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डीरामानायुडू को दादा साहब फाल्के पुरस्कार

Swatantra Vaartha  Fri, 10 Sep 2010, IST

Diaramanayudu the Dada Saheb Phalke Awardडीरामानायुडू को दादा साहब फाल्के पुरस्कार

नई दिल्ली। पिछले पांच दशक से फिल्म जगत में विशिष्ठ योगदान दे रहे आंध्र प्रदेश के फिल्म निर्माता डॉ डी रामानायुडू को सिनेमा जगत के सर्वोच्च पुरस्कार दादा साहेब फाल्के अवार्ड के लिये चुना गया है। डॉ रामानायुडू को यह पुरस्कार वर्ष २००९ के लिये प्रदान किया जायेगा।

यह पुरस्कार भारतीय सिनेमा जगत में असाधारण योगदान के लिये केंद्र सरकार द्वारा दिया जाता है। पुरस्कार में स्वर्ण कमल के अलावा दस लाख रुपये की नकद राशि तथा शॉल देकर सम्मानित किया जाता है। अगले महीने राष्ट्रीय फिल्म समारोह के दौरान डॉ रामानायुडू को इस पुरस्कार से सम्मानित किया जायेगा। उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार ने इस पुरस्कार को १९६९ में स्थापित किया था। आंध्र प्रदेश के प्रकाशम जिले के कारमचेडू में ६ जून, १९३६ को जन्मे डॉ डी रामानायुडू ने १९६३ में अपनी पहली फिल्म ‘अनुराग’ के साथ फिल्म जगत में पदार्पण किया था। उनकी अगली फिल्म ‘रामुडूभीमुडू’ में एनटी रामाराव ने अभिनय किया था और यह फिल्म १९६४ में सुपरहिट रही। पिछले ४७ वषा] में उन्होंने १३० से अधिक फिल्मों का निर्माण किया। अन्य भाषाआें में भी उन्होंने फिल्में बनाईं। उनकी बंगला फिल्म ‘असुख’ को १९९९ में सर्वोत्तम फिल्म का राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त हुआ था। हिंदी में भी उन्होंने ‘प्रेमनगर’, ‘दिलदार’ और ‘बंदिश’ जैसी फिल्में बनाईं। इसके अलावा उन्होंने तेलुगु भाषा में ‘श्रीकृष्णा तुलाभारम्‌’, ‘प्रेमिंचु’, ‘बोब्बिली राजा’, ‘अहा ना पेल्लंटा’, ‘आंध्र वैभवम्‌’, ‘कथानायकुडू’ का निर्माण किया।विकलांग बच्चों के कथानक वाली उनकी हिंदी फिल्म ‘हमारी बेटी’ को शिकागो और वेनिस के अंतर्राष्ट्रीय फिल्म समारोहों में भी प्रदर्शित किया गया।तेलुगु फिल्मों के अलावा उन्होंने हिंदी, बंगाली, उ़डया, असमी, मलयालम, तमिल, कन्ऩड, गुजराती, मराठी और भोजपुरी भाषा में भी अनेक फिल्में बनाईं।डॉ रामानायुडू को आंध्र प्रदेश सरकार की तरफ से उनकी फिल्मों के लिये अनेक पुरस्कार मिल चुके हैं। इनकी फिल्मों में एनटी रामाराव, ए नागेश्वर राव, शिवाजी गणेशन, पंडारी बाई, जमुना, पद्मिनी, शोभन बाबू, कमल हासन, जया प्रदा, चिरंजीवी, रजनीकांत, राजेश खन्ना, हेमा मालिनी, रेखा, जितेंद्र और श्रीदेवी जैसे अनेक कलाकारों ने अभिनय किया है।डॉ रामानायुडू ने हैदराबाद और विशाखपट्टणम में स्टूडियो, रिकार्डिंग, पूर्वदर्शन और डबिंग थियेटर और प्रयोगशालाएं स्थापित की हैं।

दादा साहेब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित होने वालों में १९६९ में देविका रानी, १९७० में बीएनसिरकार, १९७१ में पृथ्वीराज कपूर, १९७२ में पंकज मुल्कि, १९७३ में रूबी मैस (सुलोचना), १९७४ में बी नरसिम्हा रेड्डी, १९७५ में धीरेंद्रनाथ गांगुली, १९७६ में कनन देवी, १९७७ में नितिन बोस, १९७८ में राय चंद बोराल, १९७९ में दुर्गा खोटे, १९८४ में सत्यजीत रे, १९८५ में वी शांताराम, १९८७ में राज कपूर, १९८८ में अशोक कुमार, १९८९ में लता मंगेशकर, १९९० में ए नागेश्वर राव, १९९१ बी बेढारकर, १९९२ में भूपेन हजारिका, १९९३ में एम सुल्तानपुरी, १९९४ में दिलीप कुमार, १९९५ में डॉ राजकुमार, १९९६ में शिवाजी गणेशन, १९९७ में रवि प्रदीप, १९९८ में बीआर चोप़डा, १९९९ में एच मुखर्जी, २००० में आशा भोंसले, २००१ में यश चोप़डा, २००२ में देव आनंद, २००३ में मृणाल, सेन, २००४ में ए गोपालकृष्ण, २००५ में श्याम बेनेगल, २००६ में तपन सिन्हा और २००७ में मन्ना डे शामिल हैं।

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