बंधक पुलिसकर्मी की हत्या की पुष्टि, शव बरामद
पटना/लखीसराय। माओवादियों द्वारा बंधक बनाए गए चार पुलिसकर्मियों में से बीएमपी के एक अवर निरीक्षक लूकस टेटे की हत्या करने के साथ माओवादियों द्वारा उनकी मांगों को पूरी करने के लिये तय की गयी नयी समयसीमा जहां आज सुबह दस बजे समाप्त हो गयी, वहीं पुलिस ने अपने तीन अन्य जवानों की तलाश के लिए अभियान तेज कर दिया है। पुलिस ने लखीसराय जिले के चानन थाने के तहत सिमरातल्ली कोरासी से लूकस टेटे का गोलियों से छलनी शव आज बरामद किया। नक्सलियों ने टेटे के शव के पास एक हस्तलिखित पर्चा छ़ोडा है, जिसमें उन्होंने प्रदेश की विभिन्न जेलों में बंद अपने आठ साथियों को रिहा नहीं किए जाने पर बाकी बंधकों की भी हत्या कर देने की धमकी दी है।
लूकस टेटे का शव बरामद होने की सूचना मिलने पर उत्पन्न स्थिति के मद्देनजर आगे की रणनीति को लेकर विचारविमर्श करने के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज अपने आवास पर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी सहित राज्य के मुख्य सचिव अनुप मुखर्जी, गृह सचिव आमिर सुबहानी और प्रदेश के पुलिस महानिदेशक नीलमणि के साथ आज अपने आवास एक अणे मार्ग पर एक आपात बैठक की। मुख्यमंत्री ने पूरी स्थिति की समीक्षा के लिये कल एक सर्वदलीय बैठक बुलायी है।
आज की बैठक के बाद राज्य के अपर पुलिस महानिदेशक (मुख्यालय) ने बताया कि जमीनी स्तर पर पुलिस की कार्रवाई जारी रहेगी और यह काम पूरी तत्परता के साथ शुरू हो गयी है और उसमें तेजी भी लायी गयी है।
उन्होंने कहा कि मुठभ़ेड के अगले दिन से ही उक्त इलाके का हेलीकॉप्टर के जरिए हवाई सर्वेक्षण किया जा चुका है, जो जानकारी चाहिए थी, उसके माध्यम से मिल चुकी है।
यह पूछे जाने कि क्या बाकी बंधकों की रिहाई के लिए नक्सलियों से वार्ता की जा रही है, बिहार के अपर पुलिस महानिदेशक (मुख्यालय) पीकेठाकुर ने कहा कि वह तो सरकार का निर्णय है, पर जहां तक पुलिस का सवाल है किसी भी अपराध में पुलिस कानूनी और संवैधानिक तौर पर कार्रवाई करने के अपने दायित्व से बंधी है और उस कर्तव्य का निर्वहन हो रहा है। उन्होंने कहा कि वार्ताएं तो होती रहती हैं, सरकार अपने स्तर से वार्ता करती रहती है, लेकिन जो पुलिस का कर्तव्य है, वह हम कर रहे हैं।
