केरोसिन व एलपीजी की कीमतों पर बजट सत्र से पहले निर्णय संभव
नई दिल्ली। सरकार ने आज कहा कि वह तेल कीमतों को नियंत्रण मुक्त करने और केरोसिन एवं एलपीजी की कीमतें ब़ढाने की पारेख समिति की सिफारिश पर बजट सत्र से पहले निर्णय कर सकती है। पेट्रोलियम मंत्री मुरली देव़डा ने यहां संवाददाताआ को बताया, ‘अगले सप्ताह तक मंत्रालय सिफारिशों पर टिप्पणी करने में सक्षम होगा और फिर इसे कैबिनेट के पास भेजा जाएगा।’ यह पूछे जाने पर कि मंत्रिमंडल कब तक इस पर निर्णय कर सकता है, उन्होंने कहा कि यह बहुत जल्द होगा, ‘संभवत: बजट से पहले।’
प्रधानमंत्री डॉमनमोहन सिंह द्वारा गठित किरीट पारेख समिति ने पेट्रोल और डीजल कीमतों को नियंत्रण मुक्त करने और एलपीजी की कीमत में १०० रुपये प्रति सिलेंडर एवं केरोसिन की कीमत में ६ रुपये प्रति लीटर ब़ढोत्तरी करने की कल सिफारिश की। ईंधन की कीमतें नियंत्रण मुक्त किए जाने से पेट्रोल की कडीजल की कीमतों में २३३ रुपये प्रति लीटर की ब़ढोत्तरी होगी।
इससे पहले पेट्रोलियम राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने संकेत दिया एलपीजी और केरोसिन की कीमतों में ब़ढोत्तरी के सुझाव वाली संपूर्ण रपट को स्वीकार करना सरकार के लिए मुश्किल है और वह आम आदमी के हितों की रक्षा करेगी।
उल्लेखनीय है कि किरीट पारेख समिति ने कल पेट्रोल और डीजल की कीमतें नियंत्रण मुक्त करने और एलपीजी की कीमत १०० रुपये प्रति सिलेंडर और केरोसिन की कीमत ६ रुपये प्रति लीटर ब़ढाने का सुझाव दिया था। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस राज्यमंत्री जितिन प्रसाद ने कहा, ‘सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि गरीब और आम लोगों पर कमसेकम बोझ प़डे और साथ ही सरकारी तेल कंपनियों की वित्तीय सेहत भी ठीक रहे।
’ उन्होंने कहा, ‘मैं केवल यह कह सकता हूं कि उपभोक्ता हितों को ध्यान में रखा जाएगा।’ उल्लेखनीय है कि इंडियन आयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम को लागत से कम कीमत पर पेट्रोल, डीजल, एलपीजी और केरोसिन की बिक्री पर प्रतिदिन १८० कऱोड रुपये का नुकसान हो रहा है।
