दीजिए अपने शरीर को खूबसूरत आकार
आयु बढने के साथ महिलाआ में शरीर के ति यान देने की वा कम हो जाती है।य वे अपना वजन काबू में नहीं रख पातीं। कुछ महिलाआ का वजन सव के पचात बढता है, तो कुछ महिलाए मयावथा में अपने शरीर का अनुपात खोकर अनाकषक बन जाती है।
ऐसी महिलाआ के लिए अब आशा की किरण दिखाइ दे रही है। अमेरिका में डाटरों ने पाया है कि हके डबल की सहायता से हका यायाम करके अपने शरीर को नया आकार दिया जा सकता ह भले ही आप वावथा में हों।
वज्ञानिकों ने उन ४० अधेड महिलाआ को एक विशेष गाम पर रखकर अययन किया जिहें मासपेशियों आर हयाेि के क्षरण का खतरा था। उनके साथ यह शत रखी गयी कि वे कायकम के साथ डायटिंग या एरोबिक यायाम नहीं करेंगी। इसके बावजूद पाया गया कि उनके वाय आर यवि में काफी सुधार हआ। एक महिला वरना लारसन का कहना था कि यपि वह कभी मोटी नहीं थी, कितु उसके शरीर में चर्बी गलत थानों पर जमा थी। इस कायकम के पचात उसकी जाघें आर कमर पतली हो गइ आर बाजू सत हो गए। एक आर महिला डोरोथी का अनुभव था कि उसके पिछले कपडे खुले हो गए आर उसे नए कपडे बनवाने पडे। शीघ ही नए कपडे भी खुले हो गए। इन महिलाआें ने अनुभव किया कि इनकी मासपेशिया मजबूत हो गइ, शरीर में चुती आर फुर्ती आ गइ आर मूड बेहतर रहने लगा। डाटरों ने यह पाया कि जो महिलाए मोटापे के कारण कम आहार लेती ह इस कायकम के कारण उन महिलाआें ने केवल चबी ही खोयी नहीं तो कइ बार डायटिग करने से मासपेशियों को भी नुसान पहचता ह, जो वाय के लिए हानिकारक ह।
अय यायाम कायकमों की तरह इसके लिए कोइ विशेष कपडे या जूते नहीं चाहिए। नीचे बताइ गइ कियाआें को करने के लिए २० मिनट का समय चाहिए। ये कियाए साह मे तीन बार की जानी चाहिए। ारभ में डेढ किलो के डबल या वजन खरीदें। बाद में श बढने पर आप अधिक वजन वाले डबल खरीद सकते है।
पहली किया बिना बाजू वाली कुर्सी पर बठ जाए। कमर सीधी रखें दाया हाथ बाए कधे पर आर बाया हाथ दायें कधे पर रख लें। हका सा आगे झुकते हए खडे हों। इसी थिति में कुर्सी पर बठें। ऐसा आठ बार करें।
दूसरी किया एक कुर्सी के आगे खडे हों आर अपने हाथ आर बाजू सामने ले जाए। हाथों को इसी थिति में रखते हए कुसी पर बठे। फिर हाथ इसी थिति में रखते हए खडे हो जाए। यह भी आठ बार करें।
तीसरी किया दोनों हाथों में डबल लेकर खडे हो जाए। डबल एकदूसरे की ओर रहने चाहिए। बाजू फलाते हए ऊपर ले जाए। फिर वापस जाए। ऐसा आठ बार करें।
चाथी किया हाथों में डबल लेकर बिना बाजू की कुर्सी पर बठ जाए। कमर जरा सी आगे झुकाते हए कोहनियों को मोड कर वजन ऊपर पर ले जाए, फिर नीचे ले आए। ऐसा भी आठ बार करें।
पाचवीं किया कुर्सी के पीछे खडे हो जाए। कुर्सी का सहारा न लेते हए कुर्सी पर हाथ हका सा टेक लें। पजों के बल पर खडे होने का यास करें। ३ सेकड कें। फिर वापस आए। ऐसा आठ बार करें।
छठी किया बिना बाजू की कुर्सी पर बठें। दोनों हाथों में डबल लें। बाहें सीधी रखते हए उहें कधे के बराबर लें। फिर वापस ले जाए। ऐसा आठ बार करें।
सातवीं किया दोनों हाथों में डबल पकड कर खडी हो जाए। कोहनियों को मोड कर डबल कधे तक ले जाए। फिर नीचे ले आए। ऐसा आठ बार करें।
सावधानिया :
* ये यायाम धीमी गति से किए जाने चाहिए।
* शुआत हमेशा हके वजन से करें। यदि डेढ किलो का वजन अधिक लगे तो आधे या एक किलो के वजन से शुआत कर सकते ह।
* यदि आठ बार यायाम करने पर भी आपको थकान न महसूस हो, तो आप उससे भारी वजन से यायाम कर सकती ह। साह में तीन बार से अधिक ये यायाम न करें ताकि आपकी मासपेशियों को आराम मिल सकें।
* अपनी डायरी में यायाम का रिकाड रखें ताकि आपको पता चल सके कि आप कितना आगे बढे ह।
* इतना हका यायाम भी नियमित कर आप अपने शरीर में एक नया आकषण पदा कर सकती ह आर आयु बढने के बावजूद आप अधिक चुत आर फूतिवान अनुभव करेंगी।
