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भारत ने दिखाइ उभरती िवशव शक्ती की झलक

Swatantra Vaartha  Wed, 27 Jan 2010, IST

भारत ने दिखाइ उभरती िवशव शक्ती की झलक

राजपथ पर अगरी तीिन समेत कइ युक परणालियों का शानदार परदरशन

नइ दीिल । ाचीनसम सकति आर सयता से खुद को जोडे रखने वाले िवशव शकथी के रुप में उभरते भारत की तवीर घने कोहरे के बावजूद आज यहा िनकली गणत दिवस की परेड में साफ नजर आयी। िवजय चाक से ऐितहािसक लाल िकले तक परपरागत परेड में िविभ झािकयों आर बों ारा पेश अलगअलग रायों के साकितक कायकमों में भारत की अनेकता में एकता िपरोने वाली सकित िदखी।

वहीं, ‘अजुन’ युक टक, ‘मक’ बहक्षेपी राकेट णाली, बतरबद इजीनियर टोही वाहन, इलेटानिक यु णाली, डीआरडीओ निमित ‘तेजस’ लडाकू विमान, मयम दूरी की मारक क्षमता वाली बलिटिक मिसाइल ‘अ३’, सतह से सतह पर मार करने वाली ‘शाय’ मिसाइल आर ‘रोहिणी’ रडारों के दशन के जरिये देश ने उभरती विव श के प में अपना परिचय दिया। इस बार की परेड में खेल श के प में भारत के उभरने का यास भी नजर आया।

देश का सिर ऊचा करने वाले खिलाडियों ने भी राीय राजधानी में इस वष होने जा रहे रामडल खेलों के मेनजर परेड में बढचढकर हिसा लिया। युवा एव खेल मालय से जुडी झाकी के साथ ‘लाइग सिख’ मिखा सिंह, ‘उडन परी’ पीटी उषा, बासर विजेंदर सिंह, कुती खिलाडी सुशील कुमार, भाराेााेलक केमलेवरी, बडमिंटन खिलाडी पुलेला गोपीचद के अलावा हाकी टीम के पूव कतान अजीत पाल सिंह आर जफर इकबाल, निशानेबाज समरेश जग आर तराक खजान सिंह ने भी विजय चाक से लाल किले का सफर तय कर खेलों को ाेसाहन देना आवत कराया।

आतकवादियों की ओर से आसमान से हमला करने की खुफिया बरों के कारण इस बार सुरक्षा के कुछ यादा ही कडे इतेजाम किए गए। परेड के दारान दीि आर उसके आसपास के वायु क्षे में कहीं से भी आनेजाने वाले विमानों की उडानों पर पूण तिबध लगा दिया गया। ऐसी खुफिया बरें ह कि ‘लकरएतयबा’ ने ५० से यादा परालाइडर हासिल कर लिये ह, जिनका यह आतकवादी सगठन भारत पर हवाइ हमले करने के लिये इतेमाल कर सकता ह। ऐसी किसी भी अयि थिति से निपटने के लिये सुरक्षा बलों ने गणत दिवस समारोह के मेनजर दीि में बडे पमाने पर जमीन से हवा में मार करने वाले उपकरण पहले ही तनात कर दिये थे। इडिया गेट के समीप बने सलामी मच से रापति तिभा पाटिल ने रा वज फहराया आर रागान शु होने के साथ ही २१ तोपों की सलामी ली।

इसके बाद मेजर जनरल केजेएस ओबराय की अगुवाइ में सेना की रोमाचकारी परेड शु हइ। इससे पहले, धानमी डामनमोहन सिंह ने तीनों सेना अयक्षों के साथ ‘अमर जवान योति’ पर जाकर देश की रक्षा करने वाले सभी शहीदों को श्राजलि दी। सबसे पहले ‘परम वीर चक’ आर ‘अशोक चक’ विजेताआें का काफिला आया आर उसके बाद घुडसवारों की भावशाली टुकडी आयी। जान फूक देने वाले सेना के बडों के देशभ भरे गीतों की धुन पर तीनों सेनाआें की एक के बाद एक टुकडिया सलामी मच के सामने से अपने सर्वो कमाडर तिभा पाटिल को सलामी देती गुजरीं।

इस बार गणत दिवस परेड के विशि विदेशी मेहमान दक्षिण कोरिया के रापति ली मियुग बाक रहे। देश की सम विविधता आर विकास को दशाने वाली इस परेड में १३ रायों आर आठ मालयों की झाकिया एकएक कर नुमाया हइ। महारा की झाकी का विषय वहा के विववियात अनूठे ‘डबावाला’ थे। ये डबावाले मुबइ में दतरदतर जाकर कामकाजी लोगों को उनके घर का खाना पहचाते ह। पुिरा की झाकी में ‘सुरों के वामी’ एसडीबमन ारा सगीत जगत को किए गए योगदान को दिखाया गया। केरल की झाकी देवी काली पदायानी को समपित रही, तो उाराखड की झाकी में समुमथन नजर आया। सकति विभाग आर सगीत नाटक अकादमी की झाकी में भारतीय सगीत की अति सम परपराआें को दिखाया गया। हमेशा की तरह इस बार भी बडे पमाने पर कूली बों ने परेड में हिसा लिया। इनमें राीय वीरता पुरकार पाने वाले बे शामिल थे। परेड का समापन उसके सबसे रोमाचकारी लाइपाट से हआ। इसमें एक आइएल७८, दो एनएन३२, दो डानियस, एक अवास, दो सुखोइ३ एमकेआइ आर पाच जगुआर ने हिसा िलया।


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