महगाइ अब कुछ िदनों की बात पवार
नइ िदली। महगाइ के मुे पर चारों ओर से वार झेल रहे कषि मी शरद पवार का कहना ह कि रबी फसल की अछी सभावना तथा दाल तथा चीनी के आयात के कारण इनकी बढती उपलधता से आने वाले दिनों में महगाइ पर पार पाया जा सकेगा।
पिछले पाच साल से कषि, खा, नागरिक आपूति आर उपभोता मामले के मी रहे आर पूव में कइ राजनीतिक सकटों से बखूबी निपट चुके पवार का हालाकि मानना ह कि कषि आधारित अथयवथा होने के नाते किसानों को उचित मूय मिलना चाहिए।
जरत के सामानों की आसमान छूती कीमतों पर विपक्ष से लगातार हमले का सामना करते पवार ने एक साक्षाकार में बताया कि गर कागेस शासित कइ रायों ने कें को धान के यूनतम समथन मूय को बढाए जाने के लिए लिखा ह। इसका असर मूयों पर भी दिखेगा।
महगाइ की मार झेल रहे उपभोता के लिए अछी खबर देते हए पवार ने कहा कि दाल के दाम धीरेधीरे कम हो रहे ह आर चीनी भी सती हो रही ह। उहोंने कहा कि रबी मासम के अनुमान में गेह की अछी फसल रहने की सभावना यत की गइ ह आर चावल के उपादन आर उसके बफर टाक के भी बेहतर होने की सभावना ह।
कषि मी ने बताया कि २० जनवरी तक १९३ लाख टन धान की खरीदी की गइ, जो पिछले साल खरीदे गए १९८ लाख टन से कुछ ही कम ह। दाल के दामों के बारे में पवार ने कहा, ‘साभाय से झान नीचे की ओर का ह। कीमतें बहत यादा तो नहीं, लेकिन ति किलोगाम दो से तीन पये कम हो रही ह। हमें उमीद ह कि यह सिलसिला कायम रहेगा।’ उहोंने कहा कि रबी की फसल में दाल की फसल का क्षे बढा ह आर दिन तिदिन थिति सुधरेगी। चीनी के बारे में मी ने कहा कि वायदा बाजार में चीनी के दाम अतराटीय बाजार में कमजोर देखे गए ह आर इससे कम दामों में मीठी चीनी मिलने में मदद मिलेगी। उहोंने बताया कि पिछले कुछ दिनों में दाम ४००० पये ति विटल से ३६०० पये ति विटल तक गिरे ह। उहोंने कहा, ‘म उमीद करता ह कि यह खुदरा बाजार में भी दिखेगा।’
