विदेश सचिव स्तर की वार्ता की पेशकश
नई दिल्ली । भारत ने आतंकवाद और अन्य मुद्दों पर चर्चा के लिए पाकिस्तान के समक्ष विदेश सचिव स्तर की वार्ता का प्रस्ताव रखा है।
सूत्रों ने आज कहा कि पाकिस्तान के समक्ष बातचीत की पेशकश की गई है। सूत्रों ने बताया कि बातचीत में भारत की मंशा आतंकवाद और ऐसे अन्य मुद्दों को उठाने की है, जो दोनों देशों के बीच शांति और सुरक्षा का माहौल तैयार करने में योगदान दे सकें। उन्होंने कहा कि भारत खुले और सकारात्मक दिमाग से बातचीत करने जाएगा और प्रासंगिक मुद्दों को उठाएगा।
प्रस्तावित बातचीत के नतीजे के बारे में सूत्रों ने कहा कि इस पर पहले से फैसला नहीं किया जाना चाहिए। भारत ने मुंबई हमले के बाद पाकिस्तान के साथ समग्र बातचीत की प्रक्रिया स्थगित कर दी थी और प़डोसी देश की ओर से हमले में शामिल लोगों के खिलाफ बिना किसी ठोस कार्रवाई के बातचीत की प्रक्रिया बहाल करने से इंकार कर दिया था।
भारत ने अपने रुख में तब नरमी लाई है, जब पाकिस्तान ने मुंबई हमले में शामिल लश्करएतैयबा (एलईटी) के कमांडर जकीउर रहमान लखवी समेत अन्य आतंकवादियों के खिलाफ अदालत में साक्ष्य पेश किया। यह साक्ष्य घटना के संबंध में भारत की ओर से पाकिस्तान को मुहैया कराए गए विभिन्न दस्तावेजों पर आधारित था। विदेश मंत्री एसएमकृष्णा ने दो दिन पहले बातचीत बहाल करने का संकेत दिया था।
उन्होंने कहा, ‘बातचीत के दरवाजे कभी बंद नहीं थे।’ कृष्णा ने कल कहा था कि भारत तब संतुष्ट होगा, जब पाकिस्तान २६ नवंबर के हमले की जांच के संबंध में कुछ कदम उठाए। विदेश सचिव स्तर की वार्ता की पेशकश ऐसे समय में की गई है, जब गृहमंत्री पीचिदंबरम २६ फरवरी को दक्षेस देशों के गृह मंत्रियों के सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए पाकिस्तान जाने की तैयारी कर रहे हैं। अपनी यात्रा के दौरान चिदंबरम के अपने पाकिस्तानी समकक्ष रहमान मलिक और कुछ अन्य नेताआें से मुलाकात करने की उम्मीद है।
