18 घंटे बाद मलबे से जीवित निकला वाचमैन
हैदराबाद। नगर के नारायणग़ुडा फ्लाईओवर के समीप कल ढहे पांच मंजिला निर्माणाधीन भवन के मलबे से आज १८ घंटे बाद वाचमैन मल्लय्या को जीवित बाहर निकाला गया। उसे तुरंत अस्पताल भेजा गया, जहां उसका इलाज किया गया। अस्पताल में संवाददाताआें से बातचीत में मलय्या ने कहा कि बिल्डर की अनदेखी व लापरवाही ने १४ लोगों की जान ले ली। उसने बताया कि भवन निर्माण का काम करीब नौ माह पहले शुरू हुआ था।
मलय्या ने बताया कि कल शुक्रवार को बोरवेल की ड्रिलिंग करते समय पूरा भवन ढह गया। वाचमैन ने बताया कि बारबार बिल्डर से भवन ढहने की आशंका जताने के बावजूद कुछ नहीं किया गया। उसने बताया कि यह चमत्कार ही है कि १८ घंटे तक मलबे में रहने के बावजूद वह जिंदा बच गया। उसने इसे ‘पुनर्जन्म’ करार दिया। इस बीच, जिलाधीश नवीन मित्तल ने आज सुबह घटनास्थल का दौरा करने के बाद संवाददाताआें को बताया कि ढहा भवन अवैध निर्माण था और मालिकों ने इसके लिए नगर निगम से अनुमति नहीं ली थी।
उन्होंने साफ किया कि इस अवैध निर्माण के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई शुरू की जायेगी। जिलाधीश ने बताया कि अब तक मलबे से निकाले गये १३ शवों की पहचान की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि जीवित निकाले गये लोगों का विभिन्न अस्पतालों में इलाज किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मलबे को काफी सावधानीपूवर्क हटाया जा रहा है, क्योंकि उसमें और लोगों के जिंदा होने की उम्मीद है। जिलाधीश ने कहा कि पूरा मलबा हटाने के बाद इस घटना की जांच की जायेगी।
इधर, राहत व बचावकर्मी मलबा हटाने में जुटे हुए हैं, लेकिन यह काम बहुत सावधानीपूवर्क किया जा रहा है, क्योंकि मलबे में और लोगों के जिंदा होने की उम्मीद है। राहत व बचाव काया] में जुटे अधिकारियों ने बताया कि मलबा साफ करने में और १२ घंटे लग सकते हैं। इस हादसे में अब तक मरने वालों की संख्या १४ हो गयी है, जिनमें से १३ शव मलबे से निकाले गये, जबकि एक ने अस्पताल में दम त़ोड दिया था। पांच घायलों का विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है।
