बीटी बगन पर अितम फैसला 10 को : रमेश
हैदराबाद । कदेींय पयावरण एव वन राय मी जयराम रमेश ने आज कहा कि देश में बीटी बगन को अनुमति देने के मुे पर अितम निणय १० फरवरी को लिया जायेगा। रमेश ने आज कहा कि सभी सब पक्षों के साथ परामश के बाद ही कें सरकार फरवरी के दूसरे साह तक बीटी बगन के बारे में अपने निणय की घोषणा करेगी। उहोंने बताया िक यह एक महवपूण मुा ह आर इसे पूरी गभीरता के साथ सुलझाया जाना चािहए।
रमेश ने यहा सवाददाताआें से कहा कि अब तक देश के विभि शहरों में छह सावजनिक सुनवाइ हो चुकी ह तथा सातवीं बेंगलूर में छह फरवरी को निधारित ह। मुे पर अतिम निणय १० फरवरी को लिया जायेगा। मामले में अधिक विचारविमश की माग के चलते निणय को थगित करने की सभावना के बारे में पूछे जाने पर उहोंने कहा कि १० फरवरी तक तीक्षा कीजिए।
उहोंने दावा किया कि धानमी कायालय या अय किसी की ओर से कोइ दबाव नहीं डाला गया ह तथा मुे पर निपक्ष निणय लिया जायेगा। रमेश ने कहा कि बीटी बगन को अनुमति देने के समथकों पर बहराटीय कपनियों के एजेंट होने का आरोप लगाया जा रहा ह तथा इसका विरोध करने वालों पर ााेगिकी विरोधी होने का बिला लगाया जा रहा ह। दोनों ही गलत ह। हमें उचित निणय करना ह।
मी बीटी बगन मुे पर आज यहा केींय शुक भूमि कषि अनुसधान सथान में सावजनिक सुनवाइ के बाद सवाददाताआें से बात कर रहे थे।
केींय मी ने कहा कि इस बारे में निणय किसान, वज्ञानिक, कषि विशेषज्ञ, किसान सगठन, उपभाेा समूह, नागरिक मच, एनजीओ, सरकारी अधिकारियों, मीडिया आदि के सुझावों पर आधारित होंगे। इसके इलावा जनता भी बीटी बगन पर अपने विचार आर टिपणिया लीळपक्षरश्रऽलशशळपवळरेीस पर इमेल भेज सकती ह। अतिम निणय लेने से पूव इन सभी विचारों तथा टिपणियों पर गार किया जायेगा। विचारविमश के दारान मी ने किसानों, वज्ञानिकों, सामाजिक कायकता आर उपभोताआें सहित विभि लोगों के विचार सुने।
कुछ भागीदारों ने मामले पर अतिम निणय करने से पहले इस मुे पर आर विचारविमश करने का समथन किया। सावजनिक सुनवाइ में मी ने कहा कि अनुवाशिक अभियाकीि अनुमति समिति (जीइएसी) का नाम बदलकर अनुवाशिक अभियाकीि आकलन समिति कर दिया जाना चाहिए, योंकि ‘अनुमति’ शद से यह धारणा बनती ह कि किसी निकष पर पहचने से पहले ही इसे मजूरी दी जा चुकी ह।
