टीम इंिडया ने टेस्ट श्ंकला जीती
मीरपुर (बगलादेश । तेज गेंदबाज जहीर खान ने ‘विग गेंदबाजी’ के खतरनाक पल से ८७ रन पर सात विकेट से अपने करियर का सवश्रे दशन करते हए भारत को आज यहा बगलादेश के खिलाफ दूसरे किकेट टेट में १० विकेट से जीत दिलायी, जिससे मेहमान टीम ने दो मचों की श्रखला २० से अपने नाम की। बगलादेश की टीम ने कल शानदार दशन किया था, लेकिन आज जहीर की गेंदबाजी विशेषकर रिवस विग से उनका पूरा बलेबाजी कम बिखर गया।
बगलादेश ने आज तीन विकेट पर २२८ रन से आगे खेलना शु किया, लेकिन मेजबान टीम ने शु में १९ ओवर तक उनकी गेंदबाजी का अछी तरह सामना किया आर टीम के इस तरह से वत होने का कोइ सकेत नहीं मिला। हरभजन सिंह हालाकि भारत को दिन का पहला विकेट दिलाने वाले गेंदबाज रहे। उहोंने कल के नाबाद बलेबाज शहादत हसन को पवेलियन भेजा, लेकिन जहीर ने ही घरेलू टीम की उमीदों पर पानी फेरा आर लच से पहले चार गेंद के अदर तीन विकेट चटकाये, जिससे बगलादेश की टीम ३१२ रन पर सिमट गयी। बगलादेश की टीम ने अतिम सात विकेट महज २२ रन के अदर गवा दिये। भारत को जीत की आपचारिकता पूरी करने के लिये दो रन बनाने थे आर उसकी तरह से न तो वीरें सहवाग आर न ही गातम गभीर अपना खाता खोल पाये योंकि ये दो रन बाइ से बने। बगलादेश ने चाथे दिन ही टेट गवा दिया।
‘मन आफ द मच’ आर ‘मन आफ द सीरीज’ चुने गये जहीर भारत की ओर से विदेशी सरजमीं पर १० विकेट चटकाने वाले भारत के चाथे तेज गेंदबाज बने। बगलादेश के खिलाफ पहली पारी में तीन विकेट चटकाने से जहीर ने अपने करियर का सवश्रे दशन करते हए १४९ रन पर १० विकेट हासिल किये। इससे पहले उहोंने २००७ में इलड के खिलाफ नाटिंघम में १३४ रन देकर ना विकेट हासिल किये थे। हरभजन ने सुबह ‘डिक बेक’ के बाद दिन का पहला विकेट उखाडा आर अमित मिश्रा ने भी पहले माका गवाने के बाद शहादत (४०) का कच लपका।
मिश्रा ने इसी बलेबाज का विकेट छोड दिया था, जब वह ३३ रन के कोर पर था। शहादत के आउट होने के ना गेंद बाद मोहमद अशरफुल (२५) भी चलते बने। ज्ञान ओझा की उछाल आर टन खाती गेंद पर यह बलेबाज बला लगाने के बाद विकेटकीपर महें सिंह धोनी को कच दे बठा। दो ओवर बाद कतान शकिबुल हसन (सात) भी ओझा की गेंद पर सीमारेखा पार कराने के चकर में वायर लेग पर गातम गभीर को कच दे बठे।
इसके बाद जहीर ने चार गेंद में तीन बलेबाजों को आउट कर बगलादेश की हार का इतजार कम करा दिया। जहीर ने पहले रकिबुल हसन को बोड किया आर फिर दो गेंद बाद मुरली विजय ने लिप में उनकी गेंद पर महमूदुलाह रियाद (००) का कच लपका। अगली गेंद पर उहोंने शफिउल इलाम के टप उखाडे।
बेल हसन ने जहीर को हटिक नहीं बनाने दी, हालाकि वह इस तेज गेंदबाज के अगले ओवर में आउट हो गये। भारत ने दूसरी पारी की दूसरी गेंद में जीत दज की योंकि सकीबुल हसन की गेंद वीरें सहवाग के बले को छुए बिना मुशफिकर रहीम के परों के पास से होकर चली गयी, जिस पर सहवाग आर गभीर ने दो बाइ रन लेकर जीत दज की।
सहवाग पहली गेंद में ही आपचारिकता पूरी करना चाहते थे, लेकिन वह आफ साइड की ओर जाती गेंद पर शाट नहीं लगा पाये। लेकिन ऐसा पहली बार नहीं ह, जबकि किसी बलेबाज के रन बनाये बिना ही टीम ने जीत का लय हासिल कर लिया हो। इससे पहले १९८३ बारबाडोस टेट में वेटइडीज को भारत के खिलाफ एक रन की जरत थी आर सयद किरमानी की गेंद ‘नो बाल’ हो गयी थी। आज की जीत से धोनी का बतार कतान एक भी टेट नहीं गवाने का रिकाड बरकरार ह।
विड वदेश रवाना
मीरपुर। बगलादेश के खिलाफ यहा दूसरे टेट के दारान बाया जबडा तुडवा बठे राहल विड आज वदेश रवाना हो गये। विड ने जिया अतराीय हवाइ अे से दोपहर डेढ बजे जेट एयरवेज की उडान से मुबइ रवाना हए जहा से वह बेंगलूर जाएगे। भारतीय टीम को इससे पहले शुकवार को वदेश रवाना होना था, लेकिन दूसरे टेट के चार दिन के अदर समात होने के बाद तीन खिलाडी आज रात वापस लाट जाएगे।
