भारत के साथ सार्थक वार्ता के पक्ष में है पाक
इस्लामाबाद। पाकिस्तान ने विदेश सचिव स्तर की वार्ता के लिये भारत की पेशकश पर प्रतिक्रिया जताते हुए आज कहा कि वह नयी दिल्ली के साथ एक सार्थक और नतीजा देने वाली समग्र वार्ता चाहता है, लेकिन इसके लिये प्रस्तावित की गई तारीखें उसे स्वीकार हैं या नहीं, इस पर वह चुप्पी साधे हुए है। पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने वार्ता के बारे में भारत की पेशकश पर चर्चा करने के लिये एक अंतर मंत्रिमंडलीय बैठक की अध्यक्षता की। इस वार्ता के लिये १८ और २५ फरवरी की तारीख प्रस्तावित की गई है।
बैठक में विदेश सचिव सलमान बशीर, भारत के लिये नियुक्त पाकिस्तान के उच्चायुक्त शाहिद मलिक, महानिदेशक (दक्षिण एशिया) अफ्रासाइब मेंहदी हाशमी और सेना, आईएसआई, रक्षा विभाग तथा आंतरिक मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी शरीक हुए। पाकिस्तानी विदेश विभाग द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है, ‘दक्षिण एशिया में शांति, विकास और स्थायित्व के लिये तथा इस्लामाबाद एवं नयी दिल्ली के बीच सभी लंबित मुद्दों के हल के लिये पाकिस्तान सरकार द्वारा बैठक में भारत के साथ एक सार्थक और नतीजा देने वाली समग्र वार्ता प्रक्रिया में शमिल होने के वादे की फिर पुष्टि की गई।’
पाकिस्तान को भारत द्वारा वार्ता के लिये प्रस्तावित की गई तारीखें स्वीकार हैं या नहीं, इस बारे में इस बयान में कुछ भी नहीं कहा गया है। गौरतलब है कि विदेश सचिव निरूपमा राव ने अपने समकक्ष सलमान बशीर को वार्ता के लिये नयी आने का न्यौता दिया है।
भारत ने कहा है कि वार्ता आतंकवाद के मुद्दे पर केंद्रित होगी, लेकिन यदि पाकिस्तान और भी कोई मुद्दा उठायेगा, तो उस पर वह चर्चा करने के लिये तैयार होगा।
बयान में कहा गया है कि यह अंतर मंत्रिमंडलीय बैठक भारत की पेशकश पर विचार करने और भारत के प्रस्ताव के प्रति पाकिस्तान का विचार जानने के लिये आयोजित की गई।
