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इमारत ढहने के नौ दिन बाद मलबे से जिंदा बाहर निकला श्रमिक

Swatantra Vaartha  Thu, 4 Feb 2010, IST

building, nine days leaveइमारत ढहने के नौ दिन बाद मलबे से जिंदा बाहर निकला श्रमिक

बेल्लारी (कर्नाटक)। बेल्लारी में एक निर्माणाधीन इमारत के ढह जाने के नौ दिन बाद उसके मलबे में से आज निकले ३० वर्षीय श्रमिक के लिये हादसे में बच जाना दूसरी जिंदगी मिलने जैसा है। मल्लय्या को आज जैसे ही राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया दल ने मलबे में से बाहर निकाला, तो उसने भावुक होकर कहा, ‘मुझे जिंदा रखने के लिये मैं भगवान का आभारी हूं।

मुझे अब भी यकीन नहीं हो रहा है कि मैं बाहर हूं।’ बांह पर कुछ चोट के साथ हादसे में बच निकले इस श्रमिक ने कहा, ‘मैं बच पाया, क्योंकि मेरे पीछे पानी का छोटा पात्र रखा था और मैं जिंदा रहने के लिये उसमें से पानी पीता रहा।’ मल्लय्या (४४) आंध्र प्रदेश के कर्नूल जिले के आलूरु तालुका के होनगुंद मंडल के गज्जीहल्ली गांव का रहने वाला है।

दिलचस्प रूप से श्वान के चार पिल्ले भी जिंदा बच गये। इन्हें भी श्रमिक के साथ ही मलबे में से बाहर निकाला गया। गौरतलब है कि गांधीनगर क्षेत्र में एक छात्रावास से निकट निर्माणाधीन पांच मंजिला इमारत गत २६ जनवरी को ढह गयी थी। अधिकारियों ने कहा कि मलबे में से पांच और शव निकाले गये हैं। इस तरह मृतक संख्या ब़ढकर २८ हो गयी है।

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