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ग्रुप 1 विवाद में जनप्रतिनिधि बचे, छात्र फंसे

Swatantra Vaartha  Tue, 7 Sep 2010, IST

ग्रुप१ विवाद में जनप्रतिनिधि बचे, छात्र फंसे

हैदराबाद। ग्रुप१ की परीक्षाआें के दौरान रविवार को उस्मानिया विश्वविद्यालय में घटी घटनाआे के संबंध में पुलिस के रवैये की क़डी आलोचना हो रही है। कहा जा रहा है कि इन घटनाआें को लेकर विद्यार्थियों पर आपराधिक मामले दर्ज करने वाली पुलिस जनप्रतिनिधियों के विषय में बहुत नरम रुख अपना रही है।

पुलिस अकसर यह कहती रहती है कि कानून की नजर में सभी एक समान हैं, लेकिन कल उविवि में घटी घटनाआें ने साबित कर दिया कि पुलिस के लिए जनप्रतिधि आदि कल सुबह उस्मानिया विश्वविद्यालय गये थे। उन्होंने कल विश्वविद्यालय स्थित बीएड कॉलेज स्थित परीक्षा केंद्र में जाने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक लिया।

बाद में पुलिस ने उन्हें सीआरपीसी की धारा १५१ के तहत गिरफ्तार कर बाद में निजी मुचलके पर रिहा कर दिया, जबकि इस परीक्षा केंद्र पर हमला करने की घटना में विद्यार्थियों के खिलाफ तीन एफआईआर दर्ज हुए हैं। पहला मामला परीक्षा केंद्र पर किये गये हमले के लिए, दूसरा मामला वहां ड्यूटी पर तैनात सीआईडी के डीसीपी नरसिम्हलु पर किये गये हमले के लिए तथा स्थानीय माणिकेश्वरी नगर में आरटीसी बस के शीशे त़ोडने के लिए तीसरा मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने इन तीनों मामलों में एक सौ से अधिक विद्यार्थियों पर भारतीय दंड संहिता की धारा १४७, १४८, ३२४, ४२७, ५०६, ७(१) तथा क्रिमिनल अमेंडमेंट ऐक्ट की धारा ३ और ४ के तहत मामले दर्ज किये गये हैं। शुरू में पुलिस का मानना था कि परीक्षा केंद्र पर हुए हमले के पीछे जनप्रतिनिधियों का हाथ है और एक बार तो उनके खिलाफ मामले भी दर्ज करने का मन बना लिया गया था, लेकिन अनावश्यक बावेला से बचने के लिए पुलिस ने उनके खिलाफ कोई मामला दर्ज नहीं किया।

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