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हती की सडकों पर लाशों के ढेर

Swatantra Vaartha  Sat, 16 Jan 2010, IST

so many dead bodes on roadहती की सडकों पर लाशों के ढेर

पोट आउ। सदी के सबसे िवनाशकारी भूकप से लगभग पूरी तरह से तबाह हो गये करेबियाइ देश हती में तीसरे दिन भी राहत एव बचाव काय शु नहीं हो पाने से जनता की हताशा अब गुसे में बदलने लगी है । िवदेशी मदद के इतजार में अधीर हती के नागरिकों ने सडकों पर लाशों के ढेर लगाकर चका जाम कर दिया। भोजन आर पानी के अभाव में भूखेयासे हती के लोगों की मदद के लिए अमेरिका आर अय ३० देशों ने तकाल मदद की यवथा की ह, लेकिन राजधानी पोट आउ सि के छोटे से हवाइ अे पर राहत सामगी लेकर पहचे विमानों से माल उतारने की यवथा ठीक नहीं होने के कारण अनेक विमान आसपास के हारों में तीक्षारत खडे ह।

अमेरिकी नासेना ने अपना परमाणु ऊजा चालित विमान वाहक पोत यूएसएस काल विसन को रवाना किया ह, जो राहत काया] के लिए अथायी हवाइ अे के प में काय करेगा तथा उसके १९ हेलीकाटर राहत सामगी जगहजगह पहचायेंगे। अमेरिकी सेना ने इसके अलावा ३,५०० सनिक, ३०० चिकिसाकर्मी, कइ जलपोत आर २२०० मरीन सनिक हती भेजने का फसला िकया।

अमेरिकी रापति बराक ओबामा हती को १० करोड डालर की मदद का ऐलान पहले ही कर चुके ह। सयु रा की सहायता एजेंसिया ५५ करोड डालर की मदद की अपील जारी करने वाली ह। हती के रेडकास सगठन के अनुसार मगलवार की रात को आये ७० तीवता के इस जबदत भूकप के कारण ४५ से ५० हजार लोगों के मारे जाने की सभावना ह तथा इससे ३० लाख लोग घायल या बेघरबार हए ह। थिति इतनी भयावह ह कि हती के रेडकास सगठन के पास शवों को रखने वाले सारे बग खम हो गये ह।

हती की सरकार भी भूकप की विभीषिका से निपटने में असहाय नजर आ रही ह। भूकप में पर गवा चुके आर अपनी घायल मा एव बहन की देखभाल कर रहे पीयर जसन ने कहा, ‘हम यहा तीन दिन आर तीन रातों से इतजार कर रहे ह, लेकिन हमारे लिए कुछ नहीं किया गया। रापति ने भी सावना या ाेसाहन का एक शद तक नहीं कहा। आखिर हम या करें।’ पहाडी शहर पोट आउ सि में सडकोंगलियों में चारों ओर लाशें बिखरी पडी ह। जीवित लोग अपने मुह आर नाक पर कपडा बाधे ह। शहर में दुगध फल गयी ह आर महामारी की आशकाए जतायी जाने लगी ह। पिक अप टकों में लाशों को भरभर कर शहर के मुय अपताल लाया जा रहा ह। अपताल के निदेशक गाय लारोचे ने अनुमान य किया कि अपताल परिसर में १५०० लाशें आ चुकी ह, लेकिन राहत एव बचाव काया] में देरी से थानीय नागरिकों में गुसा ह। ‘टाइम पकाि’ के फोटो गाफर शाल वाज ने बताया कि उहोंने शहर की दो मुय सडकों को लाशों के ढेर से बद देखा। लोग ये लाशें सडक पर रखकर दशन कर रहे थे।

वाज ने बताया कि यह देखकर बहत खराब लग रहा था। मदद में देरी से लोगों का सब टूट गया ह। रापति रेने ाेवाल ने बताया कि अब तक सात हजार से यादा लाशें दफनायीं जा चुकी ह। देश में डाटरों के पास बेहतर चिकिसा उपकरणों की कमी ह। राहत कमियों ने चेतावनी दी ह कि यदि जदी मदद नहीं मिली, तो ही टूटने आर खून की कमी से आर जानें जा सकतीं ह। राहत काय विशेषज्ञ अमेरिकी तटरक्षक बल के अधिकारी पाल कोरमीर ने कहा कि अगले २४ घटे बहत ही महवपूण ह।

राहत सामगी तथा खोज एव बचाव उपकरणों से लदे विमान कल से पोट आउ सि हवाइ अे पर पहचना शु हो गये, लेकिन हवाइ अे पर तनात कमचारी उहें उतनी तेजी से नीचे उतारने आर अय भेजने में कामयाब नहीं हो पा रहे ह। इस कारण हवाइ अे पर जाम की थिति हो गयी। विमानों को लडिंग अनुमति के लिए दोदो घटे तक हवा में चकर लगाना पड रहा ह आर कइ विमान निकटतम हवाइ आें पर तीक्षारत ह। अमेरिका सरकार ने हती को दीघकालिक मदद देने का भी वादा किया ह। भूकप में जमींदोज हो चुके रापति महल (ससद) कथेडल आर कइ अय भवनों के पुननिमाण में वह सहायता देगी। हती के मुय जेल का भी काफी हिसा ढह जाने से तमाम खूखार अपराधी फरार हो चुके ह।

सयु रा के शाति मिशन के ३६ कर्मी आर बाजील के १४ सनिक मतकों में शामिल ह। विदेशों से आने वाली सहायता सामगी में खोजी कुााें के दल, मलबा हटाने के भारी उपकरण, हेलीकाटर, तबू, जलशोधन सय, भोजन, डाटर आर दूरसचार उपकरण शामिल ह, लेकिन सडकों पर मलबा, टूटे वाहन, खभों आर पेडों के गिरे पडे होने तथा सचार यवथा एकदम वत हो जाने से राहत एव बचाव काय शु नहीं हो पाये ह। भूकप में बच गये एक होटल ने अपने परिसर को राहत एव बचाव काया] के लिए कप में तदील कर दिया ह। विदेशी बचाव एव राहत कर्मी, मीडिया एव चिकिसकों को यहा ठहराया जा रहा ह। इस बीच, फास सरकार ने पेरिस लब में शामिल विभि ऋणदाताआें से सपक कर उनसे हती का कज माफ करने का आान किया है ।

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