
अमर सिंह व जयाप्रदा सपा से निशकासित
चार विधायकों की भी सदयता समा
लखनऊ (नइ दीलली ) । समाजवादी पार्टी ने आज पार्टी के पूव महासचिव अमर सिंह आर उनकी करीबी समथक जयादा को पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में पार्टी से निकाल दिया, वहीं अमर सिंह ने भविय की योजनाआें पर अपने विकप खुले रखे है।
पार्टी अयक्ष मुलायम सिंह यादव की अयक्षता में सपा ससदीय बोड की बठक लखनऊ में हइ, जिसमें अमर सिंह आर रामपुर से लोकसभा सदय जयादा को पार्टी से निकासित करने का फसला किया गया। पार्टी का कहना था कि सामाजिक छवि बिगाडने में लगे लोगों को पार्टी से मुत करने का फसला किया गयाहै ।
पार्टी वा मोहन सिंह ने आज यहा सवाददाताआें से कहा, ‘यह बीमारी आर फले, उससे पहले पार्टी ने एक सुधारामक सजरी करने का फसला किया है।’
उहोंने कहा कि पार्टी अमर सिंह आर जयादा की ससद सदयता समात करवाने के लिए कमश: रायसभा के सभापति आर लोकसभा अयक्ष के समक्ष याचिकाए तुत करेगी। करीब १४ साल तक सपा में रहकर उसका मुख चेहरा बन चुके अमर सिंह ने पार्टी के इस फसले पर तिकिया देते हए कहा कि यह एक तरह से उनके लिए वरदान ह आर वह आजादी का आनद लेंगे। बसपा, कागेस या राकापा में से किसी में शामिल होने की सभावनाआें के बारे में पूछे जाने पर अमर सिंह ने कहा कि उहोंने इनमें से किसी से भी बात नहीं की है। ५४ वर्षीय अमर सिंह ने राजनीति की शुआत कागेस से की थी आर बाद में सपा में आ गये तथा कइ बालीवुड हतियों आर अनिल अबानी जसे उाेगपतियों को इस पार्टी से जोडा। उहोंने छह जनवरी को वाय कारणों का हवाला देते हए पार्टी महासचिव पद छोड दिया था। इसके बाद से वह सपा नेतव के खिलाफ बोलते रहे ह। पार्टी ने चार विधायकों की सदयता भी समात कर दी ह, जिनमें मदन चाहान, सदीप अगवाल, अशोक चदेल आर सर्वेश सिंह ह, जो सभी अमर सिंह के करीबी माने जाते है।
निकासन के फसले की घोषणा करते हए सपा वा ने कहा कि अमर सिंह ने पार्टी की छवि बिगाडने की कोशिश की थी आर उहें भारी दिल से निकाला गया है। मोहन सिंह ने कहा, ‘एक महीने से अधिक समय से सपा के कुछ नेता लगातार सपा के खिलाफ बयानबाजी कर रहे है।’ हाल ही में अमर सिंह की जगह पार्टी वा मनोनीत किये गये मोहन ने कहा, ‘पार्टी में उनका (अमर सिंह का) वेश समाजवादी आदोलन को नुकसान पहचाने के लिहाज से पूजीवादी आर सादायिक घुसपठ थी।’ मुलायम सिंह यादव के करीबी रहे अमर ने कुछ क्षण बाद कहा कि बहत दु:खद ह कि थिति इस मोड पर आ गयी। अमर सिंह ने पट किया कि वह रायसभा की सदयता से इतीफा नहीं देंगे। उहोंने दीि में सवाददाताआें से कहा, ‘मने (रायसभा) सीट हासिल की थी आर इसे दान के तार पर नहीं लिया। म सीट नहीं छोडगा। यहा तक कि जब मने कुछ दिन पहले मुलायम सिंह यादव से बातचीत की थी, तो उहोंने भी मुझसे ऐसा करने के लिए नहीं कहा।’ कागेस, बसपा आर राकापा की तरफ उनके झुकाव की खबरों पर उहोंने कहा, ‘मने किसी भी य या किसी पार्टी के साथ कोइ बातचीत नहीं की ह, चाहे यह बसपा, कागेस, राकापा या अय कोइ भी हो।’ अमर सिंह ने कहा, ‘मने केवल मायावती के साथ सहानुभूति जतायी थी। सपा से समथन वापस लेने के बाद उनका पार्टी के साथ कडवा अनुभव रहा। म भी अब उसी थिति में ह, इसलिए उनकी पीडा को समझ सकता ह। वह भी सपा से पीडित रही है।’
जयदा को निकाले जाने के कारणों के बारे में मोहन सिंह ने कहा कि वह अमर सिंह ारा ‘निर्देशित मिसाइल’ थीं, जिहोंने पार्टी नेतव के खिलाफ असय टिपणी की आर पिछले रविवार को अपने सवाददाता समेलन के दारान पार्टी की नीतियों के खिलाफ जहर उगला। जया बन के खिलाफ सपा ारा कोइ कारवाइ नहीं किये जाने के सवाल पर अमर सिंह ने कहा, ‘जयाजी ने हाल ही में कहा था कि अपने परिवार आर पार्टी के बीच किसी एक के चुनाव पर वह अपने परिवार को चुनेंगी। उहोंने कहा था कि म उनके परिवार का सदय ह। मोहन सिंह जसे लोगों की तुलना उनके साथ नहीं की जा सकती।’
अमर सिंह के खिलाफ मोहन सिंह ने कहा, ‘उहोंने (अमर ने) वेछा से लोकमच का गठन किया था, जो सपा के समानातर सगठन ह आर उहोंने पार्टी की छवि को नुकसान पहचाने के लिए बारबार दरार पदा करने की कोशिश की।’ पूव महासचिव पर पार्टी की एकता को नुकसान पहचाने का आरोप लगाते हए उहोंने कहा, ‘अमर सिंह ने जातिवादी राजनीति को बढावा देने की कोशिश की।’ मोहन सिंह ने कहा कि उार देश में पार्टी में अलगाव करने की साजिश रचने के मामले में अमर सिंह के समथक चार विधायकों को निलबित कर दिया गया ह। उहोंने कहा कि जयादा ने ३१ जनवरी को कयाण सिंह के समथन में बयान दिये थे, जिससे पार्टी की धमनिरपेक्ष छवि भावित हइ। उहोंने कहा कि कोइ भी नेता हो, कितना भी महवपूण हो, उसे किसी राजनीतिक दल के खिलाफ इस तरह सावजनिक बयानबाजी की अनुमति नहीं दी जा सकती। इसलिए ससदीय बोड ने जयादा की पार्टी की ाथमिक सदयता खम करने का फसला किया ह। सजय दा के बारे में पूछे जाने पर वा ने कहा कि पार्टी उनके बारे में कोइ सज्ञान नहीं ले रही। उहोंने कहा, ‘वह पार्टी के साथ जुडे हए नहीं थे। उ में पार्टी के लिए चार करने के बाद उहोंने महाराट में कागेस के लिए मतदान किया। वह पहले ही पार्टी का पद छोड चुके ह, इसलिए हम अब उहें सज्ञान में नहीं लेते।’
अमर सिंह ने कहा, ‘म पार्टी अयक्ष मुलायम सिंह यादव के ति आभार य करता ह। हालाकि म उनके खिलाफ कुछ नहीं कहगा। मेरे मन में उनके ति समान ह, चाहे म पार्टी में रह या नहीं रह।’
कागेस ने इस फसले को सपा का आतरिक मामला करार दिया। कागेस वता मनीष तिवारी ने यहा कहा, ‘कागेस को इससे कुछ नहीं लेनादेना आर कुछ नहीं कहना। सपा अपने सासदों के साथ या करती ह, यह पूरी तरह उसका विशेषाधिकार है ।’ उधर वरि कागेस नेता सयवत चतुर्वेदी ने अमर सिंह के पार्टी में शामिल होने की किसी भी सभावना से इकार किया। कागेस महासचिव दिविजय सिंह ने लखनऊ में कहा कि अमर सिंह ने अब तक पार्टी से कोइ सपक नहीं किया है । उहोंने कहा, ‘अमर सिंह ने अभी पार्टी से सपक नहीं किया है । पहले वह सपक करें फिर देखते है ।’
