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दूसरे राज्य पुर्नगठन आयोग को लेकर पािटयों में मतभेद

swatantravartha  Tue, 5 Jan 2010, IST

दूसरे राज्य पुर्नगठन आयोग को लेकर पािटयों में मतभेद

नइ दीली । प्थक तेलगाना राय की घोषणा से उप सकट के बाद दूसरे राय पुनगठन आयोग (एसआरसी) की थापना के मुे पर राजनीतिक दलों में मतभेद उठ खडे हएहै ।

भाजपा पथक तेलगाना राय के पक्ष में ह, लेिकन वह आयोग के पक्ष में तीत नहीं हो रही ह। भाजपा अयक्ष नितिन गडकरी ने सवाददाताआें को बताया, ‘अब तक इस बारे में हम किसी नतीजे पर नहीं पहचेहै ।’

कागेस भी पार्टी नेताआें की माग पर दूसरे राय पुनगठन आयोग की थापना के लिए आम सहमति की जरत रेखाकित करते हए बच रही ह। वामदल ऐसे ताव पर सहमत नहीं ह। शिवसेना ने भी इसका विरोध किया ।

सग में केवल राकापा ही ऐसी पार्टी ह, जिसने एसआरसी का पक्ष लिया ह। वामदलों की तरह सग की सहयोगी तणमूल कागेस ने पचिम बगाल का विभाजन कर गोरखालड बनाये जाने का विरोध किया ह। पार्टी के एक वरि सासद ने कहा, ‘हम कोइ भी नया राय बनाने के खिलाफ ह।’ महारा की अखडता बनाये रखने की पक्षधर शिवसेना ने पहले ही पथक विदभ की माग करने वालों को चेतावनी दे दी ह। दिलचप बात यह ह कि माकपा पथक तेलगाना के विरोध में आर भाकपा इसके पक्ष में ह। भाकपा के सचिव डीराजा ने कहा कि पथक तेलगाना के मुे को अय रायों के निमाण की माग से नहीं जोडना चाहिए।

राजा ने आरोप लगाया कि कागेस इसलिए दूसरा एसआरसी गठित करने की बात करती ह, ताकि वह तेलगाना को लेकर खुद के ारा उप किए गये विवाद से बच सके। वामदलों की राय में दूसरा एसआरसी विवादों को जम दे देगा। राजा मानते ह कि ऐसे किसी भी कदम से सभी रायों को दो हिसों या तीन हिसों को बाटने की माग करने वालों को बढावा मिलेगा।

उहोंने कहा कि ऐसे कदम से लोगों का यान मूयव, खा सुरक्षा, बेरोजगारी, रोजगार में कमी जसी बडी समयाआें से हट जाएगा।

भाकपा की तरह ही मुय विपक्षी दल भाजपा ने भी कागेस नीत सग पर सवेदनशील मुे का ‘मजाक’ बनाने का आरोप लगाया ह। भाजपा की यह सतक टिपणी नये रायों के गठन की माग के मेनजर ।

उार देश की मुयमी मायावती ने राय के तीन हिसे करने की माग की ह, जिसे यक्ष तार पर कागेस आर भाजपा दोनों ने ही खारिज कर दिया ह। गडकरी के अनुसार भाजपा विदभ निमाण के पक्ष में ह आर उसने पूव में पार्टी में एक ताव भी पारित किया था, लेकिन महारा में उसकी सहयोगी शिवसेना इसके विरोध में ह, इसलिए भाजपा ने इसे ठडे बते में डाल दिया।

भाजपा नीत राजग का घटक जद (यू) दूसरे एसआरसी के गठन के पक्ष में ह। पार्टी के वा शिवानद तिवारी ने सवाददाताआें को बताया, ‘हम चाहते ह कि दूसरे राय पुनगठन आयोग की थापना हो आर सभी क्षेीय तथा राीय राजनीतिक दलों को इस मुे पर बातचीत के लिए बुलाया जाये।’

तिवारी ने कहा, ‘तेलगाना मुे पर जदबाजी में हा कह कर कागेस ने जो तूफान खडा किया आर फिर कदम पीछे खींचे, उसे देखते हए दूसरे एसआरसी का गठन महवपूण ह।’ कागेस काय समिति ने वष २००४ में कें में साा हासिल करने से पहले एक ताव में कहा था कि वह दूसरे एसआरसी के पक्ष में ह, लेकिन बाद में उसने कह दिया कि इस सिलसिले में आम सहमति का अभाव ह।

भाजपा चाहती ह कि छोटे रायों के मुे पर मामला दर मामला विचार किया जाये, योंकि ऐसी मागें वाीिय, भूभागीय, भाषागत आर अय सामयिक आधार पर होनी चाहिए।

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