ADVERTISEMENT

आपका वोट

क्या राहुल गांधी भ्रष्टाचार खत्म करेंगे?

  • सही
  • गलत
  • पता नहीं
और भी

फोटो दीर्घा

Share

सोहराबुद्दीन मुठभ़ेड मामले में गीता जौहरी को सम्मन

Swatantra Vaartha  Fri, 30 Jul 2010, IST

सोहराबुद्दीन मुठभ़ेड मामले में गीता जौहरी को सम्मन

अहमदाबाद। सीबीआई ने सोहराबुद्दीन शेख की फर्जी मुठभ़ेड और उसकी पत्नी कौसर बी को मारे जाने के मामले की जांच अधिकारी रहीं गीता जौहरी को आज सम्मन जारी किया और अपने समक्ष १० अगस्त तक पेश होने को कहा। जौहरी ने उस समय इस मामले की जांच का नेतृत्व किया था, जब वह राज्य सीआईडी में थीं। वर्तमान में वह राजकोट शहर की पुलिस आयुक्त हैं।

उच्चतम न्यायालय द्वारा जनवरी में दिये गये निर्देश पर मुठभ़ेड की जांच शुरू करने वाली सीबीआई जौहरी से पहले ही दो बार पूछताछ कर चुकी है। न्यायालय ने मामला सीबीआई को हस्तांतरित करते हुए फर्जी मुठभ़ेड में स्थानीय पुलिस की मदद करने वाले आंध्र प्रदेश के सात पुलिसकर्मियों की पहचान में विफल रहने पर जौहरी के नेतृत्व वाली विशेष जांच समिति को झ़ाड लगाई थी। फिलहाल जौहरी ब्रिटेन में हैं और उनके छह अगस्त को लौटने की उम्मीद है। सीबीआई ने कल राज्य के पूर्व पुलिस महानिदेशक पीसी पांडे को सम्मन भेजकर ११ अगस्त को पेश होने को कहा था। पांडे उस समय पुलिस महानिदेशक थे, जब राज्य सीआईडी फर्जी मुठभ़ेड की जांच कर रही थी। ऐसे आरोप लगते रहे हैं कि गुजरात के कुछ पुलिस अधिकारी मामले की जांच को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं।

उच्चतम न्यायालय ने निष्पक्ष जांच करने में विफल रहने और विरोधाभासी कार्रवाई रिपोर्ट दायर कर शीर्ष अदालत को ‘गुमराह’ करने की कोशिश में राज्य पुलिस को भी जमकर फटकारा था। इसने कहा था कि जांच अधिकारियों में से एक वीएलसोलंकी सही दिशा में जा रहे थे, जबकि जौहरी जांच सही तरह से नहीं कर रही थीं। न्यायालय ने अपने १२ जनवरी के आदेश में कहा था कि जौहरी ने सोलंकी की दूसरी रिपोर्ट का कोई जिक्र नहीं किया जो अदालत को नहीं भेजी गई। न्यायालय ने कहा था कि जौहरी द्वारा सोहराबुद्दीन की आपराधिक पृष्ठभूमि और उसे लेकर आरोपी अधिकारियों के बीच चर्चा के उल्लेख का मतलब जांच पर पर्दा डालना था।

शीर्ष अदालत ने सीबीआई से यह पता लगाने को भी कहा था कि क्या हत्याआें के पीछे कोई ब़डी साजिश थी। सीबीआई इस मामले में गुजरात के पूर्व गृह राज्य मंत्री अमित शाह, पूर्व पुलिस उपायुक्त अभय च़ूडासमा और एक फार्म हाउस के मालिक राजेंद्र जिरावाला को गिरफ्तार कर चुकी है, जहां मारे जाने से पहले सोहराबुद्दीन और कौसर बी को रखा गया था।

=

आपकी राय