परेशान करते ऐक्ने के घरेलू उपचार
ऐक्ने चेहरे की सुंदरता का वो ग्रहण है, जो छिपाए नहीं छिपता। वैसे तो जवानी में अधिकतर युवा इससे परेशान रहते हैं, क्योंकि हार्मोन्स में बदलाव होते हैं और अधिक मसालों वाला भोजन इसी उम्र में ही अच्छा लगता है।
ल़डकियां इस उम्र में कॉस्मेटिक्स का प्रयोग करना भी प्रारंभ कर देती हैं जिससे उनकी त्वचा बिग़डने लगती है। जवानी में पौष्टिक आहार अच्छा नहीं लगता। अब तो प्रदूषण की मार भी एक कारण है, तो आइए कुछ प्राकृतिक तरीके अपनाकर ऐक्ने की परेशानी को कम करेंः
* अपने चेहरे को बारबार न छुएं। बारबार छूने से पिंपल्स में इरीटेशन होती है। और इससे आपके चेहरे की त्वचा पर पक्के दाग प़ड सकते हैं।
* पके टमाटर के गूदे को अपने पिंपल्स पर लगाएं और सूखने तक लगा रहने दें। फिर ताजे पानी से चेहरा धो लें।
* कद्दूकस किए हुए खीरे का पेस्ट मुंहासों पर लगाएं और सूखने तक छ़ोड दें। फिर चेहरा पानी से धो लें।
* नीम की पत्तियां और हल्दी को इकट्ठा पीस कर पेस्ट को चेहरे पर लगाएं। इससे त्वचा पर प़डे दाग धब्बे भी दूर हो जाएंगे और पिंपल्स भी ठीक होंगे।
* चिकित्सक से पूछ कर मल्टी विटामिन कुछ समय तक लें ताकि आपकी पौष्टिकता की कमी पूरी हो सके।
* सर्दियों में गाजर खाएं। गाजर में विटामिन ए और बेटा केरोटिन की मात्रा अधिक होती है, जो हमारी त्वचा के टिश्यूज को मजबूती देती है और ऐक्ने से बचाव करती है।
* दिन में चेहरा तीन से चार बार पानी से धोएं। चेहरे पर साबुन का प्रयोग न करें। दिन में एक बार फेस वाश से चेहरा साफ करें ताकि प्रदूषण से बचाव हो सके।
* पौष्टिक आहार लें जिसमें फल, दूध, दूध से बने पदार्थ व हरी सब्जियों का सेवन नियमित रूप से करें।
* तेज मसालेदार और खट्टे भोजन का सेवन न करें। तला हुआ भोजन भी पिंपल्स की दशा को खराब करता है।
* कॉस्मेटिक्स का प्रयोग कम से कम करें।
सारिका
