महागर्जना रली में छत्रों ने की तेलगाना गर्जना
हैदराबाद। प्थक तेलगाना राय की माग पर छााें की वाइट एशन कमेटी (जेएसी) को आहत तेलगाना िवदयाथी महागजना राली में भारी सया में छत्रों सिहत अय लोगों ने भाग िलया। इस रैली में एकमत से एक ताव पािरत िकया गया, िजसमें कें सरकार से िबना किसी विलब के तेलगाना राय के गठन की िकया शुरु करने की माग की गयी।
ताव में कहा गया िक सविधान के अनुछेद तीन के अनुसार इसके िलए देश विधानसभा में कोइ ताव पारित करने की जरत नहीं ह। छााें ने धमकी दी कि अगर तेलगाना मुे पर कें सरकार खामोश बठती ह, तो इसके गभीर परिणाम होंगे।
तेलगाना क्षे के १० जिलों के विभि विववािलयों व कालेजों के छा आज उमानिया विववािलय परिसर में एक हए।
लग रहा था कि जसे उमानिया विववािलय परिसर छााें के सागर में तदील हो गया ह। छा नेताआें तथा छााें ने तेलगाना व उसके नेताआें की शसा में रासमयी बालाकण, विमला तथा अय ारा लिखे गये गीत गाये तथा खूब वाहवाही लूटी। पुलिस ारा अवरोधक लगाये जाने के बावजूद तेलगाना की मुख हतिया कोंडा लमण बापूजी तथा कवि आदेश्री आयोजन थल पर पहचे तथा छााें को आशीवाद दिया। इस अवसर पर पकाि ‘मारोजू’ का लोकापण भी किया गया। कवि आदेश्री ने तेलगानावासियों को आदोलन की ेरणा देने वाले काय सगह ‘जागो जगावो’ का विमोचन भी किया। यह काय सगह कवि आदश्रीे ारा ही िलखित ।
इस अवसर पर आयोजित बठक में तेलगाना के लिए बलिदान देने वालों को श्राजलि दी गयी तथा उनके शोक सत परिजनों को १०१० लाख पये का मुआवजा देने की माग की गयी। बठक में केींय गहमी पीचिदबरम ारा ना दिसबर को की गयी घोषणा के अनुसार छााें के वि दज मामलों को तुरत वापस लेने की माग भी की गयी। बठक में यह माग भी की गयी कि पाच जनवरी को बठक में भाग लेने वाले राजनीतिक दलों को दीि रवाना होने से पूव पथक तेलगाना राय के मुे पर अपना ख प करना चाहिए। बठक में कहा गया कि पथक राय के गठन के लिए राय विधानसभा में ताव पारित करने की जरत नहीं ह। बठक में कहा गया कि सविधान के अनुछेद तीन के मुताबिक ससद में विधेयक लाकर पथक तेलगाना राय के गठन की किया तुरत शु की जानी चाहिए।
बठक में कहा गया कि ‘एकीकत आध आदोलन’ अमीरों, रियल इटेट मालिकों तथा सप लोगों का आदोलन ह, जबकि तेलगाना आदोलन आध के लोगों के जुए का भार सहन कर रही तेलगाना की गरीब जनता के टूटे दिलों से उपजा आदोलन ।
ताव में कहा गया कि पथक तेलगाना राय की ा होने तक आदोलन जारी रहेगा। यदि सरकार ने इस मामले में दोहरे मानदड अपनाये या तेलगाना के गठन में देरी की, तो गभीर परिणाम होंगे। बठक में यह माग भी की गयी कि नइ दीि में आयोजित बठक में पथक तेलगाना के गठन के लिए समयसीमा निधारित की जानी चाहिए।
बठक में कहा गया कि आधा व तेलगानावासियों को भाइयों की तरह से अलग होना चाहिए। बठक में कहा गया कि तेलगानावासी आधावासियों के सकाति पव में भाग लेंगे तथा आधावासियों को भी तेलगानावासियों के दशहरा पव में भाग लेना चाहिए।
