाकर अपना खच चलाने वाले साइकुमार के पिता किसान है। उसने अपने म पाटनर अमरेंदर को बताया था कि उगादी पव के समय वह अपने गाव जायेगा। अमरेंदर ने बताया कि आज सुबह जब उसने हाटल का कमरा अदर से बद पाया, तो उसे शक हआ। जब उसने अय छााें की मदद से दरवाजा तोडा, तो अदर साइकुमार फासी पर लटक रहा था। छााें ने बताया कि जब साइकुमार को उतारा गया, तब तक उसकी सासें चल रही थीं।इस बीच, साइकुमार की मात की खबर फलते ही उमानिया विववािलय परिसर व आसपास के क्षेाे में तनाव फल गया। सकडों की सया में छा उसे देखने के लिए गाधी अपताल की ओर दाड पडे। छा वहा तनात पुलिसकमियों से उलझ पडे आर जबरन शव को विववािलय परिसर ले जाने की माग करने लगे। तनाव की आशका के मेनजर अतिरि बलों को विववािलय परिसर आर गाधी अपताल परिसर के निकट तनात कर दिया गया।
उाेजित छा विववािलय की परीक्षाओं को बहिकार करते हुए सडकों पर नारेबाजी करने लगे। उहोंने गाधी अपताल में शव देखने पहचे कुलपति ाेटीतिमला राव का भी घेराव किया। गाधी अपताल में साइकुमार के शव के साथ रली निकालने पर आमादा छा वहा धरने पर बठ गये। उहोंने पुलिस से शव के साथ रली निकालने की माग की। पुलिस को आशका थी कि रली निकालने से तनाव आर बढ सकता ह, इसलिए इजाजत नहीं दी गयी। इसके बाद उाेजित छा वहा धरने पर बठकर पुलिस व देश सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। कुछ छा पुलिस से भिड गये, जिसके बाद लाठीचाज कर पुलिस ने उहें तितरबितर कर दिया। इस घटना में कइ छा घायल हो गये।
तेलगाना के छााें ारा आमहया की यह सबसे ताजा घटना ह। गारतलब ह कि अब तक कम से कम चार छा तेलगाना राय की माग के समथन में आमहया कर चुके है।
उधर, तेलगाना राजनीतिक वाइट एशन कमेटी (जेएसी) के सयोजक ाे कोदडराम ने कहा कि देश मे तानाशाही सरकार चल रही ह, इसलिए शवयाा के लिए भी सरकार की अनुमति लेने की बात कह रही ह। उहोंने कहा कि साइकुमार ारा आमहया करने के बाद तेलगाना के नेताआें को अब तो अपनी आखें खोलनी चाहिए आर अपने पदों से इतीफा देना चाहिए।
कोदडराम ने तेलगाना के समथन में अपनी जान देने वाले साइ कुमार के शव पर श्राजलि अपित की।
बाद में पकारों से बातचीत में उहोंने कहा कि शवयाा के लिए अनुमति लेना किसी कानून मे नहीं लिखा है। उहोंने बताया कि शवयाा की अनुमति के लिए जब गहमी से सपक किया गया, तो उनकी थिति असहाय हो गयी। उहोंने वािथियों से आमहया न करने की अपील करते हए कहा कि हम जीवित रहकर ही तेलगाना हासिल करेंगे।
उहोंने कहा कि श्रीकणा समिति व तटीय आध के नेताआें के बयानों के विरोध में छा आमहया कर रहे है। उहोंने कहा कि अगर आमहया का सिलसिला रोकना है, तो राजनीतिक नेताआें को तकाल अपने पदों से इतीफा देना चाहिए। उहोंने कहा कि तेलगाना के लिए अपने ाणों की बलि देने वाले छााें की अतिम इछा पूरी करने के बजाय सरकार उटे छााें पर लाठिया बरसा रही है।
टीआरएस विधायक दल के नेता इटेला राजेंदर ने कहा कि एक ओर जहा तेलगाना के लिए छा अपनी जान दे रहे है, वहीं जनपतिनिधियों ारा अपने लालच में अपने पदों पर टिके रहना दुभायपूण है।
