देश का ि वकास रोकने के पयास में है शतानी ताकतें : मनमोहन
नइ दीिल । धानमी डामनमोहन सिंह ने शतानी ताकतों से लोगों को आगाह करते हए आज कहा कि देश बहतसी चुनातियों का सामना कर रहा ह। कुछ बाहरी आर कुछ अदनी ताकतें हमें विकास आर खुशहाली के राते पर बढने से रोकना चाहती ह। हमें आतकवाद आर सादायिकता के दोहरे खतरे से निपटना ह।
धानमी की रली में यहा नेशनल कडेट कोर (एनसीसी) के कडेटों को सबोधित करते हए श्री सिंह ने कहा, ‘कुछ बाहरी आर कुछ अदनी ताकतें हमें विकास आर खुशहाली के राते में आगे बढने से रोकना चाहती ह। हमें आतकवाद आर सादायिकता जसे खतरों से निपटना ह।’ उहोंने कहा, ‘ऐसे हालत में एनसीसी जसे सगठन की अहमियत आर बढ जाती ह, जो हमारे युवकों को सगठित आर अनुशासित बनाकर देश की सेवा आर सुरक्षा करना सिखाती ह।’ धानमी ने कहा, ‘उनको बताया गया ह कि आज एनसीसी के करीबन १३ लाख कडेट ह, यह बहत बडी सया ह, लेकिन योय छााें में से केवल चार तिशत ही एनसीसी के सदय ह। म चाहगा कि इस आकडे में बढाेारी हो आर एनसीसी की सदयता का फायदा यादासे यादा छााें को मिले।
’ उहोंने कहा, ‘आज का यह दान जाहिर करता ह कि आपने कितनी मेहनत से अपनी रली के लिए तयारी की ह। म आपके दशन के लिए आपको धयवाद देता ह। अपने भावशाली दशन में आपने देश की गारवशाली सेना की उ परपराआें आर मूयों को अपनाया ह।’ धानमी ने कहा, ‘भारत के पहले धानमी जवाहरलाल नेह एनसीसी के कामों में बेहद दिलचपी लेते थे। उनके कहने पर एनसीसी के पाठयकम में सामुदायिक विकास को शामिल किया गया था। यह खुशी की बात ह कि आज एनसीसी कडेट आपदा सहायता, समाज सेवा आर सामुदायिक विकास जसे कामों में बढचढ कर हिसा ले रहे ह।’
उहोंने कहा, ‘इसके अलावा आपने लोबलवामिग, एडस, कसर, दूषण तथा पयावरण सुरक्षा के ति जागकता के लिए अछी कोशिशें की ह। मुझे पूरा यकीन ह कि एनसीसी आने वाले व में भी अपने इन अछे कामों को जारी रखेगी।’ धानमी ने कहा, ‘मुझे विवास ह कि जब आप यहा से जायेंगे, तो अपने साथ खुशगवार यादें तथा लघु भारत की एक झलक ले जायेंगे।
