चालीस के बाद की देखभाल
चालीस के बाद की देखभाल
चालीस की उम्र पार करने के बाद सेहत संबंधी कई तरह की समस्याएं आने लगती हैं। इस दौरान विशेषकर महिलाआें को खानेपीने से लेकर जीवनशैली के विविध आयामों पर ध्यान देना आवश्यक होता है। इसके लिए यहां कुछ उपयोगी टिप्स दिए जा रहे
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पाइल्स के इलाज में बेहद कारगर है स्टेपलर तकनीक
पाइल्स के इलाज में बेहद कारगर है स्टेपलर तकनीक
पाइल्स या बवासीर जैसी बीमारी के पनपने का सबसे ब़डा कारण है हमारी भागती द़ौडती जिंदगी, अस्त व्यस्त दिनचर्या, खानपान में लापरवाही और मानसिक तनाव जो कि अब आम जिंदगी का अभिन्न हिस्सा बनते जा रहे हैं।
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क्या आप भी थकान से चूर रहते हैं ?
क्या आप भी थकान से चूर रहते हैं ?
क्या रात भर सोने के बाद भी अगले दिन आप मानसिक थकान, बदन में टूटन एवं बिलकुल बेजान सा अनुभव करते हैं? अगर ऐसा है, तो आप सीएफएस अर्थात् क्रॉनिक फटीग सिंड्रोम नामक बीमारी से पी़डत हो सकते हैं।
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नाक, कान एवं गले से संबंधित रोग और सावधानियां
नाक, कान एवं गले से संबंधित रोग और सावधानियां
जब तक नाक, कान एवं गला ठीक प्रकार से कार्य करते हैं,तब तक हमें यह ज्ञात भी नहीं होता कि ये हमारे शरीर के ही अभिन्न अंग हैं । यह तीनों बाहर से अलगअलग और एक दूसरे से दूर दिखाई देते हैं, पर अंदर से आपस में ज़ुडे हुए हैं। इसी वजह से एक जगह की
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