श्रीकृष्ण समिति की बठक कल दिल्ली में होगी
नइ दिल्ली, । विचारविमश की किया शु करने से पहले पथक तेलगाना राय के मुे पर बीएनश्रीकणा समिति गुवार को दीि में एक बठक करेगी आर पथक राय के मुे पर अब तक की गति तथा विभि वगा] से ात तिकियाआें की समीक्षा करेगी। गारतलब है कि कें ने बीते महीने इस समिति का गठन किया था। इसके बाद से राीय राजधानी में समिति की यह तीसरी बठक होगी। हदराबाद में समिति की एक बार बठक हो चुकी ह। समिति के सदय सचिव विनोद कुमार दुगल ने कहा कि पथक तेलगाना राय मुे पर विभि लोगों आर सगठनों सहित कइ वगा] से बडी सया में विचार ात हए ह। दुगल ने सवाददाताआें से कहा, ‘हमने केवल विचारों को पढने के लिए लोगों को नियु किया है।
हमें बडी सया में लोगों से विचार ात हो रहे है, हम स है (इस झान से)।’ उहोंने कहा, ‘लोगों के इन विचारों को देखने आर उनका एक ाप तयार करने के लिए हम पाच से छह समपित लोगों को नियु करने की योजना बना रहे है।’ कें ारा गठित इस समिति का पहले कइ सगठनों ने बहिकार करने की धमकी दी थी, लेकिन इनमें से कइ अपने निणय से पलट गये है आर उहोंने समिति को अपने विचार भेजे है। समिति ने अल के थम सताह से आम लोगों के साथ विचारविमश की किया शु करने का निणय किया है आर घोषणा की ह कि समिति की सुनवाइया हदराबाद आर आध देश के अय कइ भागों में होंगी। गुवार को होने वाली बठक के एजेंडे के विषय में पूछे जाने पर दुगल ने कहा कि बीते एक महीने में हइ गति की समीक्षा की जाएगी। इस समिति ने पथक तेलगाना राय पर अपने विचार देने से पहले ही ऐतिहासिक, सवधानिक, राजनीतिक, वधानिक, आथिक, सामाजिक आर साकतिक पहलुआें का अययन शु कर दिया ह। क्षेीय आधार पर आध देश एक तरह से विभाजित हो गया है।
तेलगाना में इस विकट मुे पर समिति ने राजनीतिक दलों, सगठनों, समूहों आर विभि सिविल सोसाइटीज से विचार आर सुझाव आमति किये ह। इस समिति को पथक तेलगाना मुे की माग पर आध देश में हालात का जायजा लेने आर अखड आध देश बनाये रखने के मुे के सबध में मागों की जाच परख का अधिकार दिया गया है। इस समिति के अय सदयों में राीय विधि विववािलय, दीि के कुलपति रणबीर सिंह, इटरनेशनल फूड पालिसी रिसच इटीटयूट, दीि में सीनियर रिसच फेलो अबु सालेह शरीफ आर आइआइटी दीि में मानविकी तथा समाज विज्ञान विभाग में ाेफेसर रविंदर कार शामिल है। इस समिति को राय के गठन से लेकर अब तक के घटनाकम की समीक्षा करने आर विभि क्षेाें में गति पर इसके भाव की समीक्षा करने का भी अधिकार दिया गया है।
