आवश्यक वस्तु अधिनियम का उल्लंघन गैरजमानती हो : रोशय्या
नई दिल्ली। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री ने आज कीमतों पर काबू के लिए जमाखोरी रोकने संबंधी कानूनी प्रावधानों को क़डा करने की मांग की। कीमतों पर मुख्यमंत्रियों के सम्मेलन को संबोधित करते हुए आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री के रोशैया ने कहा कि फिलहाल आवश्यक वस्तु अधिनियम१९५५ के तहत जमानत का प्रावधान है।
उन्होंने कहा कि इसे और क़डा किया जाना चाहिए तथा इस कानून का उल्लंघन गैरजमानती होना चाहिए। कांग्रेस नेता ने आगाह किया कि महंगाई की वजह से बेरोजगारी कम करने की राह में बाधा आ रही है।उन्होंने कहा कि आंध्र प्रदेश में महंगाई पर काबू पाने के लिये राज्य सरकार ने मिल मालिकों और व्यापारियों के लिए धान, चावल, दालें, खाद्य तिलहन एवं तेलों और चीनी को लाइसेंसिंग प्रणाली के तहत लाकर स्टाक सीमा तय की है।
उन्होंने कहा कि जमाखारों और कालाबाजारियों की सूचना देने वालों को एक प्रोत्साहन पुरस्कार योजना को लागू किया जा रहा है। इसके अलावा राज्य के भीतर दैनिक आधार पर सब्जियों सहित आवश्यक जिंसों के मूल्यों को एकत्रित करके निगरानी और समीक्षा की प्रणाली स्थापित की गयी है। इसे मीडिया और आम जनता की जानकारी के लिये विभाग की वेबसाइट पर भी अपलोड किया जा रहा है।
कदाचारियों के खिलाफ कार्रवाई करने में राज्य सरकार कोई कसर नहीं छ़ोड रही है। रोशय्या ने कहा कि वर्ष २००९ के दौरान प्रदेश में आवश्यक जिंस कानून के तहत ४२४० लोगों के खिलाफ मामले दर्ज किये गये हैं। ४७ व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया।
करीब २७३३० कऱोड रुपये मूल्य के १६९ लाख मीट्रिक टन धान, २०११३ मीट्रिक टन चावल, ३२५३ मीट्रिक टन दालें, ११५१ मीट्रिक टन चीनी और अन्य आवश्यक जिंस जब्त किये गये।
